Low Run Car Service Time: कम चलने वाली कार को कितने महीने में पड़ती है सर्विस की जरूरत? जान लीजिए काम की बात

Low Run Car Service Time: कई बार लोग नई कार खरीद लेते हैं, लेकिन उन्हें कार की परफॉर्मेंस और उसके फीचर्स की ज्यादा जानकारी नहीं होती है. ऐसे में कई लोगों का कई बार यह सवाल भी आता है कि गाड़ी की सर्विस कब करानी चाहिए. दरअसल लोग कई बार यह सोच लेते हैं कि अगर कार ज्यादा नहीं चली तो उसकी सर्विस कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन कार की सर्विस केवल किलोमीटर के हिसाब से नहीं बल्कि समय के हिसाब से भी जरूरी मानी जाती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कम चलने वाली कार को कितने महीनों में सर्विस की जरूरत पड़ती है.
कई ऑटो एक्सपर्ट्स यह बताते हैं कि ज्यादातर कार निर्माता कंपनियां 10,000 किलोमीटर या 1 साल जो भी पहले पूरा हो पर सर्विस कराने की सलाह देती है. चाहे गाड़ी ज्यादा चली हो या नहीं.
दरअसल भले ही कार खड़ी रहे, लेकिन समय के साथ इंजन ऑयल अपनी क्वालिटी खोने लगता है, एयर फिल्टर में धूल जमा हो सकती है, बैटरी की क्षमता घट सकती है और ब्रेक ऑयल व कूलेंट का प्रभाव भी कम होने लगता है. इसलिए कम इस्तेमाल होने वाली कार को भी नियमित सर्विस की जरूरत पड़ती है.
नई कारों के लिए आमतौर पर पहला सर्विस शेड्यूल 1000 किलोमीटर के आसपास होता है. इसके बाद दूसरी सर्विस 5000 किलोमीटर या 6 महीने और तीसरी सर्विस 10,000 किलोमीटर या 1 साल पर कराई जाती है. हालांकि हर कंपनी का शेड्यूल थोड़ा अलग होता है, इसलिए ओनर को कंपनी का मैनुअल भी देखना चाहिए.
अगर आपकी कार 5 साल से ज्यादा पुरानी है या 70,000 किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी है तो उसके पार्ट्स से तेजी से घिसने लगते हैं. ऐसे में एक्सपर्ट्स हर 5,000 किलोमीटर या 3 से 6 महीने के अंदर सर्विस कराने की सलाह देते हैं.
सर्विस में सिर्फ कार का इंजन ऑयल ही बदला नहीं जाता है बल्कि सर्विस के दौरान ऑयल फिल्टर, एयर फिल्टर, ब्रेक सिस्टम, बैटरी, टायर प्रेशर, सस्पेंशन, कूलेंट लेवल, वाइपर, लाइट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की भी जांच की जाती है. कई सर्विस सेंटर इंजन और सेंसर की डायग्नोस्टिक स्कैनिंग भी करते हैं.
अगर कार से आवाज आने लगे, माइलेज अचानक कम हो जाए, डैशबोर्ड पर चेक इंजन लाइट जलने लगे, गाड़ी स्टार्ट होने में दिक्कत आए या ब्रेक लगाते समय कंपन महसूस हो तो तय सर्विस डेट का इंतजार नहीं करना चाहिए, ऐसे संकेत बताते हैं कि कार को तुरंत जांच की जरूरत है.