ऐसे स्टोर करेंगे लहसुन तो सालों साल नहीं होगा खराब, जान लें तरीका
लहसुन को सही से स्टोर करने के लिए सबसे जरूरी है कि खुदाई के बाद इसे सीधे धूप से बचाकर हवादार जगह पर ही सुखाया जाए.वखुदाई के तुरंत बाद लहसुन की गांठों को क्योरिंग प्रोसेस से गुजारना चाहिए, जिसमें इसे डंठल सहित किसी छायादार स्थान पर फैला दिया जाता है.
कड़क धूप में रखने से लहसुन झुलस सकता है और उसकी स्टोरेज लाइफ कम हो जाती है. इसे लगभग 10 से 15 दिनों तक हवा में छोड़ने से इसकी बाहरी परतें सूखकर कागज जैसी हो जाती हैं, जो अंदर की कलियों के लिए सुरक्षा कवच का काम करती हैं.
जब फसल पूरी तरह सूख जाए. तो उसकी ग्रेडिंग करना बहुत फायदेमंद रहता है. भंडारण से पहले खराब, दबी हुई या चोटिल गांठों को अलग कर लेना चाहिए क्योंकि ये बाकी की अच्छी फसल में भी संक्रमण फैला सकती हैं. केवल उन्हीं गांठों को स्टोर करें जो पूरी तरह बंद हों.
लहसुन को स्टोर करने के लिए पुराने बोरों या बंद डब्बों की जगह जालीदार प्लास्टिक बैग या जूट की बोरियों का इस्तेमाल करना चाहिए. सबसे बढ़िया तरीका यह है कि लकड़ी के तख्तों या बांस के रैक बनाकर उन पर लहसुन को फैलाया जाए. जमीन से थोड़ी ऊंचाई पर रखने से नीचे से भी हवा पास होती रहती है. जिससे उमस या गर्मी की वजह से लहसुन सड़ता नहीं है.
स्टोर रूम का चुनाव करते समय ध्यान रखें कि वहां नमी बिल्कुल न हो और वेंटिलेशन का पूरा इंतजाम हो. अगर कमरे में ताजी हवा का आना-जाना कम है. तो एग्जॉस्ट फैन या पंखे चलाकर हवा के सर्कुलेशन को बनाए रखना चाहिए. सीलन वाली जगह पर लहसुन रखने से उसमें फफूंद लगने या अंकुर निकलने की समस्या पैदा हो जाती है.
गांवों में आज भी लहसुन की गांठों को डंठल के साथ बांधकर ऊंचे स्थानों पर लटकाने का तरीका सबसे कारगर माना जाता है. इसे बेनी बनाकर लटकाने से हर गांठ को समान रूप से हवा मिलती है और चूहे या अन्य कीटों से भी बचाव रहता है. यह तरीका न केवल जगह बचाता है. बल्कि फसल को अगले सीजन तक के लिए सुरक्षित रखने का सबसे सस्ता और टिकाऊ ऑप्शन है.