फसल बुआई के लिए बीज हाइब्रिड है या देसी, ऐसे करें पहचान

खेती-किसानी में बंपर पैदावार पाने के लिए सबसे अहम रोल अच्छे बीजों का होता है. जब किसान मार्केट से बीज खरीदने जाते हैं. तो उनके सामने सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यह होता है कि वे जो पैकेट खरीद रहे हैं वह हाइब्रिड है या देसी. सही जानकारी न होने की वजह से कई बार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ जाता है.
जब बात देसी बीजों की आती है तो इनकी एक खास पहचान यह होती है कि यह पारंपरिक और नेचुरल होते हैं. किसान इन बीजों को अपनी ही पिछली फसल से बचाकर अगली बार के लिए रख लेते हैं यानी इनके लिए बार-बार मार्केट जाने का कोई झंझट नहीं होता. इनका स्वाद और क्वालिटी एकदम ओरिजिनल होती है.
इसके उलट हाइब्रिड बीज पूरी तरह से मॉडर्न साइंस और लैबोरेटरी की तकनीक से तैयार किए जाते हैं. इन बीजों को दो अलग-अलग किस्मों के पौधों को क्रॉस कराके इस तरह बनाया जाता है कि इनसे बंपर पैदावार मिल सके. हालांकि, इनका माइनस पॉइंट यह होता है कि अगली साल आप इनसे दोबारा बीज तैयार नहीं कर सकते.
अगर आपको यह पहचानना है कि आपके पास जो बीज का पैकेट है. वह असली में हाइब्रिड है या देसी तो सबसे पहले उसके साइज और शेप को देखना चाहिए. देसी बीज साइज में थोड़े छोटे-बढ़े हो सकते हैं. जबकि हाइब्रिड बीज मशीन से तैयार होते हैं इसलिए हर एक दाना एक जैसा गोल या चमकदार दिखाई देगा.
पैकेजिंग और कंपनी की डिटेल्स भी हाइब्रिड और देसी बीजों की पहचान करने में बड़ा काम करती हैं. जो देसी बीज होते हैं वे आपको ज्यादातर खुले में या लोकल मार्केट में बिना किसी ब्रांड नेम के मिल जाएंगे. इसके उलट हाइब्रिड बीज हमेशा किसी बड़ी कंपनी के सीलबंद पैकेट में आते हैं जिनपर पूरी जानकारी लिखी होती है.
बीज की क्वालिटी उसके उगने के बाद खेत में दिखाई देती है. अगर आपने देसी बीज बोए हैं तो उनसे उगने वाले पौधों की ग्रोथ में थोड़ा नेचुरल वेरिएशन देखने को मिलता है. इसके उलट हाइब्रिड बीजों से निकलने वाले पौधे एक ही टाइम पर एक जैसी लंबाई और शेप में बहुत तेजी से ऊपर आते हैं.
कीमत और पैसों का हिसाब लगाएं तो भी इन दोनों बीजों में जमीन-आसमान का फर्क साफ नजर आ जाता है. देसी बीज या तो घर के होते हैं या बहुत सस्ते मिलते हैं जबकि हाइब्रिड बीजों के पैकेट काफी महंगे आते हैं क्योंकि उनके पीछे रिसर्च की कॉस्ट जुड़ी होती है. सही चुनाव करने से हमेशा फायदा मिलता है.
एक और बड़ा तरीका यह है कि हाइब्रिड बीजों को हमेशा खास फर्टिलाइजर्स और केमिकल्स की जरूरत पड़ती है ताकि वे अच्छा रिजल्ट दे सकें. अगर आप उन्हें वैसी उपजाऊ स्थिति या खाद नहीं देंगे तो उनकी पैदावार अचानक गिर सकती है. वहीं देसी बीज कम देखरेख और साधारण मिट्टी में भी खुद को आसानी से ढाल लेते हैं.
आखिरी बात यह है कि खरीदारी करते समय हमेशा भरोसेमंद दुकान या कृषि केंद्र से ही बीज लें. पैकेट पर दिए गए सारे निर्देशों और उसकी एक्सपायरी को ध्यान से चेक करना बेहद जरूरी है. अगर आप इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे तो कभी भी नकली या खराब बीजों के चक्कर में नहीं फंसेंगे और खेत में तगड़ा मुनाफा कमा सकेंगे.