Vat Purnima 2026: वट पूर्णिमा व्रत 29 या 30 जून कब ? तारीख की उलझन यहां करें दूर, सही डेट देखें

वट सावित्री पूर्णिमा 2026
ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि शुरू होगी 29 जून 2026 को सुबह 3.06 पर और समाप्ति 30 जून 2026 को सुबह 5.26 पर होगी. उदयातिथि के अनुसार व्रत 30 जून को ही रखा जाएगा. इस दिन पूजा का मुहूर्त सुबह 8.55 से सुबह 10.40 तक है.
वट सावित्री पूर्णिमा पर सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना से व्रत और पूजा करती हैं. इस दिन वट अमावस्या की तरह ही बरगद के पेड़ की पूजा होती है और 108 परिक्रमा लगाई जाती है.
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जल का विशेष महत्व है. इस दिन गंगा जी या किसी पवित्र नदी में स्नान कर पितरों का तर्पण जरुर करना चाहिए. इससे उन्हें सद्गति प्राप्त होती है और आत्मा को शांति मिलती है.
आर्थिक संकट बना हुआ है या कर्ज लगातार बढ़ रहा है, तो इस दिन माता लक्ष्मी को पीले रंग की 11 कौड़ियां अर्पित करें. यदि पीली कौड़ियां उपलब्ध न हों, तो सफेद कौड़ियों पर हल्दी लगाकर अर्पित किया जा सकता है.
इस दिन वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा के समय भिगोया हुआ काला चना, गेहूं, केले, मौसमी फल और लाल रंग का कपड़ा चढ़ाना बहुत शुभ माना जाता है.एस्ट्रोलॉजर नीतिका शर्मा के अनुसार ऐसा करने सुख समृद्धि के रास्ते कभी बंद नहीं होते.
वट पूर्णिमा की रात सरोवर या नदी में दीपदान करें. ऐसा संभव न हो तो किसी राधा कृष्ण मंदिर में दीप दान करें. मान्यता है इससे व्यक्ति के जीवन का अंधकार दूर होता है और खुशियां दस्तक देती हैं.