US-Israel Iran War Highlights: ईरान का दावा- स्कूल पर इजरायल ने किया हमला, 160 मासूम बच्चियों की खुद रहीं कब्रें
US-Israel Iran War Highlights: अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई. आज यानी 3 मार्च को जंग का चौथा दिन है, जहां दिनभर बमबारी होगी.

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मिडिल ईस्ट अब एक बड़े युद्ध की चपेट में है. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने शनिवार यानी 28 फरवरी 2026 की सुबह ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले...More
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके दहिया में हिजबुल्लाह से जुड़े टीवी चैनल अल-मनार के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक की है. ये हमला कुछ घंटे पहले हुआ, जब इजरायली मीडिया ने कहा था कि मिलिट्री अल-मनार टीवी बिल्डिंग को टारगेट करेगी. अल-मनार ने टेलीग्राम पर कन्फर्म किया कि हारेट ह्रेक इलाके में उनका बिल्डिंग टारगेट हुआ. धमाकों की आवाज पूरे इलाके में गूंजी, लेकिन चैनल अब दूसरे लोकेशन से ब्रॉडकास्ट कर रहा है और फिर से ऑन एयर है. पिछले 24 घंटों में लेबनान में इजरायली हमले बहुत तेज हो गए हैं.
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों का बचाव करते हुए कहा कि ये ऑपरेशन 'लिमिटेड स्कोप' वाला था. इसका उद्देश्य सीमित था और ये 'हमारी डिफेंस के लिए बहुत जरूरी' था. उन्होंने ये बात एक क्लासिफाइड ब्रीफिंग के बाद रिपोर्टर्स से कही, जहां ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के सीनियर अधिकारियों ने कांग्रेस लीडर्स को ईरान ऑपरेशन की जानकारी दी. जॉनसन ने कहा, 'क्योंकि इजरायल ने अमेरिका के साथ या बिना अमेरिका के साथ एक्शन लेने का फैसला कर लिया था, हमारे कमांडर इन चीफ (ट्रंप) और एडमिनिस्ट्रेशन को बहुत मुश्किल फैसला लेना पड़ा.'
जॉनसन ने बताया कि इजरायल ईरान को अपना अस्तित्व का खतरा मानता था और वो अकेले भी हमला करने को तैयार था. अगर अमेरिका साथ नहीं देता, तो ईरान अमेरिकी फोर्सेस और नागरिकों पर हमला कर देता, जिससे 'स्टैगरिंग लॉसेस' (बहुत भारी नुकसान) हो सकते थे. जॉनसन ने कहा कि ट्रंप ने 'एक्सक्विजिट इंटेलिजेंस' (बहुत सटीक खुफिया जानकारी) के आधार पर फैसला लिया ताकि अमेरिकी ट्रूप्स को बचाया जा सके.
ट्रंप ने न्यूज नेशन को बताया कि अमेरिका ईरान की मिसाइल, न्यूक्लियर और मिलिट्री क्षमता को तबाह करने के लिए ऑपरेशन चला रहा है. उन्होंने कहा कि ये 4-5 हफ्ते चलेगा, लेकिन जरूरत पड़ी तो ज्यादा लंबा भी जा सकता है. अब तक 6 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं. ट्रंप ने ईरान के कंट्रोल पर सवाल पूछने पर भी कहा, 'आपको बहुत जल्द पता चल जाएगा कि ईरान पर कौन कंट्रोल कर रहा है.' अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के 14 देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने का अलर्ट जारी किया है. हजारों अमेरिकी वहां फंसे हैं और एयरपोर्ट बंद होने से निकलना मुश्किल हो रहा है. तेल की कीमतें बढ़ रही हैं क्योंकि होर्मुज स्ट्रैट पर खतरा मंडरा रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही जंग में नया बयान दिया है. न्यूज नेशन की पत्रकार केली मेयर ने बताया कि ट्रंप ने उन्हें फोन पर कहा है कि रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन हमले का जवाब 'बहुत जल्द' पता चल जाएगा. उन्होंने ये भी कहा कि ईरान के खिलाफ जंग में अमेरिकी ग्राउंड ट्रूप्स भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
