Israel Iran Conflict Highlights: इजरायल ने किया साइबर अटैक तो ईरान ने दागी मिसाइल, कई ठिकानों को बनाया निशाना
Israel Iran Conflict News Highlights: ईरान और इजरायल के बीच चल रहा युद्ध खतरनाक मोड़ ले चुका है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अब अमेरिका ने भी ईरान पर हमले का प्लान बना लिया है.

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Israel Iran War Live Updates: ईरान और इजरायल के बीच चल रही जंग खतरनाक मोड़ पर है. इजरायल के अटैक के बाद ईरान ने भी उसे जवाब दिया, लेकिन अब...More
ईरान ने इजरायल के सोरोका अस्पताल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया है. मिसाइल अटैक की वजह से अस्पताल और इसके आसपास के इलाकों में भारी तबाही हुई है.
ईरान ने इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला कर दिया है. इस वजह से देश में सायरन बजने लगे हैं. लाखों इजरायली इस समय शेल्टर की ओर भाग रहे हैं.
ईरान में 12 घंटों से इंटरनेट पूरी तरह से बंद है. इजरायल ने ईरान पर साइबर अटैक भी किया था. इसकी वजह से इंटरनेट बंद किया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के फोर्डो फ्यूल एनरिचमेंट प्लांट पर अटैक को लेकर काफी खुश हैं. अब ईरान में एक ही साथ कई जगहों पर हमला हो सकता है. एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इसकी प्लानिंग पहले से ही चल रही थी.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने बताया कि उसने 60 फाइटर एयरक्राफ्ट के जरिए तेहरान पर हमला कर दिया है. इजरायल ने यूरेनियम एनरिचमेंट साइट को निशाना बनाया है. इसके साथ-साथ 20 से ज्यादा ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
इजरायल लगातार ईरान में अटैक कर रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक अब उसने अराक और खोंडब रिएक्टस के आसपास वाले इलाके में बमबारी शुरू की है. इजरायल डिफेंस फोर्स ने इसके आसपास के इलाके को खाली करने की चेतावनी भी जारी की है.
इजरायली सेना ने मध्य ईरान में अराक न्यूक्लियर फैसिलिटी के आसपास 2 किलोमीटर तक खाली करने का आदेश जारी किया है.
ईरान की ओर से दावा किया गया है कि उसने पहली बार इजरायल पर सेज्जिल मिसाइलें दागी हैं. ईरान ने इजरायल पर हमले में 2,000 किमी रेंज वाली सेज्जिल मिसाइलों का इस्तेमाल किया है.
ईरान ने एक बार फिर इजरायल पर ड्रोन से हमले की कोशिश की. इजरायल एयर फोर्स ने बताया कि करीब 2.20 बजे एक ड्रोन को मार गिराया. यह ईरान की तरफ से आया था.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद शुक्रवार को एक इमरजेंसी मीटिंग करेगी. ईरान ने बैठक का अनुरोध करते हुए कहा कि इस युद्ध में अमेरिका की सीधी भागीदारी है और इसकी वजह से स्थिति खतरनाक रूप से बढ़ गई है.
ट्रंप ने ईरान पर हमले की योजना को निजी तौर पर मंजूरी दी, लेकिन अंतिम आदेश को रोक रखा है. ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जारी रहने के कारण, राष्ट्रपति ट्रंप कई विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
इज़रायल में अमेरिकी राजदूत ने वह अपने नागरिकों को वहां से निकालने का काम कर रहा है. एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा, अमेरिकी नागरिक जो इज़रायल छोड़ना चाहते हैं उन्हें आपको स्मार्ट ट्रैवलर नामांकन कार्यक्रम (STEP) (https://mytravel.state.gov/s/step) में नाम रजिस्टर्ड कराना होगा.
