Shani Jayanti 2024: शनि देव के 5 प्रसिद्ध मंदिर, यहां दर्शन मात्र से दूर होते हैं कष्ट
शनिचरा मंदिर, मुरैना - म.प्र के ग्वालियर के नजदीक एंती गांव में शनि देव का प्रतिष्ठित मंदिर है. माना जाता है कि यहां मौजूद शनि की प्रतिमा आसमान से टूट कर गिरे एक उल्कापिंड से निर्मित है. कहते हैं कि हनुमान जी ने शनिदेव को रावण की कैद से मुक्त कराकर उन्हें मुरैना पर्वतों पर विश्राम करने के लिए छोड़ा था.
शनि शिंगणापुर - महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर विश्व प्रसिद्ध है. यहां शनि देव की काले रंग की प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है. शनि की शीला के ऊपर कोई छत्त नहीं है. कहते हैं यहां दर्शन मात्र से शनि दोष दूर हो जाते हैं.
कोकिलावन धाम - मथुरा कृष्ण भक्ति ही नहीं शनि प्रकोप मुक्ति का धाम भी है. यहां के कोकिलावन धाम में शनि देव का प्राचीन मंदिर है. कहा जाता है कि शनि देव ने भगवान श्री कृष्ण के दर्शन के लिए कठोर तपस्या की थी. जिससे प्रसन्न होकर भगवान श्री कृष्ण ने शनि देव को कोयल रूप में दर्शन दिए थे. यहां जो कोकिलावन की परिक्रमा कर लेता है उस पर शनि का प्रकोप नहीं रहता.
शनि मंदिर, इंदौर - शनि देव का प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर जूनी इंदौर में स्थित है.मान्यता है ये दुनिया का सबसे प्राचीन शनि मंदिर है. कहते हैं यहां स्वंय शनि देवता पधारे थे.
शनि तीर्थ क्षेत्र, असोला, फतेहपुर बेरी - ये मंदिर दिल्ली के महरौली में स्थित है। यहां शनि देव की सबसे बड़ी मूर्ति विद्यमान है, जो कि अष्टधातुओं से बनी है.
शनि जयंती पर शनि देव का पूजन करने वालों के समस्त शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्ट दूर हो जाते हैं उन्हें सुख की प्राप्ति होती है.