नई दिल्ली: उत्तर कोरिया का क्रूर तानाशाह किम जोंग उन अब दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत की मेज पर बैठने को तैयार हो गया है. नए साल के भाषण में जिस किम ने दक्षिण कोरिया के साथ रिश्तों में सुधार के संकेत दिए थे. तानाशाह किम ने एक कदम आगे बढ़ते हुए दक्षिण कोरिया के बातचीत के न्यौते को स्वीकर कर लिया है.

दोनों देशों के बीच ये बातचीत पानमुनजोम गांव में होगी जो दोनों देशों के बॉर्डर पर बसा है. बातचीत अगले हफ्ते के शुरुआत में हो सकती है. एजेंडे में प्योंगचांग विंटर ओलंपिक और अंतर कोरियाई संबंधों में सुधार शामिल है. दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने मीटिंग की खबरों की पुष्टि की है. एकीकरण मंत्रालय उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को देखता है.

इसी हफ्ते दोनों देशों के बीच दो सालों से ठप पड़ी हॉटलाइन सेवा को भी शुरु हुई है. विंटर ओलंपिक के बहाने ही सही लेकिन दोनों देशों के रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरु हो चुकी है. दक्षिण कोरिया ने विंटर ओलंपिक को कोरियाई प्रायद्वीप के लिए पीस ओलंपिक बताया था और उसी का नतीजा है कि दोनों देशों की अदावत में नरमी आई है.

दक्षिण कोरिया ने अमेरिका के साथ होने वाले अपने साझा युद्धाभ्यास को टाल दिया है. विंटर ओलंपिक तक दोनों देश युद्धाभ्यास नहीं करेंगे. आपको बता दें कि दक्षिण कोरिया में होने वाला पहला विंटर ओलंपिक 9 फरवरी से 18 मार्च तक आयोजित होगा.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के युद्धाभ्यास को किम हमेशा से उत्तर कोरिया के खिलाफ जंग की तैयारी के तौर पर देखता था. किम ने दक्षिण कोरिया की तरफ दोस्ती का हाथ ज़रुर बढ़ाया है लेकिन अमेरिका के खिलाफ उसकी नीति और रणनीति अब भी जस की तस है.

इस बीच अमेरिका ने दोनों देशों की बातचीत का स्वागत किया है. लेकिन ये साफ कर दिया है कि नॉर्थ कोरिया के खिलाफ उसकी सख्ती कायम रहेगी. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ट्वीट में कहा था, ''दुनिया भर के विशेषज्ञ फेल हो गए लेकिन बातचीत नहीं हुई. क्या किसी को अब भी लगता है कि अगर मैं उत्तर कोरिया के खिलाफ सख्त नहीं होता तो ये बातचीत होती ? मूर्ख, लेकिन बातचीत अच्छी पहल है.''