Ramayan Quotes: सदैव दूसरे का हित करें..रामायण से पढ़ें जिंदगी की सिख देने वाले अनमोल वचन
जिनके मन में सदैव दूसरे का हित करने की अभिलाषा रहती है. अथवा जो सदा दूसरों की सहायता करने में लगे रहते हैं, उनके लिए संपूर्ण जगत में कुछ भी दुर्लभ नहीं है.
व्यक्ति सामने ना होने पर भी नाम से उसको जाना जा सकता है, परंतु नाम के बिना व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकती.
इस दोहे का अर्थ है कि हमारा शरीर एक खेत के समान है और मन इस खेत का किसान है. किसान जैसे बीज खेत में बोता है अंत में उसे वैसे ही फल मिलते हैं. इसी तरह अपने पाप या पुण्य का फल भी व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही मिलता है.
इस दोहे में तुलसी जी उन लोगों के बारे में बताते हैं जिनके मन में काम, गुस्सा, अहंकार और लालच भरा हुआ है. इस स्थिति में ज्ञानी और मूर्ख व्यक्ति एक ही समान है.
इस दोहे का अर्थ है कि मीठी वाणी बोलने से चारों ओर सुख का प्रकाश फैलता है. मीठी वाणी बोलकर किसी को भी सम्मोहित किया जा सकता है. इसलिए मनुष्य को कठोर और तीखी वाणी छोड़कर हमेशा मीठे वाणी ही बोलना चाहिए.