Chanakya Niti: ऑफिस में इन 4 लोगों से रहें सतर्क, सगे बनकर पीठ पीछे रचते हैं साजिश

चाणक्य नीति
चाणक्य नीति का एक श्लोक है - परोक्षे कार्य्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्। वर्ज्जयेत्तादृशं मित्रं विषकुम्भम्पयोमुखम् ।।. अर्थात -मुंह पर तो मीठी बातें करने वाले पीठ पीछे हमेशा आपके खिलाफ साजिश करते हैं. ऐसे लोग उस जहर के घड़े के समान है, जिसकी उपरी सतह दूध से भरी है.
चाणक्य कहते हैं कि जो लोग आपके सामने आपकी प्रशंसा करते हैं लेकिन पीठ पीछे आपके काम का श्रेय ले जाते हैं उन लोगों से सावधान रहें. इनकी बातों में न आए, इनके व्यवहार पर गौर करें, क्योंकि कर्म किसी से छिपते नहीं.
अगर कोई आप पर टिप्पणी करता है या चुटकी लेता है, तो यह व्यक्ति उसमें शामिल होकर हंसेगा ताकि आपकी छवि कमजोर हो.
अगर कोई आप पर टिप्पणी करता है या चुटकी लेता है, तो यह व्यक्ति उसमें शामिल होकर हंसेगा ताकि आपकी छवि कमजोर हो.
जो लोग अपने से छोटो को कमतर समझते हैं, उनसे इनसिक्योरिटी रखते हैं ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखें क्योंकि ऐसे लोग कभी दूसरों को आगे बढ़ने से रोकते हैं, वह नहीं चाहते कि ऑफिस में उनसे कोई आगे बढ़े.
अगर बॉस या सहकर्मी आपकी तारीफ करते हैं, तो आपसे जलने वाले लोग बीच में बोलकर आपकी उपलब्धियों को कमतर बताने की कोशिश करते हैं, ऐसे लोगों से सावधान रहें.