घर खरीदने से पहले जान लें! वास्तु के ये 4 नियम, वरना खरमास के बाद भी होगा नुकसान!
हिंदू परंपराओं में वास्तु शास्त्र की अहम भूमिका है. भूमि खरीदने से लेकर घर बनाने तक और उसमें प्रवेश करने से जुड़ी रीति-रिवाजों तक जीवन के अलग-अलग पहलुओं को प्रभावित करता है. वास्तु से जुड़े इन नियमों की अनदेखी करने से वास्तु दोष उत्पन्न हो सकते हैं, जिससे जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. अगर आप खरमास के अशुभ काल के बाद घर खरीदने का मन बना रहे हैं तो वास्तु के इन नियमों का ध्यान रखना जरूरी है.
घर या प्रॉपर्टी का चुनाव करते समय सुनिश्चित करें कि, श्मशान घाट आस-पास न हो, क्योंकि ये क्षेत्र आमतौर पर नकारात्मक ऊर्जा से भरे होते हैं, जो आपके नए घर की ऊर्जा को प्रभावित करने के साथ शांति और सद्धाव भंग कर सकते हैं.
इस बात का भी ध्यान रखना जरूरी है कि, घर के आस-पास कचड़े का ढेर न हो. ऐसा स्थान घर के वास्तु पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है, इसलिए इन क्षेत्रों के आस-पास घर बनाने से बचना चाहिए.
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के पास बड़े गड्ढे या कुआं होने से आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए ऐसी जगहों का चुनाव करने से पहले घर के आसपास चीजों को सुनिश्चित कर लें.
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, कभी भी घर के उत्तर दिशा की ओर पहाड़ नहीं होना चाहिए. यह दिशा देवी-देवताओं से जुड़ी मानी जाती है, और किसी भी तरह की रुकावट हवा के प्रवाह और आवागमन में बाधा डाल सकती है, जो घर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है.