हेलसिंकी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ एक शिखर वार्ता के बाद अमेरिका-रूस संबंधों में सुधार होने की घोषणा की. ट्रंप ने वार्ता को खुली, सीधी और बहुत सकारात्मक बताया. इस दौरान पुतिन ने डोनाल्ड ट्रंप को तोहफे में एक फुटबॉल भी दी. पुतिन के साथ वार्ता के बाद ट्रंप ने कहा कि हमारे संबंध अब से पहले कभी इतने खराब नहीं रहे थे, लेकिन यह करीब चार घंटे पहले बदल गया. मेरा सचमुच में यह मानना है.
रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच एक त्रासदी- ट्रंप ट्रंप ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच को अमेरिका के लिए एक त्रासदी बताया. ट्रंप ने कहा, ‘‘ हमने शानदार प्रचार किया और यही कारण है कि मैं राष्ट्रपति हूं. एक बार फिर इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहा हूं कि 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में हिलेरी क्लिंटन पर जीत में रूसी हैकिंग और दुष्प्रचार ने मदद पहुंचाई थी. ’’सीरिया, यूक्रेन और चीन से जुड़े मुद्दों पर हुई चर्चा
डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन ने अपनी पहली शिखर वार्ता में विश्व के दो सबसे बड़े परमाणु शक्ति सम्पन्न देशों के बीच संबंधों में एक नयी शुरूआत की प्रतिबद्धता जतायी, जिसमें हाल के समय में तनाव आ गया था. दोनों नेताओं ने हेलसिंकी में बैठक से बाहर निकलने के बाद वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग की इच्छा जतायी. ट्रंप और पुतिन ने इस बैठक में सीरिया, यूक्रेन और चीन से जुड़े मुद्दों के साथ ही व्यापार प्रशुल्क और अपने परमाणु हथियारों के जखीरे पर भी चर्चा की.
ट्रंप संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पुतिन के बगल में खड़े थे. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने चुनाव में हस्तक्षेप के बारे में काफी समय बातचीत की. ट्रंप ने हालांकि इस बारे में बातचीत को लेकर विस्तार से जानकारी नहीं दी या हस्तक्षेप की कोई स्पष्ट रूप से निंदा नहीं की. ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि पुतिन ने चुनाव में रूस द्वारा किसी भी तरह के हस्तक्षेप की बात मजबूती से खारिज की और कहा कि विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मुलर की जांच अमेरिका के लिए घातक रही है. वहीं पुतिन ने कहा, ‘‘रूस ने कभी भी अमेरिका के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप नहीं किया है और उसकी आगे भी ऐसी कोई योजना नहीं है’’
हमारे संबंध इतने खराब कभी नहीं रहें हैं जैसे इस समय हैं- ट्रंप
रूस पर अमेरिकी राजनीति में हस्तक्षेप के आरोपों के बावजूद पुतिन के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने के इच्छुक ट्रंप ने शिखर वार्ता से पहले दोनों देशों के तनावपूर्ण संबंधों के लिए अपने पूर्ववर्तियों की मूर्खता को जिम्मेदार ठहराया था. ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारे संबंध इतने खराब कभी नहीं रहें हैं जैसे इस समय हैं. यद्यपि इसमें कुछ घंटे पहले परिवर्तन आया. मेरा वास्तव में यह मानना है.’’ उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन ‘‘केवल एक शुरूआत है.’’
पुतिन के साथ अकेले बैठक करने के ट्रंप के फैसले से अमेरिका में बहुत सारे लोग बेचैन थे क्योंकि उन्हें चिंता थी कि ट्रंप पुतिन के साथ कोई बुरा सौदा ना कर लें. अमेरिकी आलोचक चाहते थे कि 2016 के अमेरिकी चुनावों में रूस के कथित हस्तक्षेप की जांच में 12 रूसी सैन्य एजेंटों को मुलर द्वारा अभ्यारोपित किए जाने के बाद ट्रंप हेलसिंकी शिखर वार्ता रद्द कर दें. लेकिन ट्रंप टस से मस नहीं हुए और बैठक हुई.