ईरान के संचार मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि ईरान इंटरनेट एक्सेस पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने जा रहा है. उन्होंने कहा कि ये कदम उनके नागरिकों को दुश्मनों से बचाने के लिए उठाया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के संपर्क में हैं, लेकिन अब बात करने में बहुत देर हो चुकी है. उन्होंने कहा, "अब और एक सप्ताह पहले के हालात में बहुत अंतर है. कोई नहीं जानता कि मैं करूंगा. मेरा धैर्य खत्म हो चुका है. ईरान ने व्हाइट हाउस में बातचीत के लिए आने का प्रस्ताव रखा था." ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास खुद की रक्षा करने के लिए एयर डिफेंस नहीं है.
इजरायली वायुसेना ने तेहरान के लवीजान इलाके में हवाई हवाई हमले किए हैं. इसे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का गुप्त ठिकाना माना जाता है. इजरायल ने यह हमला खामेनेई के बयान देने के तुरंत बाद किया.
जर्मनी ने ईरान से परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने का आह्वान किया है. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडफुल ने कहा कि उन्होंने फ्रांस, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के मुख्य राजनायिक के साथ सोमवार को एक फोन कॉल में अपने ईरानी समकक्ष को यह संदेश दिया था.
इजरायली सेना ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा दिशा-निर्देशों में स्कूल बंद करने और अन्य प्रतिबंधों को अनिवार्य किया गया है. इजरायली सेना ने कहा कि ये बदलाव 20 जून को रात 8 बजे तक प्रभावी होंगे.
ट्रंप की धमकियों को जिक्र करते हुए खामेनेई ने कहा कि जो लोग ईरान के इतिहास को जानते हैं, वे जानते हैं कि ईरानी धमकियों की भाषा का अच्छी तरह से जवाब नहीं देते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान थोपी गई शांति या युद्ध को स्वीकार नहीं करेगा. ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, खामेनेई ने कहा कि अमेरिका को यह पता होना चाहिए कि ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा और किसी भी अमेरिकी हमले के गंभीर परिणाम होंगे.
तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि ईरान इजरायल के अवैध, पागलपन भरे हमलों के खिलाफ अपनी रक्षा कर रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबकि उन्होंने कहा, "ईरान की आत्मरक्षा स्वाभाविक, कानूनी और वैध है. तुर्किए इस विवाद को सुलझाने में अपना योगदान देने को तैयार है."
ईरान ने कहा है कि वह इजरायल को कड़ा जवाब देगा और अगर अमेरिकी सेनाएं संघर्ष में शामिल होती हैं तो वह उसके खिलाफ भी ऐसा ही करेगा. जिनेवा में ईरान के राजदूत अली बहरीनी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर इजरायली अटैक जारी रखते हैं तो तेहरान की ओर से कड़ा जवाब दिया जाएगा.
ईरान ने इजरायल और अमेरिका को धमकी दी है. उसने इजरायल से कहा है कि अगर अमेरिका युद्ध के मैदान में कूदता है तो फिर ऑल आउट वॉर होगी.
भारत में इजरायल के राजदूत कोब्बी शोशनी ने कहा, "भारत की तरह इजरायल में भी कोई विवाद नहीं है. हर कोई सरकार के फैसले का समर्थन करता है. हमें शांति से रहने के लिए बदलाव करना होगा. इसके लिए कीमत भी चुकानी होगी. मुस्लिम देशों से मिल रहा समर्थन यह दर्शाता है कि वे समझते हैं कि ईरान मध्य पूर्व में नकारात्मक भूमिका निभाता है. हमें बस भारत से प्यार चाहिए. हम नहीं चाहते कि भारत इस ऑपरेशन का हिस्सा बने. हम जानते हैं कि भारत हमारे साथ है"
रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की वजह से लोग तेहरान को खाली कर रहे हैं. तेहरान के लोग अपनी गाड़ियों से शहर से बाहर निकलने की कोशिश में हैं, लेकिन भयंकर ट्राफिक जाम लग चुका है.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा, ''ईरानी शासन का पतन शुरू हो गया है, तेहरान में बवंडर आ चुका है. बड़ी संख्या में लोग भाग रहे हैं. तानाशाही को तबाह किया जा रहा है.''
ईरान में साइबर अटैक को लेकर एक अहम खबर सामने आयी है. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक इजराइली समर्थक हैकिंग ग्रुप ने ईरान बैंक के खिलाफ साइबर अटैक किया है. इजरायल ने इस तरह से बड़े पैमाने पर ईरान में साइबर अटैक किया है.