IDF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तेहरान में ईरान के स्टेट ब्रॉडकास्टर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) के कम्युनिकेशन और प्रोपगैंडा सेंटर को पूरी तरह नष्ट कर दिया है. इजरायली एयर फोर्स के फाइटर जेट्स ने मिलिट्री इंटेलिजेंस की सटीक जानकारी के आधार पर दर्जनों बम गिराए और इस सेंटर को उड़ा दिया. IDF ने कहा कि ये सेंटर हाल ही में ईरानी रिजीम की मिलिट्री ऑपरेशन्स को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल हो रहा था, जहां सिविलियन सुविधाओं के नाम पर मिलिट्री एक्टिविटी चलाई जा रही थीं. IDF ने बयान में कहा है कि ये कम्युनिकेशन सेंटर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के डायरेक्ट गाइडेंस में चल रहा था. IRIB ने सालों से इजरायल के खिलाफ नफरत फैलाई है, इजरायल को तबाह करने और न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की बात की है. साथ ही ईरान के अंदर लोगों को दबाने और झूठ फैलाने का काम भी यहीं से होता था. IDF ने कहा, 'हम तेहरान भर में ईरानी टेरर रिजीम की इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले जारी रखेंगे.'
अमेरिका और इजरायल की ईरान पर चल रही सैन्य कार्रवाई में अब नया मोड़ आ गया है. CNN ने एक सीनियर अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया कि अगले 24 घंटों में ईरान पर हमलों में 'मेजर बढ़ोतरी' होने वाली है. पहले राउंड के हमलों से ईरान की डिफेंस काफी कमजोर हो चुकी है और अब अगला फेज ईरान की मिसाइल प्रोडक्शन, ड्रोन (अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स) और नेवी को पूरी तरह तबाह करने पर फोकस होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले की आलोचना करने वाले डेमोक्रेट्स पर तीखा हमला बोला है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए कहा कि 'रैडिकल लेफ्ट डेमोक्रेट्स' पार्टी पूरी तरह भटक चुकी है और वो इस 'बहुत जरूरी और महत्वपूर्ण' हमले की शिकायत कर रहे हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि ये काम उन्होंने किया. ट्रंप ने लिखा, 'ज्यादातर लोग समझते हैं कि वो सिर्फ इसलिए शिकायत कर रहे हैं क्योंकि मैंने ये किया. अगर मैंने नहीं किया होता, तो ये चिल्ला रहे होते- ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों नहीं किया, उसे तुरंत करना चाहिए था.'
ट्रंप ने कहा कि इसमें कोई हैरानी वाली बात नहीं है. ये वही लोग हैं जो हाल ही में स्टेट ऑफ द यूनियन एड्रेस में किसी के लिए भी नहीं खड़े हुए. ट्रंप ने आगे कहा, 'सच ये है कि मैं जो भी करूं, ये लोग उसके खिलाफ खड़े हो जाते हैं. ये लोग बीमार, पागल और डिमेंटेड हैं, लेकिन इन सबके बावजूद अमेरिका अब पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बेहतर और मजबूत है. मेक अमेरिका ग्रेट अगेन.'
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने अमेरिकियों को सलाह दी है कि वे गंभीर सुरक्षा जोखिमों के कारण कमर्शियल तरीकों से मिडिल ईस्ट के कई देशों को तुरंत छोड़ दें. इन देशों में बहरीन, कुवैत, मिस्र, लेबनान, ईरान, ओमान, इराक, कतर, इज़राइल, वेस्ट बैंक और गाजा, सऊदी अरब, सीरिया, जॉर्डन, यूनाइटेड अरब अमीरात और यमन शामिल हैं.
इराकी न्यूज एजेंसी के मुताबिक इराक के प्रधानमंत्री अल-सुदानी ने कमांडर-इन-चीफ के तौर पर खुद इराक में सभी मिलिट्री और सिक्योरिटी ऑपरेशन अपने हाथ में ले लिए हैं. हालांकि इराक ने पहले ही साफ कर दिया है कि वह जंग से दूर रहेगा.
