Shardiya Navratri 2025: शारदीय नवरात्रि में कैसे प्रसन्न होंगी माता, करें ये 5 छोटे-छोटे उपाय
शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में जगत जननी आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की विशेष पूजा की जाती है. ऐसे में पहले दिन रात को माता को डंठल वाला पान के पत्तों का हार अर्पित करें. कहते हैं इससे रोजगार संबंधी समस्या का अंत होता है.
शारदीय नवरात्रि में शुक्रवार के दिन हल्दी गांठ को लाल कपड़े में लपेटकर देवी के सामने रखें और श्रीसूक्त का पाठ करें. इसके बाद ये गांठ धन के स्थान पर रख दें. मान्यता है इससे तिजोरी सदा भरी रहती है. आय कम नहीं होती.
नवरात्रि के दौरान एक सुपारी को पीले कपड़े में बांधकर माता रानी के चरणों में अर्पित करें. फिर शीघ्र विवाह या मनपसंद से शादी की मनोकामना माता से करें. इसके बाद सुपारी को अपने सिरहाने रखकर सोएं. कहते हैं इससे विवाह में आ रही अड़चने खत्म होती है.
बुरी बाधा परेशान कर रही है तो नवरात्रि में एक त्रिशूल लाकर घर की छत पर लगा दें. वास्तु शास्त्र के अनुसार त्रिशूल रखने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं करती और घर में सुख-शांति बनी रहती है.
परिवार में कोई न कोई बीमार रहता है तो नवरात्रि में 9 दिन तक मां दुर्गा की आरती करते समय दीपक में दो लौंग डाल लें, साथ ही कपूर भी डालें. इसे पूरे घर में घुमाएं. इससे रोगों का नाश होता है.
नवरात्रि में शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए आप मां कालरात्रि की पूजा कर सकते हैं, गुड़ और तिल का भोग लगा सकते हैं, और 'ॐ कालरात्र्यै नमः' मंत्र का जाप कर सकते हैं.