Wheel Alignment vs Tyre Pressure: कार के टायर में हवा कम है या Wheel Alignment बिगड़ा है? ऐसे करें पता

Wheel Alignment vs Tyre Pressure: अगर आपकी कार चलते समय एक तरफ खींचने लगे, स्टीयरिंग सीधा न रहे या फिर गाड़ी पहले जैसी माइलेज न दें तो हर बार इंजन को दोष देना सही नहीं होता है. कई बार इसकी वजह टायर में कम हवा होना या फिर खराब व्हील अलाइनमेंट होती है. यह दोनों समस्याएं न सिर्फ टायरों की उम्र कम करती है, बल्कि कार की हैंडलिंग, ब्रेकिंग और सुरक्षा पर सीधा असर डालती है. समय रहते इन संकेतों को पहचान लिया जाए तो हजारों रुपये के नुकसान और सड़क हादसों से बचा जा सकता है.
वहीं व्हील अलाइनमेंट खराब होने पर कार कुछ संकेत देने लगती है. अगर सीधी सड़क पर गाड़ी चलाते समय स्टीयरिंग व्हील सीधा रखने के बावजूद टेढ़ा महसूस हो या कार एक तरफ जाने लगे तो यह व्हील अलाइनमेंट बिगड़ने का संकेत हो सकता है.
अगर बिना स्टीयरिंग घूमाए कार लगातार दाएं या बाईं तरफ जाने लगे तो अलाइनमेंट की जांच करानी चाहिए. इसके अलावा अगर टायर का केवल अंदरूनी या बाहरी हिस्सा ज्यादा घिस रहा है या ट्रेड असमान तरीके से खत्म हो रहा है, तो यह खराब व्हील अलाइनमेंट की पहचान है.
अगर स्टीयरिंग घुमाने में पहले से ज्यादा मेहनत लग रही हो या कार चलाते समय कंपन और झटके महसूस हो तो इसकी वजह अलाइनमेंट या व्हील बैलेंसिंग हो सकती है.
वहीं कार की हर समस्या भी अलाइनमेंट ही नहीं होती, कई बार टायर में हवा कम होने पर भी गाड़ी की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है.
कार में हवा कम होने से गाड़ी सुस्त महसूस होने लगती है, माइलेज कम हो जाता है, टायर घिसने लगते हैं, हाई स्पीड पर कार की पकड़ कमजोर हो सकती है और इंजन पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है. अगर कार सिर्फ भारी महसूस हो रही है और खींच नहीं रही है, तो ऐसे में टायर प्रेशर भी जरूर चेक करना चाहिए.
इसके अलावा आजकल ज्यादातर नई कारों में टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम दिया जाता है. इसमें हर टायर में लगे सेंसर लगातार हवा का दबाव मापते रहते हैं. जैसे ही किसी टायर का प्रेशर तय सीमा से कम होता है, उसकी जानकारी वायरलेस तरीके से कार के डिस्प्ले तक पहुंच जाती है और ड्राइवर को तुरंत अलर्ट मिल जाता है.
वहीं अक्सर लोग व्हील अलाइनमेंट और व्हील बैलेंसिंग को एक समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग-अलग प्रक्रिया है. व्हील अलाइनमेंट में पहियों के एंगल को कंपनी के तय मानकों के अनुसार सेट किया जाता है, ताकि कार सीधी चले और टायर समान रूप से घिसें.