कुवैत सरकार के एक बयान के मुताबिक, ईरानी हमलों की शुरुआत के बाद से देश पर 178 बैलिस्टिक मिसाइल और 384 ड्रोन दागे गए हैं, जबकि 27 सैनिक घायल हुए हैं. वहीं, रॉयटर्स के मुताबिक सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास में 2 धमाकों के बाद आग लगने की खबर सामने आई है. हालांकि जिस वक्त ड्रोन अटैक हुआ उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था.
इजरायली वायु सेना ने ट्वीट किया, "वायु सेना ने पश्चिमी ईरान में ईरानी आतंकी शासन के गोलाबारी ठिकानों को निशाना बनाते हुए और क्षेत्र में आईडीएफ की हवाई श्रेष्ठता को मजबूत करते हुए तीन और हमले पूरे किए हैं. इन हमलों के तहत वायु सेना ने ईरानी आतंकी शासन द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे दर्जनों मिसाइल लॉन्चरों, रक्षा प्रणालियों और अन्य गोलाबारी ठिकानों पर सैकड़ों गोले गिराए.''
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रंप ने एक्स पर लिखा है, "अगर मैंने ओबामा के भयानक ईरान परमाणु समझौते (जेसीपीओए) को खत्म नहीं किया होता तो ईरान के पास तीन साल पहले ही परमाणु हथियार होता. यह अब तक का सबसे खतरनाक समझौता था और अगर इसे कायम रहने दिया जाता तो आज दुनिया बिल्कुल अलग होती. इसके लिए आप बराक हुसैन ओबामा और सुस्त जो बाइडन को दोषी ठहरा सकते हैं."
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ट्वीट किया है, "नागरिक उड्डयन मंत्रालय मिडिल ईस्ट के कुछ हिस्सों में एयरस्पेस की बदलती स्थिति और इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशन पर इसके असर पर करीब से नज़र रख रहा है. फंसे हुए यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं. एयरलाइंस जरूरत के हिसाब से एक्स्ट्रा कैपेसिटी लगा रही हैं और यात्रियों की सुरक्षित और सही तरीके से आवाजाही पक्का करने के लिए विदेशी एविएशन अथॉरिटी और विदेश में भारतीय मिशन के साथ मिलकर काम कर रही हैं."
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्वीट किया है, "तेहरान का आतंकी शासन आम लोगों पर गोली चलाता है और हम आम लोगों को बचाने के लिए तेहरान के आतंकी शासन पर गोली चलाते हैं. हमने यह अभियान इसलिए शुरू किया ताकि अस्तित्व के खतरे दूर हो सकें और बहादुर ईरानी लोगों के लिए ज़ुल्म का बोझ उतार फेंकने के लिए हालात बनाए जा सकें. वह दिन पास है और जब वह आएगा तो इज़राइल और यूनाइटेड स्टेट्स वहां होंगे..."
वॉर के बीच रियाद में भारतीय दूतावास ने ट्वीट कर ऐलान किया, "इंडिगो एयरलाइंस जेद्दा से भारत के लिए स्पेशल फ्लाइट्स उड़ाएगी." इससे वहां फंसे भारतीयों ने राहत की सांस ली है.
इजरायल-ईरान जंग के बीच फंसे यात्रियों के लिए इंडिगो जेद्दा से 10 स्पेशल फ्लाइट्स चलाएगा. सिविल एविएशन मंत्रालय ने बताया, '3 मार्च 2026 को जेद्दा से भारत के लिए 10 स्पेशल फ्लाइट्स के जरिए रिलीफ ऑपरेशन की योजना बनाई गई है.'
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसने ईरान में रात भर चले हमलों में बी-1 बॉम्बर का इस्तेमाल किया. अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा, कल रात अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए ईरान के अंदरूनी इलाकों पर हमला किया.'
