Grow Cherry Tomatoes At Home: अपने किचन गार्डन में ऐसे लगाएं चेरी टोमैटो, खत्म हो जाएगी सब्जी की टेंशन

आजकल बाजार में सब्जियों के दाम लगातार बढ़ते ही जा रहा है वही टमाटर तो कभी-कभी इतने महंगे हो जाते हैं कि उनको खरिदने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है. ऐसे में घर पर ही सब्जी उगाने का आइडिया बहुत काम का माना जाता है, साथ ही बहुत से लोग अपने किचन गार्डन में ही जरूरी सब्जियों को उगा लेते है. और अगर बात करें चेरी टोमैटो कि तो जरा सोचिए छोटे-छोटे, लाल-लाल, रसीले और स्वादिष्ट तो फिर क्या कहना , वहीं खास बात यह है कि चेरी टोमैटो उगाने के लिए बड़े बगीचे की जरूरत नहीं बालकनी, छत या किचन के पास एक छोटी सी जगह ही काफी है. तो आइए जानते हैं इसे घर पर कैसे उगाएं.
चेरी टोमैटो की कई किस्में होती हैं और भारतीय मौसम के हिसाब से Tiny Tim, Sweet 100 और Sungold सबसे अच्छी मानी जाती हैं. ये किस्में भारत की गर्मी और उमस में भी अच्छी तरह पनपती हैं. बीज आप किसी भी नर्सरी से या ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं. अच्छे बीज चुनना सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है क्योंकि अगर बीज अच्छा होगा तो पैदावार भी अच्छी होगी.
चेरी टोमैटो के लिए ऐसी मिट्टी चाहिए जो हल्की हो और पानी रुके नहीं. इसके लिए गार्डन की मिट्टी, खाद और कोकोपीट को मिलाकर एक अच्छा मिश्रण तैयार करें. बता दें कि मिट्टी का pH 6.0 से 6.8 के बीच होना चाहिए यह टोमैटो के लिए सबसे सही माना जाता है. साथ ही गमले की बात करें तो कम से कम 12 से 14 इंच गहरा और चौड़ा गमला लें ताकि जड़ें अच्छे से फैल सकें. गमले में नीचे छेद जरूर हो ताकि पानी भरे नहीं रुका हुआ पानी जड़ों को सड़ा देता है.
भारत में चेरी टोमैटो साल भर उगाए जा सकते हैं लेकिन सबसे अच्छा समय जुलाई से सितंबर और फिर जनवरी से फरवरी का होता है. बीज बोने के लिए पहले छोटे गमले में मिट्टी भरें और उसमें आधा इंच गहरे बीज डालें. बीज डालने के बाद हल्का पानी दें बस एक-दो मग काफी है. बीज अंकुरित होने के लिए 21 से 27 डिग्री तापमान सबसे सही रहता है।. करीब 10 से 14 दिनों में छोटे-छोटे पौधे निकलने लगते हैं. जब पौधे थोड़े बड़े हो जाएं तो उन्हें बड़े गमले में शिफ्ट कर दें.
चेरी टोमैटो को रोज कम से कम 6 से 8 घंटे की सीधी धूप चाहिए इसलिए गमला ऐसी जगह रखें जहां अच्छी धूप आती हो. पानी देने की बात करें तो गर्मियों में रोज पानी दें लेकिन ज्यादा नहीं आधा से एक मग काफी है. साथ ही मिट्टी को नम रखें लेकिन गीला नहीं. खाद के लिए पोटेशियम और फास्फोरस से भरपूर जैविक खाद इस्तेमाल करें जैसे गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या केले के छिलके से बनी खाद. यह खाद फूल और फल आने में बहुत मदद करती है.
चेरी टोमैटो का पौधा बड़ा होकर 4 फीट या उससे भी ज्यादा ऊंचा हो सकता है. इसलिए जैसे-जैसे पौधा बड़ा हो, उसे किसी डंडे या रस्सी का सहारा दें ताकि वो गिरे नहीं. टमाटर का केज यानी जाली का सपोर्ट लगाना और भी बेहतर रहता है. करीब दो महीने बाद छोटे-छोटे लाल टोमैटो लगने शुरू हो जाते हैं .
न केमिकल की चिंता, न महंगे दाम की टेंशन. चेरी टोमैटो में विटामिन A, विटामिन C, आयरन और लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है जो इम्यूनिटी बढ़ाता है और दिल को भी स्वस्थ रखता है. तो इस बार बाजार की बढ़ती सब्जियों की कीमत से परेशान होने की बजाय अपना किचन गार्डन शुरू करिए एक छोटा सा गमला, थोड़ी सी मेहनत और ढेर सारा प्यार, बस इतना काफी है.