छोटे से दिखने वाले पेड़ों को उगाकर आप भी बन सकते हैं लखपति, जानें क्या है तरीका
आजकल बड़े-बड़े शहरों में रहने वाले लोग प्रदूषण अपने स्वास्थ्य को सुधारने के लिए घर पर ही पेड़-पौधे लगा रहे हैं. इनमें से कुछ लोग अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने के लिए फूल, फल, सब्जी और सजावटी पौधे उगाते हैं. ऐसे में आप सजावटी पौधों की खेती कर लाखों की कमाई कर सकते हैं. बोनसाई भी लाखों रुपये कमाने वाला एक सजावटी पौधा है.
बोनसाई को एक विशेष प्रकार के गमलों में ही उगाया जाता है. इसकी देखभाल और ग्राफ्टिंग इस प्रकार की जाती है कि ये प्राकृतिक रूप से बौना पेड़ लगे. नियमित रूप से इसकी कटाई-छंटाई, पोषण प्रबंधन और सिंचाई भी आवश्यक है.
पहले, पानी की निकासी और जड़ों को हवा देने के लिए एक गमले में छोटे-छोटे छेद बनाएं. ताकि गमले की मिट्टी बाहर न निकले और कीड़े जड़ों में न घुंसे, इन छेदों के ऊपर हल्की जाली लगाएं. मिट्टी को मजबूत और उपजाऊ बनाने के लिए नारियल का चूरा और गोबर की खाय या कंपोस्ट की खाद मिलाएं.
बोनसाई बनाने के लिए पौधे को मिट्टी के साथ गमले से निकालें. जड़ों में सिर्फ एक तिहाई मिट्टी रहने दें. अब तने के नीचे से जड़ों को काट लें, फिर हल्के हाथ से गमले में मिट्टी फैलाकर दबा दें. जड़ों को रोपने के बाद गमले को सजावटी बनाने के लिए कंकर और बजरी डालें.
इन जड़ों से सालभर तक पौधा उगने दें और इसे बार-बार देखते रहें. रोगग्रस्त और सूखी टहनियों को दूसरे साल में काटने की शुरुआत करें. बारिश करते समय दो या तीन बार बोनसाई ग्राफ्टिंग करें और कलियां फूटने वाले क्षेत्र को छंटाई करें. इस अवधि में जड़ों को गमले से चिपककर फैलने दें.
बोनसाई से स्वस्थ पेड़ बनाने के लिए, कैंची की मदद से जड़ों को काटते रहें. बोनसाई को दो-तीन साल तक सहारा देने की जरूरत होती है, फिर वे मजबूत हो जाते हैं. डिजाइनर बोनसाई बनाने के लिए पौधों की टहनियों को तांबे या एल्युमिनियम की तार से बांधें.
जब बोनसाई के पेड़ की शाखाएं मजबूत हो जाएंगी, तो इन तारों को निकालकर उनसे अलग कर दें. पेड़ को बौना बनाने के लिए इसे खाद और उर्वरक देना बंद कर दें और इसे काटते रहें.