Vastu Tips: घर के बाहर रखा शू रैक बन सकता है परेशानियों की वजह? जानिए वास्तु के सही नियम

वास्तु टिप्स
अमूमन लोग घर में गंदगी न हो इसलिए शू रैक मेनगेट के पास बाहर रखते हैं लेकिन वास्तु एक्सपर्ट नीतिका शर्मा के अनुसार वास्तु में इसे दरिद्रता का कारण बताया गया है. घर के मुख्य द्वार से सकारात्मक ऊर्जा और मां लक्ष्मी का प्रवेश होता है, इसलिए शू रैक को कभी भी मेन गेट के ठीक सामने या चौखट से सटाकर नहीं रखना चाहिए. इससे बरकत पर बुर असर पड़ सकता है.
कहां रखें शू रैक - जूते-चप्पल को राहु-केतु की ऊर्जा से जोड़ा जाता है इसलिए शू रैक रखने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सही मानी गई है. यदि यह संभव न हो, तो पश्चिम, दक्षिण या उत्तर-पश्चिम दिशा में भी इसे रखा जा सकता है.
अगर मजबूरी में शू रैक को मुख्य द्वार के पास रखना पड़े, तो उसे मुख्य चौखट से कम से कम 2 फीट की दूरी पर रखें। साथ ही, शू रैक के ऊपर कांच के बर्तन में समुद्री नमक रखें। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, समुद्री नमक आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का कार्य करता है.
शू रैक ऐसी न लें जो खुली हुई हो, बंद दरवाजे वाली शू रैक रखें. माना जाता है कि इससे जूते-चप्पलों से जुड़ी नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में नहीं फैलती और घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है.
वास्तु के अनुसार शू रैक भूलकर भी उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में न रखें. ये देवताओं की दिशा है. इस दिशा में शू रैक रखने से करियर, बिजनेस और आर्थिक उन्नति में बाधाएं आने लगती है, ऐसी मान्यता है.