इजरायली डिफेंस फोर्स ने कहा, ''आईडीएफ ने तेहरान क्षेत्र में एक सेंट्रीफ्यूज प्रोडक्शन साइट पर हमला किया है. इस दौरान 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों ने अलग-अलग ठिकानों को निशाना बनाया.''
ईरानी न्यूज एजेंसियों के मुताबिक ईरान ने बुधवार को कहा कि उसने देश की छवि ऑनलाइन खराब करने के आरोप में इजराइल की मोसाद खुफिया एजेंसी के पांच संदिग्ध एजेंटों को हिरासत में लिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइल-ईरान युद्ध पर बातचीत के लिए अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों से मुलाकात की. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति तनाव कम करना चाहते हैं. यह बैठक व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में हुई
'टाइम्स ऑफ इजरायल' की एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली वायुसेना ने ईरान के तीन ड्रोन्स को मार गिराया. ईरान ने ड्रोन के जरिए इजरायल पर अटैक की कोशिश की थी.
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का नुकसान उत्तरी इजरायल के एक अरब शहर को भी उठाना पड़ा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक एक बैलिस्टिक मिसाइल एक घर पर जा गिरी, जिससे चार लोगों की मौत हो गई.
एक रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने पिछले कुछ घंटों में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमानों से तेहरान के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.
ईरान में अभी तक कम से कम 585 लोग मारे गए और 1,326 अन्य घायल हुए हैं. वॉशिंगटन स्थित एक मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के समूह ने कहा कि उसने इजरायली हमले में मारे गए 239 लोगों की पहचान की है. वे सभी सामान्य नागरिक हैं. वहीं 126 लोगों की पहचान सुरक्षाकर्मियों के रूप में हुई है.
ट्रम्प प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रम्प और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फोन पर बातचीत की. यह स्पष्ट नहीं है कि क्या बात हुई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा, "ईरान के आसमान पर अब पूरी तरह से हमारा कब्जा है."
अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार होता है तो अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भेज सकता है, लेकिन इसके लिए ईरान को न्यूक्लियर प्लांट भी बंद करना होगा. अमेरिकी अधिकारियों को उम्मीद है कि इस सप्ताह एक उच्च स्तरीय बैठक हो सकती है.
ईरानी मीडिया के मुताबिक इजरायल ने पूर्वी तेहरान में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े इमाम हुसैन विश्वविद्यालय को निशाना बनाया है.
ईरान ने इजरायल पर तगड़ा हमला किया है. न्यूज एजेंसी मेहर की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी सेना ने बुधवार को तेल अवीव पर फत्ताह-1 मिसाइल से अटैक किया.
फत्ताह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है, जो कि मैक 5 की स्पीड से टारगेट तक पहुंचती है.
अमेरिका ने यरुशलम में अपना दूतावास फिलहाल बंद कर दिया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को कहा है कि सुरक्षा स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. इजरायल के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यरुशलम में दूतावास बुधवार से शुक्रवार तक बंद रहेगा.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने आधिकारिक तौर पर इजरायल के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया है. ईरान और इजरायल के बीच छठे दिन भी संघर्ष जारी है. ईरान ने इजरायल पर अटैक किया है. इसके जवाब में इजरायल ने 12 जगहों पर हमला किया.
ईरान ने चेतावनी जारी करते हुए लोगों से तेल अवीव खाली करने के लिए कहा है. ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इजरायल के तेल अवीव में पहले भी अटैक किया था.
ईरान के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मेजर जनरल मौसवी ने भी इजरायली नागरिकों से तेल अवीव और हाइफा के लोगों से कहा है कि वो शहर को खाली कर दें.
इजरायल के रक्षामंत्री इजरायल कात्ज ने ईरान के साथ सीजफायर को लेकर क्लीयर कर दिया है. उन्होंने कहा कि संघर्ष विराम के लिए किसी भी देश से कोई बात नहीं होगी. इस दौरान उन्होंने कहा कि इजरायल आज तेहरान में महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला करेगा.
