Japan: जापान में एमपॉक्स से संक्रमित होने के कारण एक 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है. जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, यह एमपॉक्स संक्रमण के कारण देश में पहली मौत हुई है. 


जापान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एमपॉक्स के कारण सैतामा प्रान्त में रहने वाले 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हुई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि वह व्यक्ति इम्युनोडेफिशिएंसी से पीड़ित था. गौरतलब है कि बीते मई में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा था कि एमपॉक्स अब ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी नहीं है. ऐसे में जापान का यह ताजा मामला चिंता का विषय बन सकता है. 


मंकीपॉक्स का नाम बदल रखा गया था 'एमपॉक्स'


मालूम हो कि एमपॉक्स को पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था, लेकिन पिछले साल नवंबर में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स का नाम बदलकर 'एमपॉक्स' (mpox) कर दिया है. जापान में एमपॉक्स के पहले मामले की पुष्टि पिछले साल जुलाई में हुई थी.डब्ल्यूएचओ ने एमपॉक्स को जुलाई, 2022 में एक वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था.


फ्लू की तरह के लक्षण वाली बीमारी एमपॉक्स का संक्रमण पीड़ित व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से फैलता है, जिससे फ्लू जैसे लक्षण और मवाद से भरे घाव होते हैं. अधिकांश मामले हल्के होते हैं लेकिन घातक हो सकते हैं. लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और चकत्ते शामिल हैं. गंभीर लक्षण लगभग दो से चार सप्ताह तक रह सकते हैं. 


कैसे फैलता है एमपॉक्स?


सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेशन( सीडीसी) के मुताबिक यह वायरस संक्रमित जानवर या व्यक्ति के शरीर से निकले फ्लूड के संपर्क में आने, संक्रमित जानवर के काटने, छूने आदि कारणों से फैलता है. यह खासकर, चूहों, गिलहरियों और बंदरों से ज्यादा फैलता है.


एमपॉक्स से बचाव के उपाय 


इससे बचने के लिए संक्रमित जानवरों विशेषकर बीमार या मृत जानवरों के संपर्क में आने बचना चाहिए. इसके अलावा एक्सपर्ट का कहना है कि उन सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से पकाएं, जिनमें जानवरों का मांस या भाग शामिल हों.


ये भी पढ़ें: Canada: जानें निज्जर हत्याकांड में भारत के खिलाफ क्यों बोले थे ट्रूडो, खुद बताई वजह