Tractor Maintenance Tips: कब करानी चाहिए ट्रैक्टर की सर्विस, किसान जान लें एकदम नया जैसा रखने के 5 टिप्स?
इंजन ऑयल और फिल्टर का टाइम-टाइम से बदलाव: इंजन, ट्रैक्टर के दिल की तरह होता है. इंजन ऑयल को पहली बार 50 घंटे और फिर हर 250 घंटे पर बदलना चाहिए. ऑयल और डीजल फिल्टर को भी हर 250 घंटे पर बदलने से इंजन में गंदगी नहीं जाती. एयर फिल्टर की भी समय-समय पर सफाई करते रहें और इसे हर 250 से 500 घंटे के अंतराल पर बदलें.
कूलिंग सिस्टम और रेडिएटर: ट्रैक्टर को ओवरहीटिंग से बचाने के लिए कूलिंग सिस्टम का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है. रेडिएटर में पानी और कूलेंट का लेवल समय-समय से चेक करते रहें और यदि कम हो जाए तो उसे रिफिल कर दें. उसकी फैन बेल्ट अगर ढीली हो गई हो तो उसे कसवा लें.
फ्रिक्शन और जंग से बचाने के लिए ग्रीसिंग करना बेहद जरूरी होता है. फ्रंट एक्सल, स्टीयरिंग जॉइंट, ब्रेक पेडल और क्लच लिंक पर हर 50 घंटे के यूज के बाद ग्रीसिंग करना लाभदायक माना जाता है.
टायर और बैटरी हेल्थ: टायरों में हवा का सही दबाव बनाए रखें. टायर में कम हवा होने से वे जल्दी घिसते हैं और फ्यूल की खपत ज्यादा होती है. बैटरी के किनारों को साफ रखें और पानी कम होने पर उसे रिफिल कर दें.
छांव और सफाई: अपने ट्रैक्टर को हमेशा छांव में खड़ा करें, ताकि उसे तेज धूप और बारिश से बचाया जा सके, भारी काम के बाद ट्रैक्टर की प्रेशर वॉश से सफाई करें, ताकि कीचड़ और धूल के कारण जंग न लगे.