Nasik Temple: पीएम मोदी ने नासिक के जिन मंदिरों में पूजा, उनका रामायण काल से क्या है नाता, जानें
रामकुंड - रामकुंड नासिक के प्रमुख मंदिरों में से एक माना जाता है. पौराणिक मान्यता के अनुसार इसी कुंड में श्रीराम ने अपने पिता का अंतिम संस्कार किया था, साथ ही भगवान राम ने यहां स्नान किया था। तभी से इसे रामकुंड कहा जाता है. 22 जनवरी को अयोध्या रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम नरेंद्र मोदी का आज यहां आना विशेष महत्व रखता है.
कालाराम मंदिर - नासिक के पंचवटी क्षेत्र में स्थित श्रीकालाराम मंदिर के गर्भगृह में श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण जी की काले पत्थर की मूर्ति स्थापित है. पंचवटी में भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने वनवास का समय बिताया था, इसलिए इस मंदिर की खास महीमा है.
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग - 12 ज्योतिर्लिंग में त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग ही ऐसा धाम है जहां तीन शिवलिंग एक ही जगह विराजमान है. इस लिंग के तीन मुख (सिर) हैं, जिन्हें भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और एक भगवान रूद्र का रूप माना जाता है. नासिक में गौतम ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर प्रकट हुए थे शिव
सप्तश्रृंगी मंदिर - नासिक से थोड़ी दूर पर देवी सप्तश्रृंगी माता का मंदिर 4800 फुट की ऊंचाई परस्थित है. सप्तश्रृंगी माता को अर्धशक्तिपीठ के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि सात पर्वत अपनी प्राकृतिक सुंदरता से देवी मां का श्रृंगार करते हैं, इसलिए इस मंदिर का नाम सप्तश्रृंगी पड़ा.
सीता गुफा - यह सीता गुफा नासिक में पंचवटी क्षेत्र के अंदर आती है. मान्यता है कि यहां वनवास के दौरान इसी गुफा में सीता जी ने तपस्या और आराधना की थी.