Christmas 2023: भारत के वो 5 प्रसिद्ध चर्च, जहां क्रिसमस पर प्रार्थना का है विशेष महत्व
गोवा - गोवा में बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस यूनेस्को की विश्व धरोहर है. कहते हैं 450 साल से यहां सेंट फ्रांसिस जेवियर की बॉडी अभी भी सिक्योर रखी है. जिसे हर दशक में एक बार निकाला जाता है.
कोलकाता - कोलकाता का सेंट पॉल कैथेड्रल चर्च एशिया का पहला ऐसा चर्च था जिसका नाम किसी संत के नाम पर रखा गया है. 1847 में बना ये चर्च गोथिक वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है.
मैसूर - 1936 में मैसूरु का सेंट फिलोमेना चर्च एशिया का सबसे लंबा चर्च माना जाता है. इसे निओ-गोथिक शैली में बनाया गया है. चर्च की दीवारों पर ईसा मसीह के जन्म से लेकर उनके पुनर्जन्म तक की घटनाओं को दर्शाया गया है.
कोच्चि - कोच्चि के सेंट फ्रांसिस चर्च को भारत का पहला यूरोपियन चर्च माना गया है. कहते हैं 1503 में बने इस चर्च में महान पुर्तगाली नाविक वास्को-डि-गामा को मरने के बाद दफनाया गया था.
शिमला - हिल्स क्वीन शिमला के रिज मैदान पर स्थित ऐतिहासिक क्राइस्ट चर्च को राजधानी का ताज कहा जाता है. अग्रेजों के शासन में बना यह उतरी भारत में दूसरा सबसे पुराना चर्च है.