Home Gardening: सर्दियों में घर बैठे मिलेगा ताजा-हरी सब्जियों का ज़ायका, सितंबर तक कंटेनर में लगा दें इन 5 सब्जियों के बीज
हैप्पी गार्डनिंग- सितंबर आते-आते हल्की ठंड और रिमझिम बारिश से मौसम काफी शानदार हो जाता है. शहरों में यही मौसम होम गार्डनिंग के लिये सबसे बेस्ट होता है, क्योंकि हल्की ठंड होती है तो पौधों के खराब होने का भी डर नहीं रहता और पौधे ठीक तरह से बड़े भी हो जाते हैं. ऐसे में सर्दियों के टाइम पर इस्तेमाल होने वाली सरसों, पालक, मेथी, धनिया और लहसुन का बीज लगाकर किचन की काफी हद तक जरूरतें पूरा कर सकते हैं. खाली पड़ी छत, बगीचे, आंगन या बालकनी में हरी सब्जियों के बीज लगाकर सर्दियों तक काफी अच्छा प्रोड़क्शन ले सकते हैं. बता दें कि ये हरी सब्जियों खाने में तो स्वादिष्ट तो होती ही है, साथ ही शरीर के लिये काफी फायदेमंद होती है. खासकर सरसों, मेथी, पालक, धनिया और लहसुन का इस्तेमाल को सूप जैसी डिश में होता ही है. इनका इंसटेट लुफ्त उठाने के लिये कंटेनर में लगाना सबसे अच्छा, आसान और टाइम सेविंग रहता है.
मेथी- सर्दियों में मेथी का सबसे ज्यादा इस्तेमाल पराठा और भुजिया बनाने में होता है. ये सब्जी सेहत के लिये जितनी फायदेमंद है, इसे उगाना उतना ही आसान है. इसके लिये अलग से खाद-पानी की जरूरत नहीं पडती. सबसे पहले रसोई से मेथी के दाने लेकर सूती कपड़े में बांध दें और पोटली को 2 दिन के लिये पानी में छोड़ दें, जिससे फूलकर अंकुरण हो जाये. बता दें कि अंकुरित बीजों का तेजी से विकास होता है और 8 से 10 दिन के अंदर पत्तियां निकलने लगती है. इस तरह घर बैठे ही 3 से 4 बार कटाई करने के बाद ताजा मेथी की पत्तियों की प्रोडक्शन ले सकते हैं
सरसों- वैसे तो सरसों का इस्तेमाल तेज और तड़के के बीज के लिये होता है, लेकिन गांव जैसे सरसों के साग का जायका लेने के लिये कंटेनर में सरसों के बीज लगा सकते हैं. इसके लिये सबसे पहले खाद-मिट्टी डालकर कंटेनर तैयार कर लें. इसमें 60% साधारण मिट्टी, 20% रेत और 20% वर्मीकंपोस्ट या गोबर की खाद मिलाकर डालें. अब कंटेनर को धूपदार जगह पर रखकर इन्हें सरसों के बीजों को लगा दें. अब टाइम-टाइम पर इसमें पानी डालते रहे, जिसके 15 दिन के अंदर ही सरसों के साग का प्रोडक्शन मिलने लगता है.
लहसुन- देसी व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने में लहसुन का खूब इस्तेमाल होता है. खासकर सर्दियों में लहसुन के चाइव्स भी गार्लिक ब्रेड और सूप में डालने के बड़े काम आते हैं. ऐसे में लहसुन की कुछ कलियां लेकर उन्हें कंटेनर में लगा सकते हैं, जिससे 20 से 25 दिनों में ही लहसुन के चाइव्स यानी लहसुन की पत्तियों का प्रोडक्शन मिलने लगेगा. सितंबर में लहसुन के चाइव्स लगाकर अगले दो महीने तक हार्वेस्टिंग कर सकते हैं. बता दें कि लहसुन की कलियों का छिलका निकालकर ही कंटेनर में लगायें, जिससे जल्दी स्प्राउट निकल आये.
पालक- हल्की सर्दी से पहले रिमझिम बारिश ही पालन की खेती के लिये सबसे अच्छी होती है, इसलिये सितंबर में ही प्लांटिंग के लिये कंटेनर तैयार कर लें और इसमें पालन के बीजों को लगा दें. पालक के बीजों को किसी भी नर्सरी या ऑनलाइन स्टोर से मंगवा सकते हैं. आप चाहें तो पालक की पत्तियों के डंठल लगाकर भी कई बार पालक की पत्तियों का मजा ले सकते हैं. सबसे पहले पालक के बीजों की स्प्राउटिंग कर लें और कंटेनर में बीज डालने के बाद रोजाना हल्का पानी स्प्रे करते रहे. कंटेनर को धूप में रखने पर तेजी से पालक की पत्तियां बढ़ने लगेगी और महीनेभर के अंदर ही ताजा हरे पालक का प्रोडक्शन मिलने लगेगा.
धनिया- ऐसी कौन सी रसोई होगी, जिसमें धनिये का इस्तेमाल नहीं होता होगा. चाहे बीज हो या पत्तियां धनिया ही रसोई की हर डिश की शान बढ़ाता है. इसे कंटेनर में उगाना भी बेहद आसान है. आप चाहें तो धनिया का पौधा नर्सरी से खरीदकर लगा सकते हैं, लेकिन बीज से धनिया उगाना भी काफी आसान है. इसके लिये कंटेनर को खाद और मिट्टी भरकर हल्का पानी डाल दें. कंटेनर तैयार करने के बाद धनिये के बीजों को पानी से साफ कर लें. इसके बाद हल्के हाथ से रगड़कर धनिये के बीजों को कंटेनर में डाल दें. इस कंटेनर को किसी खिड़की के पास या सीधी धूप वाली जगह पर रखें.