बुध-शुक्र के टकराव से 4 राशियों पर संकट! जानें इसके प्रभाव और ज्योतिषीय उपाय?
ज्योतिष शास्त्र में एक शब्द है ग्रहों का युद्ध, ग्रहों की चाल मानव जीवन को काफी गहराई से प्रभावित करती है. वैदिक ज्योतिष के अनुसार, जब 2 या उससे अधिक ग्रह लगभग एक समान शक्ति के साथ एक ही राशि में काफी करीब आ जाते हैं, तो उस स्थिति को ग्रह युद्ध कहा जाता है. इस अवस्था को अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह संबंधित ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा को कमजोर करने का काम करता है.
द्रिक पंचांग के मुताबिक, बुध और शुक्र 28 जनवरी से लेकर 31 जनवरी 2026 तक करीब 2.5 दिनों के लिए ग्रह युद्ध स्थिति में रहेंगे. यह दुर्लभ संयोग सभी राशियों के साथ-साथ वैश्विक घटनाओं को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में इस दौरान कुछ लोगों को लाभ तो कुछ राशियों को विशेष सावधानियां बरतने की जरूरत है.
कर्क राशि के जातकों के लिए यह अवधि भावनात्मक रूप से काफी मुश्किल भरी साबित हो सकती है. परिवार में सदस्यों या अपने साथी को लेकर किसी गलतफहमी का शिकार हो सकते हैं, ऐसे में शांत मन से संचार करने की सलाह है. पैसे या निवेश से जुड़े मामलों में सावधानी बरतनें की जरूरत है, क्योंकि बुध-शुक्र का टकराव प्रेम और सद्भाव को प्रभावित कर सकता है.
तुला राशि के जातकों को इस दौरान फैसले लेने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है. मानसिक उलझन और तनाव के कारण मित्रता और प्रेम संबंधों में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. 28 जनवरी के बाद बड़े निवेश और यात्रा से जुड़ी योजनाओं में सावधानी बरतनें की जरूरत है. ध्यान और मानसिक साधना करने से भावनात्मक संतुलन बना रहेगा.
मकर राशि के जातकों के लिए इस दौरान पारिवारिक जिम्मेदारियों से भरा रहने वाला है. ग्रहों के संघर्ष के कारण प्यार, सौंदर्य और रिश्तों को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है. किसी भी तरह के नए प्रोजेक्ट, निवेश और यात्राओं में जल्दबाजी दिखाने से बचना चाहिए.
मीन राशि के जातकों के लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा हो सकता है. घर-परिवार में छोटी अनबन गंभीर रूप ले सकती हैं. बुध और शुक्र के टकराव से फैसले लेने की क्षमता भी प्रभावित होगी, इसलिए कोई भी नया काम शुरू करने से पहले बड़ों की राय लें. आध्यात्मिक साधना के जरिए मन को शांत कर सकते हैं.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.