Gular Ke Upay: गूलर के पड़े में किसका वास होता है ? इसके उपायों से कंगाल भी बन जाता है धनवान
गूलर के पेड़ का संबंध शुक्र ग्रह और धन के देवता कुबेर से माना गया है. शुक्र विलासिता भौतिक सुख सुविधाओं, प्रेम, सौंदर्य, आकर्षण,प्रेम विवाह और धन के कारक ग्रह हैं. धन से जुड़ी परेशानियां दूर करने के लिए गूलर के उपाय लाभकारी माने गए हैं.
ग्रंथों के अनुसार गूलर में रोजाना जल चढ़ानें और दीपक लगाने से शुक्र और कुबेर की कृपा मिलती है. कभी धन की कमी नहीं होती.
शुक्रवार के दिन गूलर पेड़ की लकड़ियों से हवन करें, इस दौरान ये मंत्र बोलें - ॐ शं शुक्राय नमः मान्यता है इससे कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है. आर्थिक स्थिति में सुधार होता है.
प्रेम विवाह में अड़चने आ रही हैं तो किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को गूलर के वृक्ष की जड़ घर लाकर गंगाजल से शुद्ध कर लें और फिर इसे चांदी के ताबीज में धारण करें. मान्यता है इससे न सिर्फ लव मैरिज की समस्याएं दूर होती है बल्कि संपत्ति खरीदने की इच्छा भी पूरी होती है.
यौन दुर्बलता दूर करने और भौतिक सुख पाने के लिए शुक्रवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को गूलर के वृक्ष की जड़ में चावल की खीर का भोग लगाएं. फिर इसे खुद खाएं और घर में सबको खिलाएं.
गूलर के फूलों को लेकर कहा गया है कि ये धन कुबेर की संपदा है, इसलिए इसके फूल आजतक कोई नहीं देख पाया. कहते हैं गूलर के फूल रात में खिलते हैं और फिर स्वर्ग में चले जाते हैं, जमीन पर नहीं गिरते.