Sakat Chauth 2026: सकट चौथ पर संतान की लंबी आयु और खुशहाली के लिए घर में कहां जलाएं दीपक ?
हिंदू धर्म में बिना दीपक प्रज्वलित किए पूजा नहीं की जाती है, मान्यता है कि अग्निदेव को साक्षी मानकर हम अपनी भक्ति और श्रद्धा ईश्वर के प्रति प्रकट करते हैं इसलिए दीपक जरुर जलाया जाता है.
सकट चौथ संतान सुख और बच्चों की खुशहाली के लिए किया जाने वाला व्रत है. ऐसे में इस दिन गणपति पूजा के अलावा घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में भी दीपक जलाना चाहिए. ये दिशा देवताओं की मानी गई है.
धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ व्रत के दिन ईशान कोण में घी का दीपक लगाने से संतान को मां लक्ष्मी का आशीर्वाद और गणेश जी का साथ प्राप्त होता है. गणपति की कृपा से संतान की आयु लंबी होती है और व्यक्ति समस्त संकटों से मुक्ति पाता है.
जो लोग संतान सुख से वंछित हैं उन्हें सकट चौथ व्रत के दिन गणपति जी के दाई ओर एक घी का दीपक लगाना चाहिए. ये दीपक सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक जलना चाहिए. दीपक प्रज्वलित करते समय बप्पा से सूनी गोद भरने की कामना करें, इसमें काला तिल डालें.
संतान को बुरी नजर से बचाने के लिए सकट चौथ व्रत वाले दिन शाम को दीपक में लौंग और कपूर डालकर आरती करें. इसे पूरे घर में घुमाएं. मान्यता है इससे संतान को आरोग्य मिलता है.
वास्तु के अनुसार सकट चौथ के शुभ दिन पर मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से घर में सौभाग्य का प्रवेश होता है और बच्चों के मान-सम्मान में वृद्धि होती है.