इजरायल और ईरान के बीच चल रही बीते 5 दिनों से जंग के बाद पहली बार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चुप्पी तोड़ी है. चीनी राष्ट्रपति ने कहा, 'बीजिंग इस संघर्ष और टकराव से बहुत चिंतित है.' चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने मंगलवार को रिपोर्ट में कहा कि चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका देश मध्य पूर्व में अचानक तनाव बढ़ने से बहुत चिंतित है, जो ईरान के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई के कारण हुआ है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से दो टूक कहा है कि बिना किसी शर्त के सरेंडर करे. इसके अलावा उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई को भी धमकी देते हुए कहा कि हमें पता है कि आप कहां छिपे हुए हैं, लेकिन आप सुरक्षित हैं. हम आपको नहीं मारेंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान के एयरस्पेस पर अब हमारा कंट्रोल है.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ट्रंप ईरान के परमाणु संवर्धन प्रयासों को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई करने का फैसला कर सकते हैं. उन्होंने कहा, "राष्ट्रपति ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं कर सकता है. अमेरिकी लोगों के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अमेरिकी सेना का उपयोग किया जाएगा."
ईरान के बैंक सेपाह के ग्राहकों को साइबर हमले के कारण बैंकिंग सेवाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सीएनएन की रिपोर्टे के मुताबिक ईरान ने इजरायल से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने बैंक के सिस्टम में सेंध लगाने का दावा किया है.
पकिस्तान, सऊदी अरब सहित 21 देशों ने ईरान की समर्थन किया है. सभी देशों ने एक साझा बयान जारी करते हुए कहा कि इजरायल ने ईरान पर हमला कर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है.
इजरायल के राजदूत रुवेन अजार ने कहा, "हम ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करने के लिये हमारी क्षमता में जो कुछ भी होगा, उसे करेंगे. अगर हम कूटनीतिक समाधान तक पहुंचने में कामयाब होते हैं तो बेहतर होगा."
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच यूक्रेन ने अपने नागरीकों को इजरायल और ईरान छोड़ने के लिए कहा है. यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा, "मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर गिरावट आई है. इजरायल और ईरान में रह रहे यूक्रेनी नागरीक जल्द से जल्द उस जगह को छोड़ दें." इससे पहले चीन और दक्षिण कोरिया ने भी अपने नागरिकों को इजराइल और ईरान छोड़ने की सलाह दी थी.
इजरायल के रक्षा मंत्री ने कहा कि हम ईरान की राजधानी में 10 परमाणु ठिकानों को तबाह करने के बिल्कुल करीब हैं. टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि इजरायल की एयरफोर्स ने तेहरान में बुनियादी ढांचे के खिलाफ और तेज हमले करेगी.
संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के अनुसार, इजरायल के हवाई हमलों ने ईरान के प्रमुख परमाणु संवर्धन स्थलों में से एक को निशाना बनाया और उसे नुकसान पहुंचाया.
जी-7 के देशों ने एक साझा बयान में इजरायल का समर्थन किया, जिस पर ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, "जी-7 नेताओं के बयान में ईरान के खिलाफ इजरायल की आक्रामकता और हमारे शांतिपूर्ण परमाणु बुनियादी ढांचे पर गैरकानूनी हमलों के साथ-साथ आवासीय क्षेत्रों को निशाना बनाने और हमारे नागरिकों की हत्या की अनदेखी की गई है."
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान की परमाणु क्षमताओं के विकास के बारे में अपनी ही राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड की बात पर असहमति जताई. उन्होंने कहा कि जब हाल के दिनों में इजरायल ने हमला किया था, तब ईरान परमाणु हथियार बनाने कगार पर था.
जी-7 से अमेरिका आए ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु बम बनाने के बहुत करीब है. ट्रंप ने कहा, "सीधी बात है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता है. उसे इस मद्दे पर सरेंडर करना ही होगा, उससे कम कुछ नहीं हो सकता है."
