चंद्र ग्रहण में जन्म लेने वाले बच्चे पर क्या पड़ता है प्रभाव ?

चंद्र ग्रहण 2026
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र ग्रहण जहां दिखाई देता है वहां रहने वाले लोगों पर इसका असर देखने को मिलता है. 28 अगस्त का चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका में नजर आएगा.
ज्योतिष शास्त्र में चंद्र ग्रहण में प्रेग्नेंट महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा जाता है, ताकि बच्चे और मां पर बुरा असर न पड़े लेकिन इस दौरान अगर किसी बच्चे का जन्म हो तो क्या उस पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है, ज्योतिष और वैज्ञानिक तर्क क्या है जान लें.
बृहत् पाराशर होरा शास्त्र की परंपरा के अनुसार ग्रहणकाल में जन्म को चुनौतीपूर्ण माना गया है. इस ग्रंथ के अध्याय 91 में बताए श्लोक में लिखा है - सूर्येन्दुग्रहणे काले येषां जन्म भवेद् द्विज। व्याधिः कष्टं च दारिद्र्यं तेषां मृत्युभयं भवेत्॥ अर्थात ग्रहणकालीन जन्म को स्वास्थ्य संबंधी कष्ट, जीवन में संघर्ष और आर्थिक कठिनाइयों की आशंका से जोड़ा गया है.
वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रहण के समय चंद्रमा की स्थिति राहु से प्रभावित मानी जाती है. इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से ऐसे जन्म में चंद्रमा की स्थिति, राहु की स्थिति और दोनों के बीच की डिग्री दूरी को विशेष रूप से देखा जाता है.
चंद्र ग्रहण में जन्म होने पर सूर्य की प्रतिमा और राहु की प्रतिमा, शांति पूजा आदि का उल्लेख मिलता है. इसके जरिए ग्रहण-सम्बंधी दोष निवारण किया जा सकता है.
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है इसका जन्म और मृत्यु पर असर नहीं होता.ज्योतिषीय ग्रंथ में भी ग्रहणकालीन जन्म को विशेष मानकर शांति-विधान बताए हैं, लेकिन बच्चे का पूरा भविष्य सिर्फ ग्रहण के समय जन्म नहीं बल्कि उसकी पूरी कुंडली पर आधारित होता है.