मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच अमेरिका की एक ताजा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के अनुसार चीन ईरान की सैन्य और तकनीकी तौर पर मदद कर रहा है. यह रिपोर्ट US-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन ने जारी की है. इसमें कहा गया है कि चीन ईरान को ड्रोन, एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और रॉकेट फ्यूल बनाने में इस्तेमाल होने वाली तकनीक दे रहा है.

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रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को चीन के दो जहाज ऐसे केमिकल लेकर ईरान की तरफ गए, जिनका इस्तेमाल रॉकेट फ्यूल बनाने में होता है, जैसे सोडियम परक्लोरेट. इसमें यह भी कहा गया है कि चीन अब अपनी रणनीति बदल रहा है. पहले वह खाड़ी देशों के साथ रिश्ते खराब होने के डर से ईरान को सीधे सैन्य मदद नहीं देता था और सिर्फ ड्यूल यूज तकनीक देता था, लेकिन अब चीन सीधे रक्षा से जुड़ी तकनीक भी ईरान को दे रहा है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीन का BeiDou Navigation System (BNS) भी ईरान इस्तेमाल कर रहा है.

कैसे मदद पहुंचा रहा है चीन?

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मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच BRICS और Shanghai Cooperation Organisation (SCO) जैसे मंचों के जरिए भी चीन और ईरान के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं. यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है जब मिडिल ईस्ट में जंग जारी है. ऐसे में इस तरह के दावे से वैश्विक राजनीति में चिंता और बढ़ सकती है. ईरान और चीन के बीच पिछले कुछ सालों में रिश्ते काफी मजबूत हुए हैं. यह संबंध सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, तेल-गैस, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा तक फैला हुआ है.

सबसे बड़ा कदम 2021 में उठाया गया था, जब दोनों देशों ने 25 साल का बड़ा समझौता किया है. इस समझौते के तहत चीन ईरान में सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा और टेक्नोलॉजी में निवेश करेगा. बदले में ईरान चीन को सस्ती दर पर तेल और गैस देगा. इससे दोनों देशों को लंबे समय तक फायदा होने की उम्मीद है.