Pradosh Vrat 2026 Paran: आज या कल कब करें भौम प्रदोष व्रत का पारण, जानें सही विधि और तिथि

भौम प्रदोष व्रत पारण
वैशाख शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि मंगलवार के दिन पड़ने के कारण आज 28 अप्रैल 2026 को भौम प्रदोष व्रत मनाया जा रहा है. भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष व्रत को श्रेष्ठ तिथि माना जाता है.
भौम प्रदोष व्रत पर व्रत और पूजा-पाठ से मनोकमानएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है, कुंडली मंगल ग्रह मजबूत होता है और जीवन में परेशानियां कम होती हैं.
आज 28 अप्रैल को भौम प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल में पूजा का समय शाम 06 बजकर 54 मिनट से रात 09 बजकर 04 बजे मिनट तक रहेगा. आइए जानते हैं आज या कल प्रदोष व्रत का पारण कब किया जाएगा.
पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक डॉक्टर अनीष व्यास के अनुसार, प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा के बाद आप फलाहार ग्रहण कर सकते हैं. लेकिन विधि-विधान से अगले दिन पारण करना जरूरी होता है.
शास्त्र अनुसार, प्रदोष व्रत का पारण अगले दिन यानी 29 अप्रैल को चतुर्दशी तिथि पर सूर्योदय के बाद पारण कर सकते हैं. 29 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर सूर्योदय होगा. आप इसके बाद पारण कर सकते हैं.
प्रदोष व्रत के पारण से पहले सुबह स्नानादि के बाद भगवान शिव की पूजा करें और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दें. इसके बाद ही ही इसके बाद ही भोजन ग्रहण करें. पारण वाले दिन भी तामसिक या मांसाहार भोजन ग्रहण न करें.