यूएस नेवी का एक MH-60S C हॉक हेलीकॉप्टर अरब सागर में इमरजंसी लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया. 3 क्रू मेंबर्स को बचा लिया गया है, जबकि एक लापता है. अमेरिकी सेना ने बुधवार (1 जुलाई) को एक बयान में इसकी जानकारी दी.

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अमेरिकी नौसेना की 5वीं फ्लीट के मुताबिक यह घटना किसी दुश्मन देश के हमले का नतीजा नहीं थी. ये हेलीकॉप्टर USS जॉर्ज एच. डब्ल्यू. बुश एयरक्राफ्ट करियर पर तैनात था. हादसा 1 जुलाई को सुबह 3:30 बजे (लोकल टाइम) हुआ. हेलीकॉप्टर में 4 क्रू मेंबर सवार थे. इनमें से 3 घायल हुए, जिनको बचा लिया गया है, जबकि एक अभी भी लापता है.

लापता क्रू मेंबर की तलाश में जुटी टीमें

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लापता सदस्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. नेवी का कहना है कि इलाके में US नौसेना की टीमें लापता क्रू मेंबर की तलाश कर रही हैं और हादसे की जांच की जा रही है.

सी हॉक हेलीकॉप्टर की की खासियत

सी हॉक एक दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर है. इसका इस्तेमाल स्पेशल मिलिट्री ऑपरेशन, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, एंटी सबमरीन वॉरफेयर, कार्गो लिफ्ट के लिए किया जाता है. यूएस सेना ने UH-60 ब्लैक हॉक को 1979 में अपने बेड़े में शामिल किया था. नेवी को साल 1983 में SH-60B सी हॉक और 1988 में SH-60F मिला.  MH-60S का पहला ऑपरेशनल स्क्वाड्रन हेलीकॉप्टर कॉम्बैट सपोर्ट स्क्वाड्रन फाइव था, जिसका मुख्य ठिकाना गुआम में था.

उधर, अमेरिका ‘सुपरसोनिक’ विमानों पर पांच दशक से अधिक समय से लागू प्रतिबंध को हटाने की दिशा में कदम उठा रहा है. इसके लिए नए नियमों का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें ऐसे विमानों के संचालन के लिए ध्वनि-आधारित मानक तय किए गए हैं. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने प्रायोगिक ‘एक्स-59’ विमान का सफल परीक्षण किए जाने के बाद अमेरिकी परिवहन विभाग ने मंगलवार (30 जून) को यह पहल की.

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