अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बुधवार (11 नवंबर 2025) को कहा कि यह घटना एक आतंकी हमला है. भारत इस मामले की बेहद पेशेवर जांच कर रहा है. कनाडा के नियाग्रा फॉल्स में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि भारत को इस हमले की जांच के लिए किसी विदेशी मदद की आवश्यकता नहीं है.
मार्को रुबियो ने कहा कि भारतीय अधिकारी बेहद कुशल हैं. यह जांच बहुत सोच-समझकर और पेशेवर तरीके से की जा रही है. यह साफ तौर पर एक आतंकवादी हमला था, जिसमें कार में भारी मात्रा में विस्फोटक रखे गए थे. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने औपचारिक रूप से मदद की पेशकश की है, लेकिन भारत अपनी जांच एजेंसियों के दम पर इस मामले को संभालने में पूरी तरह सक्षम है.
जयशंकर और रुबियो की मुलाकात में चर्चाइस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और मार्को रुबियो के बीच मुलाकात भी हुई. बैठक में दोनों नेताओं ने दिल्ली ब्लास्ट पर बातचीत की और रुबियो ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताई. दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति पर भी चर्चा हुई.
सफेदपोश आतंकी नेटवर्क का खुलासाइस बीच लाल किला धमाके की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है. सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे सफेदपोश आतंकी नेटवर्क के सबूत मिले हैं, जिनका संबंध पाकिस्तान स्थित संगठनों जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGH) से बताया जा रहा है. जांच टीम ने 19 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच कई राज्यों में छापेमारी की, जिसमें 2,900 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद की गई. सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान कुछ डॉक्टरों, मौलवियों और तकनीकी विशेषज्ञों को हिरासत में लिया गया है, जो इस मॉड्यूल से जुड़े हुए थे.
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की आपात बैठकप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार (11 नवंबर 2025) को हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली धमाके पर गंभीर चिंता जताई गई. बैठक में इसे राष्ट्र-विरोधी ताकतों की तरफ से रची गई एक जघन्य आतंकी साजिश करार दिया गया. कैबिनेट ने प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि इस हमले में शामिल हर व्यक्ति और उनके प्रायोजकों को न्याय के दायरे में लाया जाएगा. जांच पूरी तत्परता और पेशेवर तरीके से की जा रही है.
NIA के हाथों में जांच अंतरराष्ट्रीय फंडिंग पर नजरराष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अब आधिकारिक रूप से इस केस की कमान संभाल ली है. NIA अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, विदेशी संपर्क और आतंकी संगठनों के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच से पता चला है कि विस्फोटक और फंडिंग दोनों विदेश से प्राप्त किए गए थे और हमले की योजना कई महीनों से तैयार की जा रही थी.
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