Punjabi Wedding: पंजाबी शादी में चुन्नी चढ़ाने, चूड़ा, कलीरे और घड़ोली की रस्म है खास, जानें इसका महत्व
पंजाबी शादी की अपनी रस्में और रीति-रिवाज हैं. पंजाबी शादी का मतलब मस्ती, ढोल, शोर शराबा. पंजाबी विवाह की रस्में अलग होती है. सबसे पहले रिश्ता पक्का होते वक्त सगाई होती है जिसे पंजाबी मे ठाका या रोका कहते हैं.
इसके बाद इसमें चुन्नी चढ़ाने की रस्म को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. जिसमें लड़के के घर की चुन्नी लड़की को उड़ाई जाती है और इस दिन सगाई की जाती है. ऐसा माना जाता है इस दिन से वर-वधु का रिश्ता पक्का माना जाता है.
चूड़ा पंजाबी शादी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. इस दिन लड़की को लाल रंग का चूड़ा मामा द्वारा पहनाया जाता है. चूड़े को पहले दूध और गुलाब में रखा जाता है. फिर सभी शादी में आए लोग उसको हाथ लगाते हैं और आशीर्वाद देते हैं. इसके बाद दुल्हन आपनी आंखे बंद करती हैं और उसे मामा और मामी चूड़ा पहनाते हैं. लेकिन शादी के समय तक इस चूड़े को ढक दिया जाता है.
कलीरे भी पंजाबी शादी की देन है. इसे चूड़ा सेरेमनी के बाद किया जाता है.दुल्हन के दोस्त और बहनें उसको कलीरे बांधते हैं. दुल्हन अविवाहित लड़कियों के सिर पर कलीरे गिराती है, जिसके सिर पर कलीरे जल्दी गिरते हैं उसकी शादी जल्दी तय होती है.
घड़ोली सेरेमनी भी पंजाबी शादी में होती है. ये दुल्हा और दुल्हन दोनों पक्ष में होती है. जिसमें भाभी या बहन पास के मंदिर में घड़ा लेकर जाते हैं और पानी भर कर लाते हैं. मंदिर से पानी लाने का अर्थ है देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करना. इस पानी से वर और वधु शादी के दिन नहाते हैं.
इसके बाद शादी के लिए जाते वक्त घोड़ी चढ़ना, मिलनी यानि सभी बाराती का स्वागत गले लगाकर करना. वरमाला, कन्यादान और सात फेरे जैसे महत्वपूर्ण चीजें विवाह के दिन संपन्न की जाती हैं.