US Iran Talks: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार (25 फरवरी 2026) को स्विट्जरलैंड के शहर जिनेवा पहुंचा. यहां अमेरिका के साथ अहम वार्ता होनी है. इस बीच इस्लामी गणराज्य के राष्ट्रपति ने नए टकराव को टालने के लिए समझौते की संभावना पर सकारात्मक रुख दिखाया है.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता नहीं करता है तो उस पर हमले किए जा सकते हैं. मंगलवार 24 फरवरी को स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में उन्होंने तेहरान पर गंभीर परमाणु महत्वाकांक्षा का आरोप लगाया. यह बयान उस समय आया जब उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के आसपास बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती का आदेश दिया.

नए प्रतिबंधों की घोषणा की

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दबाव बढ़ाते हुए अमेरिका ने बुधवार को ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की. वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तेहरान को चेतावनी दी कि वह वाशिंगटन की सैन्य कार्रवाई की धमकी को गंभीरता से ले.

मसूद पेजेशकियन ने कही ये बात

हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि उन्हें वार्ता को लेकर सकारात्मक उम्मीद है. अपने एक भाषण में उन्होंने कहा कि हमें बातचीत के नतीजों को लेकर अच्छा भरोसा है. उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम लीडर के मार्गदर्शन में इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं ताकि न युद्ध और न शांति की स्थिति से बाहर निकला जा सके.

अधिकतम दबाव की नीति के बीच सख्त संदेश

पश्चिमी देशों का मानना है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन तेहरान लगातार कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मेरी प्राथमिकता इस समस्या को कूटनीति के जरिए हल करने की है, लेकिन एक बात साफ है कि मैं दुनिया के सबसे बड़े आतंक समर्थक देश को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दूंगा.

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास और भी कई विकल्प मौजूद हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके. उन्होंने फॉक्स न्यूज से बातचीत में कहा कि राष्ट्रपति ने पहले भी कदम उठाने की इच्छा दिखाई है और उन्हें उम्मीद है कि ईरान वार्ता के दौरान इसे गंभीरता से लेगा.