तुर्किए ने गाजा के लिए जा रहे एक्टिविस्ट फ्लोटिला (जहाजों के काफिले) को रोकने के मामले में इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. तुर्किए के न्याय मंत्री अकिन गुरलेक की ओर से बताया गया कि  सरकार ने इंटरपोल के माध्यम से नेतन्याहू और एक अन्य इजरायली अधिकारी के खिलाफ रेड नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है.

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नेतन्याहू के खिलाफ वारंट

तुर्किए का आरोप है कि साल 2026 के मई महीने में गाजा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे अंतरराष्ट्रीय फ्लोटिला को इजरायल ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में रोका था. इस्तांबुल की एक अदालत इस मामले में पीएम नेतन्याहू समेत कई इजरायली अधिकारियों के खिलाफ अनुपस्थिति में मुकदमा चला रही है. इन आरोपों में नरसंहार (Genocide), यातना, मानवता के खिलाफ अपराध, अवैध हिरासत और जहाजों के अपहरण जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.

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हालांकि, इजरायल की तरफ से इन आरोपों को खारिज कर दिया गया है. साथ ही, नेतन्याहू ने तुर्किए के प्रेसिडेंट रेचेप तैयप एर्दोआन की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि ये कदम राजनीतिक उद्देश्य से उठाया गया है और इसका कोई कानूनी आधार नहीं है.

तुर्किए-इजरायल के बीच बढ़ा तनाव

गौरतलब है कि इजरायल और तुर्किए के बीच काफी लंबे समय से तनाव है. इससे पहले साल 2010 में गाजा जा रहे एक प्रो-फिलिस्तीनी फ्लोटिला पर इजरायली कमांडो की कार्रवाई में 10 तुर्किए नागरिकों की मौत हो गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा हो गया था. हाल के वर्षों में गाजा युद्ध और फिलिस्तीनी मुद्दे पर तुर्किए लगातार इजरायल की आलोचना करता रहा है, जबकि इजरायल इन आरोपों को निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताता रहा है.

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