Russia Earthquake: रूस के कुरील द्वीप समूह में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया है. यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) ने कहा कि शुक्रवार (13 जून 2025) को आए भूकंप का केंद्र जमीन के 12 किलोमीटर नीचे था. कुरील द्वीप रूस के सुदूर पूर्वी भाग में स्थित सखालिन ओब्लास्ट (प्रांत) में स्थित द्वीपसमूह. यह द्वीपसमूह कामचटका प्रायद्वीप (रूस) के दक्षिणी सिरे से होक्काइडो द्वीप ( जापान ) के उत्तरपूर्वी कोने तक 750 मील (1,200 किमी) तक फैला हुआ है. ये ओखोटस्क सागर को प्रशांत महासागर से अलग करता है. ये 56 द्वीप एक समूह है, जो 6,000 वर्ग मील (15,600 वर्ग किमी) में फैले हुए हैं.

यह रेंज प्रशांत महासागर के चारों ओर भूगर्भीय अस्थिरता की पट्टी का हिस्सा है. इसमें कम से कम 100 ज्वालामुखी हैं, जिनमें से 35 अभी भी सक्रिय हैं. कई गर्म झरने हैं. भूकंप और ज्वार की लहरें आम हैं. साल 1737 की ज्वार की लहर 210 फीट (64 मीटर) की ऊंचाई तक पहुंच गई, जो रिकॉर्ड में सबसे ऊंची है.

रूस से जुड़ी भूकंप की घटनाबीते 26 जनवरी को भी रूस के कामचटका क्षेत्र के पूर्वी तट के पास 5.5 तीव्रता का भूकंप आया था. इसकी पुष्टि  यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने ही की थी. भूकंप का केंद्र जमीन के 51 किमी नीचे था. उससे पहले पिछले साल दिसंबर में कुरील द्वीप समूह में ही 6.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था. बता दें कि साल 1952 में रूस के कुरील द्वीप समूह पर ही 9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था. ये एक ज्वालामुखी के फटने की वजह से पैदा हुआ था. भूकंप आने की मुख्य वजह की बात करें तो जमीन के नीचे मौजूद टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराते हैं. इसकी वजह से धरती के नीचे कंपन पैदा होती है. इसकी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं. इसके अलावा परमाणु हथियारों की परिक्षण की वजह से भी भूकंप के झटके महसूस होते हैं, जो ज्यादा नुकसानदेह नहीं होते हैं.