Earthquake in Myanmar: म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) को तबाही मचाने के बाद देर रात एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. हालांकि ये भूकंप इतना दिन में आए भूकंप की तरह बहुत शक्तिशाली नहीं था. नेशनल सीस्मोलॉजी सेंटर के मुताबिक, 28 मार्च की रात 11.56 मिनट पर आए इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 4.2 मापी गई थी. इस भूकंप से पहले दिन में लगातार दो बार आए भूकंप में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भूकंप के झटके इतने तेज थे कि पड़ोसी देश थाईलैंड में भी तबाही मच गई. यहां तक भारत के कई राज्यों में भी झटके महसूस किए गए.
एनसीएस के मुताबिक, म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) की रात 11.56 मिनट पर भूकंप आया था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 मापी गई. इसका केंद्र जमीन के अंदर 10 किलोमीटर गहराई में था. इससे पहले दिन में आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसके बाद सेना ने देश के कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी थी.
म्यांमार में भूकंप से थाईलैंड में लगे झटके
म्यांमार में शुक्रवार (28 मार्च) को में दो बार भूकंप के तगड़े झटके लगे. USGS के मुताबिक, म्यांमार के सागाइंग में आए भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.7 मापी गई. इस भूकंप के कुछ ही देर बाद 6.4 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया. इस भूकंप के झटके थाईलैंड में भी महसूस किए गए. जहां थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में कई इमारतें भरभराकर गिर गईं, जिनमें कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके बाद बैंकॉक को इमरजेंसी जोन घोषित कर दिया गया है. चीनी समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, चीन में भी शुक्रवार को शक्तिशली भूकंप महसूस किया गया, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 7.9 मापी गई.
म्यांमार की सेना ने घोषित की इमरजेंसी
देश में भूकंप से तबाही मचने के बाद म्यांमार की सेना ने कई राज्यों में इमरजेंसी घोषित कर दी. इन शहरों में मांडले, नेपीताव, सागाइंग, बागो और मैगवे क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वी राज्य शान भी शामिल है. बता दें कि इस भूकंप का केंद्र सागाइंग ही था. इसलिए मध्य इलाके में ही सबसे ज्यादा भूकंप से नुकसान हुआ है.
पीएम मोदी ने दिया मदद का आश्वासन
म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है. पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा, 'मैं सभी के सुरक्षित होने की कामना करता हूं. भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है. इस संबंध में हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है. साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है.'