मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐसे प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है, जिसके तहत ईरान को कतर और दुनिया के दूसरे देशों में रखे उसके 16 अरब डॉलर से ज्यादा के प्रतिबंधित फंड तक पहुंच दी जा सकती है. Dailypioneer की रिपोर्ट में यूरोपीय अधिकारियों और बातचीत से जुड़े सूत्रों का हवाला दिया गया है. इस कदम का मकसद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करना और दोनों देशों के बीच संभावित शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ना है. इससे पहले अमेरिका ने इन फंड का सीमित इस्तेमाल केवल मानवीय जरूरतों से जुड़ी खरीद के लिए करने की अनुमति दी थी, लेकिन वर्ष 2023 में इजरायल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद इस पहुंच पर रोक लगा दी गई थी.

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मौजूदा प्रस्ताव के तहत ईरान को अपने जमे हुए फंड का कंट्रोल तरीके से इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो. हालांकि अमेरिका की ओर से यह भी साफ किया गया है कि किसी भी तरह की शुरुआती प्रतिबंध राहत तभी संभव होगी, जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े वादों पर प्रगति दिखाए और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े बड़े मुद्दों पर सकारात्मक कदम उठाए. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो समेत कई अधिकारियों ने यही बात दोहराई है.

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव

यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब क्षेत्र में तेज कूटनीतिक गतिविधियां चल रही हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव कम करने के प्रयासों के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े संभावित समझौतों पर भी बातचीत की जा रही है. हालांकि शांति समझौते की उम्मीदें बढ़ी हैं, लेकिन ईरान ने साफ कहा है कि उसने अभी तक किसी भी प्रस्ताव या समझौते पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. 

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