Hanuman Jayanti 2025: हनुमान जी के 9 ऐसे रूप, जो कम ही लोगों ने देखे होंगे
हर साल फाल्गुन पूर्णिमा के दिन हनुमान जी की जयंती मनाई जाती है, जोकि इस वर्ष शनिवार 12 अप्रैल 2025 को है. हनुमान जी की पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों का भय दूर होता है. बल और बुद्धि का आशीर्वाद मिलता है. हनुमानजी के कई रूप हैं, लेकिन 9 ऐसे दुर्लभ रूप हैं जो विविध शक्तियों और लीलाओं का प्रतीक हैं.
दक्षिणमुखी हनुमान- जब भगवान हनुमान का मुंह दक्षिण की ओर होता है,तो उन्हें दक्षिणमुखी कहते हैं. इस रूप में बजरंगबली की पूजा करने से भय, संकट और चिंता दूर हो जाती है.
सूर्यमुखी हनुमान: भगवान का यह स्वरूप सूर्य देव को समर्पित है. हनुमान जी सूर्य देव को अपना गुरु मानते हैं और इसलिए सूर्यमुखी हनुमान जी की उपासना से आपको ज्ञान, ख्याति और उन्नति की प्राप्ति होती है.
संकटमोचन हनुमान: भगवान का यह रूप भक्तों के सभी संकटों को हरने वाला है. इसमें वे भक्तों के कष्टों को हरते हैं और उन्हें भयमुक्त करते हैं.
बाल हनुमान: बाल हनुमान में रूप भगवान शुद्ध, मासूम और अलौकिक शक्तियों से युक्त होते हैं.
वीर हनुमान: हनुमान जी इस स्वरूप में अपने बल से पूरा पहाड़ उठा लाए थे. सूज-बूझ से पूरी लंका में आग लगा दी थी. हनुमान जी के वीर स्वरूप की पूजा करने से भय दूर होता है.
रुद्र हनुमान: हनुमान जी इस स्वरूप है क्रोध में नजर आते हैं. इसलिए भगवान के इस रूप की पूजा नहीं होती.
रामभक्त हनुमान: यह हनुमान जी का सबसे प्रसिद्ध रूप है, जिसमें वे श्रीराम और माता सीता की भक्ति में लीन रहते हैं. उनके हृदय में श्रीराम-सीता का चित्र होता है.
योग हनुमान: इस रूप में हनुमान ध्यानमग्न मुद्रा में होते हैं, जो योग साधना और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है.
पंचमुखी हनुमान- इस रूप में हनुमान के पांच मुख है, जो हनुमान, नरसिंह, गरुड़, वराह और हयग्रीव हैं. इसी रूप में बजरंगबली ने अहिरावण का वध किया था.