हनुमान जयंती 2025: इन मंदिरों में होते हैं चमत्कारी दर्शन, तस्वीरें देखकर हैरान रह जाएंगे
संकटमोचन हनुमान मंदिर - राजस्थान के भीलवाड़ा में स्थिति इस हनुमान मंदिर में बजरंगबली को एकादशी मुखी हनुमान के नाम से जाना जाता है. यहां हनुमान जी के 11 मुख और 22 भुजाएं हैं. मान्यता है यहां दर्शन मात्र से संकट दूर हो जाते हैं.
हनुमान धारा- उत्तर प्रदेश में सीतापुर के पास यह हनुमान मंदिर है. यह पर्वतमाला के मध्य में है. हनुमान की मूर्ति के ठीक ऊपर दो कुंड हैं, जो हमेशा भरे रहते हैं. उनमें से पानी बहता रहता है. इस धारा का जल मूर्ति के ऊपर से बहता है इसीलिए, इसे हनुमान धारा कहते हैं.
संकटमोचन मंदिर (वाराणसी) - यूपी के बनारस में हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई स्वयंभू मूर्ति है. बजरंगबली ने तुलसीदास जी को यहां दर्शन दिए और उनके आग्रह पर मिट्टी का रूप धारण कर यहीं स्थापित हो गए.
यंत्रोद्धारक हनुमान - बेल्लारी जिले के हंपी शहर में एक हनुमान मंदिर है. इन्हें यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है. ये क्षेत्र प्राचीन किष्किंधा नगरी है. संभवतः यहीं किसी समय वानरों का विशाल साम्राज्य स्थापित था.
सबसे ऊंचे हनुमान - दिल्ली के इस मंदिर को संकट मोचन हनुमान धाम के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा की कुल ऊंचाई 108 फीट है. दिल्ली के कनॉट प्लेस से कुछ दूर करोल बाग में बनी है हनुमान जी की यह विशाल मूर्ति. एक बार बाबा सेवागीर जी महाराज जो वहां तपस्या कर रहे थे, उन्हें हनुमान जी ने सपने में दर्शन दिए और एक बड़ी मूर्ति वहां स्थापित करने की इच्छा व्यक्त की.
बालाजी मंदिर - राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर बालाजी मंदिर प्रेत बाधा से मुक्ति पाने के लिए विशेष माना जाता है. कहा जाता है कि भूत-प्रेतों को उतारने के लिए यहां बालाजी महाराज के सामने अर्जी लगाई जाती है.