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Termite Control In Crops: ये टिप्स आजमा लिए तो फसल में कभी नहीं लगेगी दीमक, जानें कैसे बचेगा नुकसान?

कविता गाडरी   |  13 May 2026 10:06 AM (IST)
Termite Control In Crops: ये टिप्स आजमा लिए तो फसल में कभी नहीं लगेगी दीमक, जानें कैसे बचेगा नुकसान?

Termite Control In Crops: खेती करते समय किसानों कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इन्हीं समस्याओं में दीमक भी एक ऐसी ही समस्या मानी जाती है, जो धीरे-धीरे फसलों की जड़ों को अंदर से खोखला कर देती है. जिससे फसल समय के साथ कमजोर पड़ जाती है. वहीं खासतौर पर गर्मियों में और सूखे के मौसम में दीमक का प्रकोप फसलों पर ज्यादा देखने को मिलता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अगर आप कौन से टिप्स आजमा लेंगे तो आपकी फसलों में कभी दीमक नहीं लगेगी.

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कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार दीमक मुख्य रूप से उन पौधों और अवशेषों पर हमला करती है, जिनमें सेल्यूलोज की मात्रा ज्यादा होती है. इसे अंधेरा और स्वच्छ वातावरण ज्यादा पसंद होता है, इसलिए यह जमीन के अंदर तेजी से पनपती है. खेती में नमी की कमी पर इसका प्रकोप बढ़ जाता है और यही वजह है कि खेतों में दीमक की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है.

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दीमक कंट्रोल करने के लिए गर्मियों के मौसम में खेत की गहरी जुताई करना असरदार माना जाता है. इससे मिट्टी में छिपे दीमक के अंडे और काॅलोनियां बाहर आ जाती है और तेज धूप के कारण नष्ट हो जाते हैं.

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इसके अलावा किसान चाहे तो दीमक नियंत्रण के लिए जैविक तरीकों को भी अपना सकते हैं. ब्यूवेरिया बेसियाना नामक जैविक फफूंद दीमक नियंत्रण में प्रभावी मानी जाती है. यह फफूंद दीमक के संपर्क में आते ही उसे संक्रमित कर देती है और धीरे-धीरे पूरे ग्रुप को खत्म करने में मदद करती है.

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इसके अलावा अगर खेत में दीमक का प्रकोप ज्यादा बढ़ जाए तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह से रासायनिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार कई दवाइयों का प्रयोग सिंचाई के साथ पानी में किया जा सकता है, जिससे दीमक खत्म हो जाते हैं.

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दीमक कंट्रोल करने के लिए नीम की खली का उपयोग भी बहुत असरदार माना जाता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार बुवाई के समय प्रति एकड़ 100 से 150 किलोग्राम नीम के खली का उपयोग किया जा सकता है.

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वहीं सुखे में दीमक तेजी से फैलती है, इसलिए खेत में समय-समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए. मिट्टी में पर्याप्त नमी बनाए रखने से दीमक का प्रकोप काफी हद तक कम हो सकता है

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कृषि एक्सपर्ट्स के अनुसार खेत में हमेशा अच्छी तरह सड़ी हुई खाद का उपयोग करना चाहिए. कच्ची गोबर खाद दिमाग को आकर्षित करती है और इसके पनपने  की संभावना बढ़ा देती है. सड़ी हुई खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के साथ-साथ फसल को भी सुरक्षित रखने में मदद करती है.

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वहीं कटाई के बाद खेत में बचें डंठल, सूखी पत्ती और अन्य अवशेष दीमक के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं. इसलिए फसल काटने के बाद खेत की अच्छी तरह सफाई करना जरूरी माना जाता है.

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