Ramleela: देश की सबसे पुरानी रामलीला कौन सी है ? जानें इसका इतिहास

रामलीला का इतिहास
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन लोग श्रीराम की पूजा कर रावण का पुतला जलाते हैं. इस दिन राम लीला का आयोजन कर भगवान राम की विजय और रावण की हार की लीला के बाद दशहरा मनाया गया.
भारत की सबसे पुरानी राम लीला लखनऊ की ऐशबाग राम लीला मानी जाती है. गंगा-जमुनी तहजीब की प्रतीक, ऐशबाग की रामलीला के बारे में कहा जाता है कि खुद तुलसीदास ने इसकी शुरुआत की थी.
ऐशबाग राम लीला के बारे में कहा जाता है कि इसकी शुरुआत 1860 में हुई थी. तुलसीदास जी चित्रकूट, वाराणसी और लखनऊ में सबसे पहली राम लीला की नींव रखी थी.
मान्यता है कि ऐशबाग की राम लीला को असली पहचान अवध के नवाब असफउद्दौला ने दी थी. कहते हैं कि पहले ये राम लीला नहीं बल्कि राम कथा का मंचन होता है, जिसमें अयोध्या के साधु-संत रामकथा का नाटक खेलते थे.
राम लीला, भगवान राम के पूरे जीवन की एक नाटकीय प्रस्तुति है, जो अपने बालकाल , युवा काल के राम के इतिहास से शुरू होती है और भगवान राम और रावण के बीच 10 दिनों के लिए युद्ध के साथ समाप्त होती है.