Mauni Amavasya 2026: पितृ और देव ही नहीं मौनी अमावस्या पर करें इन पेड़ों की पूजा, जीवन में आएगी खुशहाली
माघ महीने की अमावस्या सालभर पड़ने वाली सभी अमावस्या तिथि में बेहद दुर्लभ मानी जाती है. आज रविवार 18 जनवरी 2026 को साल की पहली और बड़ी अमावस्या है, जिसे माघ अमावस्या, दर्श अमावस्या या मौनी अमावस्या भी कहा जाता है.
मौनी अमावस्या के दिन स्नान-दान, मौन व्रत, संयम, नियम, तप आदि का पालन किया जाता है. इस दिन संगम में पवित्र माघ स्नान का महत्व है. इसके साथ ही आज की अमावस्या पेड़-पौधों की पूजा के लिए भी महत्वपूर्ण होती है.
माघ महीने की मौनी अमावस्या पर तुलसी, पीपल और बेल जैसे पवित्र पेड़-पौधों की पूजा करनी चाहिए. इन पेड़-पौधों की पूजा से देवता और पितृ दोनों का आशीर्वाद मिल जाता है.
हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र पौधा माना जाता है. आज मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद तुलसी में जल देकर पूजन जरूर करें और साथ ही संध्याकाल में तुलसी के पास घी का दीपक भी जलाएं. इससे लक्ष्मी-नारायण की कृपा प्राप्त होती है.
मौनी अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा करना भी शुभ होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, पीपल ऐसा वृक्ष है जिसमें त्रिदेवों के साथ ही पितरों का भी वास होता है. आज पीपल वृक्ष में जल-दूध चढ़ाकर पूजा करें और पितरों का ध्यान करते हुए सात बार परिक्रमा करें. साथ ही सूर्यास्त के बाद पीपल के पास दीपक भी जलाएं
अमावस्या तिथि पर बेल वृक्ष की पूजा का भी महत्व है. इस वृक्ष का संबंध भगवान शिव से होता है. मौनी अमावस्या पर आप बेलवृक्ष की पूजा करें और जल चढ़ाएं. इसी के साथ आज बेल वृक्ष का छोटा सा पौधा अपने घर पर भी लगा सकते हैं.