ट्रंप ने कहा कि वह सीजफायर नहीं, बल्कि ईरान के परमाणु हथियारों का अंत चाहते हैं. इस बीच इजराइल का पश्चिमी तेहरान पर हमला जारी है. इजरायली मीडिया के मुताबिक इजराइली रक्षा बलों की ओर से यह हमला किया जा रहा है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को सक्रिय कर दिया गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीजफायर को लेकर ईरान से संपर्क नहीं किया है. उन्होंने कहा, "अगर ईरान को बात करनी है तो उन्हें मुझसे संपर्क करना होगा. सीजफायर को लेकर जो डील थी उसे ईरान को स्वीकार करने लेना चाहिए था, इससे कई जान बच सकते थे."
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अपने मिडिल-ईस्ट के राजदूत स्टीव विटकॉफ को भेज सकते हैं.
मिस्र, जॉर्डन और अन्य देशों ने इजरायल-ईरान संघर्ष को रोकने की अपील की है. कई देशों ने एक संयुक्त बयान में मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव की निंदा की, उन्होंने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए बातचीत का सहारा लेने का सुझाव दिया है.
थाईलैंड सरकार ईरान में फंंसे अपने लोगों को निकालने की तैयारी में है. सरकार ने अपनी सेना को इजरायल और ईरान से नागरिकों को निकालने के लिए विमान तैयार करने का आदेश दिया है.
ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर चीन ने सख्त वॉर्निंग दी है. उसने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. चीन का कहना है कि अमेरिका ही युद्ध का जिम्मेदार है.
तेहरान में फंसे 110 भारतीय मेडिकल छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. इनके साथ-साथ भारत के कुछ और लोग भी निकाले गए हैं. वे सभी आर्मेनिया के बॉर्डरसे बाहर निकले हैं.
ईरान ने एक बार फिर से इजरायल पर अटैक किया है. उसने चार जगहों पर मिसाइल से हमला किया है. ईरान के अटैक से इजरायल के हर्जलिया में एक आठ मंजिला इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई. वहीं एक खाली बस में आग भी लग गई.
इजरायल के कई शहरों में धमाके की खबर मिली है.तेल अवीव के उत्तर में हर्जलिया में भीषण विस्फोट हुआ है. ईरान के साथ चल रहा इजरायल का युद्ध अब अलग रूप ले चुका है.
इजरायल ने रात के समय अचानक मिले मौके का फायदा उठाते हुए तेहरान में हमला कर दिया और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर युद्ध के चीफ ऑफ स्टाफ, सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर अली शादमानी को मार गिराया. वह ईरानी नेता अली खामेनेई के सबसे करीबी व्यक्ति था.
ईरान में काफी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं. उन्हें निकालने के लिए ऑपरेशन शुरू हो चुका है. सभी लोगों को भारतीय दूतावास के संपर्क में रहने के लिए कहा गया है. उन्हें अपना कॉन्टेक्ट नंबर और लोकेशन शेयर करने के लिए भी कहा गया है.
ईरान ने एक बार फिर से इजरायल को निशाना बनाया है. इजरायली सेना ने कहा है कि ईरान की ओर से रात में तीन बार अटैक किया गया. इस दौरान उसने कम से कम 10 मिसाइलें दागी हैं. हालांकि ईरान की इस पर प्रतिक्रिया नहीं आयी है.
इजरायली राजदूत ने ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर प्रतिक्रिया दी है. उसने कहा कि ईरान के खिलाफ और ज्यादा आक्रामक कार्रवाई होगी. इजरायल के राजदूत येचिएल लीटर ने पिछले साल हिजबुल्लाह के खिलाफ पेजर हमले का संदर्भ दिया और कहा कि हमने कई आश्चर्यजनक काम किए हैं. जब मामला शांत होगा तो अपने आप पता चल जाएगा.
इजरायल को जी-7 देशों का साथ मिल गया है. जी-7 समिट के शीर्ष नेताओं ने कहा है कि वे ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देंगे. इससे ईरान की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं.
इजरायल के तेल अवीव और ईरान की राजधानी तेहरान में धमाकों की खबर आ रही हैं. ये दोनों ही देश एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से अटैक कर रहे हैं.
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