वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई ईरान रणनीति को लेकर अमेरिका की राजनीति दो खेमों में बंट गई है. विपक्षी डेमोक्रेटिक नेताओं ने इसे लापरवाही भरा फैसला बताकर आलोचना की तो दूसरी ओर ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी उनके फैसले के समर्थन में खड़ी रही.
व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान रणनीति की शुक्रवार को घोषणा की थी. इसमें क्षेत्र में ईरान की कथित अस्थिर गतिविधियों के प्रभाव को कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है. सीनेट की विदेश संबंधों की समिति के सदस्य बेन कार्डिन ने ट्रंप के फैसले को लापरवाही भरा बताया. उन्होंने कहा, ‘‘उनका राष्ट्रपति कार्यकाल शुरू हुए एक साल भी नहीं हुआ और यह राष्ट्रपति का अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाला सबसे खतरनाक फैसला है.’’ कार्डिन ने कांग्रेस को दी गई राष्ट्रपति की धमकी से भी असंतुष्टि जताई.
हाउस डेमोक्रेटिक कॉकस के चेयरमैन जो क्राउली ने कहा कि ट्रंप का फैसला लापरवाहीपूर्ण और गैर जिम्मेदार था जिससे दुनियाभर में अमेरिका की विश्वसनीयता कम होगी और उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होगी. रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप के धुर विरोधी सीनेटर और सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के चेयरमैन जॉन मैक्केन नई ईरान नीति के समर्थन में आए.
मैक्केन ने कहा, ‘‘मैं राष्ट्रपति से सहमत हूं कि यह समझौता अमेरिका के राष्ट्रीय हितों में अहम नहीं है. मैं कांग्रेस में अपने साथियों के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं ताकि ईरान पर प्रतिबंध बढ़ाए जाएं और क्षेत्र में उसके वृहद विध्वंसकारी व्यवहार के लिए उसे जिम्मेदार ठहराया जा सके.’’
