ज्यादा बारिश से फसल खराब हो जाने पर प्रति बीघा कितना मुआवजा देती है सरकार?

मौसम का मिजाज इतना बदल चुका है कि कभी भी भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाता है. ऐसी संकट की घड़ी में सरकार ने किसानों को मदद देने के लिए मुआवजे की राशि को काफी बढ़ा दिया है जिससे हुए नुकसान की भरपाई की जा सके.
अब अगर ज्यादा बारिश या बाढ़ की वजह से आपकी फसल खराब होती है. तो अलग-अलग राज्यों की सरकारों की इस पर अलग-अलग नीतियां हैं. राजस्थान सरकार की नई गाइडलाइंस के मुताबिक किसानों को इसमें भारी राहत मिलने वाली है.
राजस्थान सरकार की कृषि आदान-अनुदान सहायता योजना के तहत सिंचित क्षेत्र यानी जहां सिंचाई की पक्की व्यवस्था है वहां फसल नुकसान पर 22500 प्रति हेक्टेयर का मुआवजा तय किया गया है. राजस्थान में एक हेक्टेयर में तकरीबन 4 बीघा यानी प्रति बीघा किसानों को 5625 रुपये के आसपास मुआवजा मिलेगा.
इसके अलावा जिन इलाकों में सिंचाई के पुख्ता साधन नहीं हैं और खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर है. उन असिंचित क्षेत्रों के लिए भी राहत राशि बढ़ा दी गई है. ऐसे सूखे खेतों में फसल बर्बाद होने पर सरकार 13500 प्रति हेक्टेयर की दर से आर्थिक मदद दे रही है.
यही नहीं अगर किसी किसान ने अपने खेत में बारहमासी फसलें या बागवानी कर रखी है और भारी बारिश से उसे नुकसान पहुंचता है. तो उसके लिए सबसे ज्यादा सहायता राशि तय की गई है. बागवानी फसलों के खराब होने पर सरकार सीधे 28000 रुपये प्रति हेक्टेयर का बड़ा मुआवजा देगी.
इस पूरी योजना का लाभ उठाने के लिए सरकार ने एक जरूरी शर्त भी रखी है कि खेत में कम से कम 33% या उससे ज्यादा का नुकसान होना चाहिए. पटवारी या कृषि विभाग की टीम मौके पर आकर फसल की बर्बादी का मुआयना करेगी जिसके बाद ही नुकसान की रिपोर्ट तैयार होगी.
मुआवजे का पैसा पाने के लिए प्रभावित किसानों को अपनी तहसील या कृषि विभाग के पोर्टल पर समय रहते आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ अपनी जमीन के कागज, बैंक पासबुक की कॉपी और आधार कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे जिससे बिना किसी देरी के राहत राशि सीधे खाते में आ सके.