वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडेन की जीत पक्की लग रही है. बाइडेन अभी 264 इलेक्टोरल वोट हासिल चुके हैं. उन्हें जीत के लिए अब महज छह वोट की और दरकार है. जिन राज्यों में अभी गिनती चल रही हैं, उनमें भी बाइडेन ने बढ़त बना ली है. वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप अभी भी अपनी जीत को लेकर दावे कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर सभी वैध वोटों को गिना गया तो उनकी ही जीत होगी.


इस सब के बीच सवाल उठने लगे हैं कि अगर ट्रंप ने व्हाइट हाउस को छोड़ने से इनकार किया तो आगे क्या होगा? यह सवाल सिर्फ आम लोगों के सामने नहीं बल्कि खुद जो बाइडेन के सामने भी है. बाइडेन से यही सवाल एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पूछा गया. जवाब में बाइडेन ने कहा, ''जी हां मैंने इस बारे में सोचा है. और मैं आपको बता दूं कि देश में सेना के अधिकारी हैं जो कहेंगे कि ये नहीं हो सकता. हालांकि हम मिलिट्री स्टेट नहीं हैं लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वो ( सेना) ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर का रास्ता दिखा देंगे.''


क्या वाकई सेना व्हाइट हाउस में दखल देगी?
बाइडन ने भले ही सेना की मदद से ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर करने की बात कही हो. लेकिन अमेरिकी लोकतंत्र में सेना की दखलअंदाजी होगी, ऐसा संभव नहीं दिखता. चूंकि ऐसा अमेरिका में आज तक नहीं हुआ कि हारने वाला राष्ट्रपति व्हाइट हाउस छोड़ने को तैयार ना हो. इसलिए इसका कोई नियम नहीं है, अमेरिका में शांति से सत्ता हस्तान्तरण का तो नियम है.


क्या शांति से होगा सत्ता हस्तानान्तरण ?
अब से शपथ ग्रहण तक बाइडन को अपने कैबिनेट में करीब 30 लोगों को चुनना होगा जो व्हाइट हाउस स्टाफ की जिम्मेदारी संभालेंगे. बाइडन की टीम में करीब 350 लोग इस हस्तांतरण पर काम कर रहे हैं. जो बाइडन ने अमेरिका में बुधवार को सत्ता हस्तानान्तरण के लिए अपनी एक वेबसाइट www.buildbackbetter.com लांच कर दी है.


राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन के क्या अधिकार होंगे?
ट्रंप के इरादे शांति से सत्ता हस्तानान्तरण के नहीं दिख रहे. ऐसे में बाइडन अगर राष्ट्रपति बनते हैं तो उनके कुछ अधिकार हैं जिनके दम पर वो ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर कर सकते हैं. अमेरिकी संविधान के 20वें संशोधन के मुताबिक चुनाव के बाद 20 जनवरी की दोपहर को राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का कार्यकाल खत्म हो जाएगा. दोपहर के बाद अगले राष्ट्रपति का कार्यकाल शुरू होगा. अगर बाइडन राष्ट्रपति बनते हैं तो 20 जनवरी 2021 की दोपहर से उनके पास राष्ट्रपति के सारे अधिकार होंगे.


ट्रंप नहीं माने तो सीक्रेट सर्विस उठाएगी कदम
बाइडन राष्ट्रपति बने और ट्रंप व्हाइट हाउस ना छोड़ें तो ट्रंप व्हाइट हाउस में घुसपैठिए माने जाएंगे. सीक्रेट सर्विस का काम है व्हाइट हाउस से घुसपैठियों को दूर रखना. ट्रंप नहीं माने तो सीक्रेट सर्विस के एजेंट उन्हें बाहर कर देंगे और साथ ही ट्रंप के व्हाइट हाउस में दाखिल होने की मनाही हो जाएगी. नए राष्ट्रपति को ट्रंप को व्हाइट हाउस से बाहर करना बड़ी चुनौती नहीं होगी.


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