How Airbags Work: कार में 6 Airbags हैं, लेकिन क्या सभी एक साथ खुलते हैं? जानें कौन सा Airbag कब आता है काम?

भारत में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं. कई बार दुर्घटना इतनी अचानक होती है कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता. ऐसे समय में कार के अंदर लगे Airbags यात्रियों की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं. पिछले कुछ सालों में कार सुरक्षा को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ी है, इसलिए अब 6 Airbags वाली कारों की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. साथ ही सरकार ने भी कार सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई नियमों पर चर्चा की है और कंपनियां लगातार ज्यादा Airbags देने लगी हैं. हालांकि कई लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि अगर कार में 6 Airbags लगे हैं तो क्या दुर्घटना के समय सभी Airbags एक साथ खुल जाते हैं? तो इसका जवाब है नहीं. Airbags दुर्घटना की दिशा और उसके असर के हिसाब से खुलते हैं.
Airbag कोई साधारण तकिया नहीं होता. कार के अंदर कई सेंसर लगे होते हैं जो टक्कर की ताकत और दिशा को पहचानते हैं. जैसे ही सेंसर को गंभीर टक्कर का संकेत मिलता है, Airbag कुछ मिलीसेकंड में खुल जाता है. यह इतनी तेजी से काम करता है कि कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि Airbag कब खुला. इसका काम सिर, छाती और शरीर के दूसरे हिस्सों को डैशबोर्ड, स्टीयरिंग या दरवाजे से टकराने से बचाना होता है. लेकिन Airbag तभी सबसे ज्यादा सुरक्षा देता है जब यात्री सीट बेल्ट भी लगाए हुए हों.
Airbags वाली कार में कुल छह तरह के एयरबैग होते हैं, जो अलग-अलग परिस्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं. इनमें ड्राइवर एयरबैग और फ्रंट पैसेंजर एयरबैग सामने से होने वाली टक्कर के दौरान सुरक्षा देते हैं. इसके अलावा ड्राइवर साइड एयरबैग और फ्रंट पैसेंजर साइड एयरबैग कार के साइड से टक्कर लगने पर शरीर को चोट से बचाते हैं. वहीं लेफ्ट कर्टेन एयरबैग और राइट कर्टेन एयरबैग कार की छत के किनारों में लगे होते हैं, जो साइड एक्सीडेंट या गाड़ी पलटने की स्थिति में यात्रियों के सिर को गंभीर चोट लगने से बचाते हैं. आसान भाषा में कहें तो 6 Airbags में 2 फ्रंट एयरबैग, 2 साइड एयरबैग और 2 कर्टेन एयरबैग शामिल होते हैं, जो दुर्घटना के समय अलग-अलग दिशा से मिलने वाली टक्कर के अनुसार काम करते हैं.
Front Airbag को सबसे आम Airbag माना जाता है. यह ड्राइवर और आगे बैठे यात्री के लिए लगाया जाता है. ड्राइवर वाला Airbag स्टीयरिंग के अंदर होता है, जबकि सामने बैठे यात्री का Airbag डैशबोर्ड में लगाया जाता है. अगर कार सामने से किसी दूसरी गाड़ी, दीवार या किसी मजबूत चीज से टकराती है, तब सबसे पहले Front Airbag खुलता है. लेकिन अगर टक्कर केवल साइड से हुई है या पीछे से हुई है, तो जरूरी नहीं कि Front Airbag खुले. इसका पूरा फैसला सेंसर करते हैं.
6 Airbags वाली कारों में दो Side Airbags भी दिए जाते हैं. ये आमतौर पर आगे की सीटों के किनारे लगे होते हैं. अगर कार को बगल से जोरदार टक्कर लगती है, तब ये Airbags खुलते हैं. साइड एक्सीडेंट में सबसे ज्यादा खतरा छाती और कमर के हिस्से को होता है. ऐसे में Side Airbag शरीर और दरवाजे के बीच सुरक्षा की एक परत बना देता है. यही वजह है कि शहरों में होने वाले कई साइड एक्सीडेंट में ये Airbags गंभीर चोटों को कम करने में मदद करते हैं.
बहुत से लोग Curtain Airbag के बारे में नहीं जानते. यह कार की छत के किनारों में लगाया जाता है. जब कार को साइड से बहुत तेज टक्कर लगती है या गाड़ी पलटने जैसी स्थिति बनती है, तब Curtain Airbag खुलता है. इसका काम यात्रियों के सिर को खिड़की, दरवाजे या बाहर की किसी चीज से टकराने से बचाना होता है. खास बात यह है कि Curtain Airbag सिर्फ आगे बैठे लोगों को ही नहीं बल्कि पीछे बैठे यात्रियों को भी सुरक्षा देता है.
अक्सर बहुत से लोगों को यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी होती है कि कार के सभी Airbags एक साथ तभी खुलते हैं जब दुर्घटना की स्थिति वैसी हो और सेंसर उसे जरूरी समझें. उदाहरण के लिए अगर कार सामने से टकराई है तो केवल Front Airbags खुल सकते हैं. अगर टक्कर साइड से हुई है तो Side और Curtain Airbags खुल सकते हैं. कई मामलों में सिर्फ एक या दो Airbags भी खुलते हैं. इसका मकसद जरूरत के हिसाब से सुरक्षा देना होता है, ताकि Airbag सही जगह पर काम करे और अतिरिक्त नुकसान न हो.
कई लोग मानते हैं कि कार में 6 Airbags हैं तो सीट बेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है. लेकिन यह सोच गलत है. सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Airbag और सीट बेल्ट दोनों साथ मिलकर काम करते हैं. अगर सीट बेल्ट नहीं लगी हो तो Airbag भी पूरी सुरक्षा नहीं दे पाता. कई बार बिना सीट बेल्ट के Airbag खुलने पर चोट लगने का खतरा भी बढ़ सकता है. इसलिए कार में चाहे 2 Airbags हों या 6, सीट बेल्ट हमेशा लगानी चाहिए.