80% से ऊपर चार्ज करना पड़ सकता है भारी! जानिए क्या है 80-20 बैटरी का नियम जो फोन का बैकअप बना देगा दमदार
80-20 बैटरी रूल के मुताबिक फोन की बैटरी को न तो पूरी तरह खाली होने देना चाहिए और न ही बार-बार 100% तक चार्ज करना चाहिए. इस नियम में सलाह दी जाती है कि जब बैटरी 20% के आसपास पहुंच जाए तभी फोन को चार्ज पर लगाएं और 80% तक पहुंचते ही चार्जर हटा लें. ऐसा करने से बैटरी पर पड़ने वाला प्रेशर कम हो जाता है और उसकी लाइफ लंबी हो जाती है.
अक्सर लोग सोचते हैं कि फोन को 100% तक चार्ज करना सबसे बेहतर तरीका है ताकि ज्यादा बैकअप मिले. लेकिन हकीकत इससे उलट है. जब बैटरी पूरी तरह चार्ज हो जाती है, तो उसमें ज्यादा गर्मी पैदा होती है जो धीरे-धीरे बैटरी की केमिकल कैपेसिटी को कमजोर करती है. यही वजह है कि लंबे समय तक 100% चार्ज पर रखने से बैटरी जल्दी खराब होने लगती है.
सिर्फ ओवरचार्जिंग ही नहीं बल्कि बैटरी को बार-बार 0% तक ले जाना भी नुकसान पहुंचाता है. पूरी तरह डिस्चार्ज होने से बैटरी सेल्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है और उनकी चार्ज होल्ड करने की क्षमता कम होने लगती है. इससे फोन का बैकअप तेजी से गिरने लगता है और बार-बार चार्ज करने की जरूरत पड़ती है.
अगर आप 80-20 बैटरी रूल को अपनी आदत बना लेते हैं तो इसका फायदा लंबे समय तक नजर आता है. इससे बैटरी की हेल्थ बेहतर बनी रहती है, चार्ज ज्यादा समय तक टिकता है और फोन जल्दी गर्म नहीं होता. खासकर आज के महंगे स्मार्टफोन में यह आदत आपको भविष्य में बैटरी रिप्लेसमेंट के खर्च से भी बचा सकती है.
हालांकि रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी में हर बार 80% पर चार्जर हटाना आसान नहीं होता, लेकिन जहां तक संभव हो इस नियम को अपनाना समझदारी है. खासतौर पर अगर आप अपने फोन को 2-3 साल तक इस्तेमाल करना चाहते हैं तो 80-20 बैटरी रूल आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है.
अंत में यही कहा जा सकता है कि बैटरी की उम्र बढ़ाने के लिए महंगे चार्जर या ऐप्स से ज्यादा जरूरी सही चार्जिंग आदतें हैं. थोड़ा सा ध्यान और सही तरीका अपनाकर आप अपने स्मार्टफोन के बैकअप को लंबे समय तक दमदार बनाए रख सकते हैं.