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने सोमवार को कहा कि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में कथित तौर पर अमेरिका से जुड़े एक तेल टैंकर पर हमला किया है. यह हमला अमेरिका-इजरायल के हमले के जवाब में की गई जवाबी कार्रवाई का हिस्सा है.
ट्रंप ने कहा, 'ईरान में सैन्य अभियान चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकता है, लेकिन इससे ज्यादा समय के लिए भी चले तो मैं तैयार हूं. आज किसी ने कहा कि राष्ट्रपति इसे बहुत जल्दी निपटाना चाहते हैं, वे इससे ऊब जाएंगे. मैं नहीं ऊबता.'
ट्रंप ने कहा, 'अगर ईरान के पास लंबी दूरी की मिसाइलें और परमाणु हथियार हो जाती तो ये सिर्फ मिडिल ईस्ट के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिका के लिए भी खतरा होता. मुझे राष्ट्रपति ओबामा द्वारा किए गए ईरान परमाणु समझौते को रद्द करने पर बहुत गर्व है.'
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'ईरानी शासन का पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तेजी से बढ़ रहा था. इससे अमेरिका और विदेशों में तैनात हमारी सेनाओं के लिए एक बहुत बड़ा और स्पष्ट खतरा पैदा हो गया था. ईरान के पास पहले से ही यूरोप और हमारे स्थानीय और विदेशी ठिकानों पर हमला करने में सक्षम मिसाइलें थीं. जल्द ही वे अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलें बना लेते.
ट्रंप ने कहा, 'करीब 47 सालों से यह (ईरानी) शासन संयुक्त राज्य अमेरिका पर हमला कर रहा है और अमेरिकियों को मार रहा है. जनरल कासिम सुलेमानी को मैंने अपने पहले कार्यकाल में ही मार गिराया था. इस समय हम ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट कर रहे हैं. दूसरा, हम उनकी नौसेना को पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं. हम पहले ही उनके 10 जहाजों को नष्ट कर चुके हैं. तीसरा, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दुनिया का नंबर एक आतंकवादी प्रायोजक कभी भी परमाणु हथियार प्राप्त न कर सके. मैंने शुरू से ही कहा था कि उनके पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे
ट्रंप ने कहा, 'हमला करने का यह अच्छा समय था. ईरान लगातार झूठ बोल रहा है. उसके खिलाफ लंबा ऑपरेशन करेंगे, जिसे दुनिया देखती रह जाएगी. बेहतर होगा कि ईरान सरेंडर कर दे.'
ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका ईरान में बड़े पैमान पर सैन्य अभियान चला रही है. मैंने हमला करने से पहले ईरान को समझाया था, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं मानी. ईरान के परमाणु ठिकाने को नष्ट करेंगे.'
ट्रंप ने कहा, 'ईरान के पास लंबी दूरी वाली मिसाइल है. अगर उसके पास परमाणु हथियार होगा तो अमेरिकियों के लिए गंभीर खतरा होगा. हम ऐसे देश को परमाणु हथियार की अनुमति नहीं दे सकते, जो आतंकवादी को तैयार करता हो. ऐसा हथियार रखने से उन्हें दुनिया से जबरन वसूली करने की ताकत मिल जाएगी
ट्रंप ने कहा, 'इजरायल की स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत है. अमेरिका एक बार फिर दुनिया का सबसे धनी और शक्तिशाली देश बन गया है. यह सब हमारे उन योद्धाओं के कारण हुआ जो जंग में अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार रहते हैं.'
ट्रंप ने कहा, 'हमने ईरान पर ऐसा हमला किया, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा. हजारों लोगों का खून बहाने वाला खामेनेई अब मर चुका है. इस मौत पर ईरान के लोगों ने जश्न मनाया. जब तक हम लक्ष्य को नहीं पा लेते तब तक हमला करते रहेंगे.'
न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में ट्रंप ने कहा, 'अगर जरूरत पड़ी तो ईरान में जमीन पर सैनिक भेजने में मुझे कोई हिचक नहीं है. ईरान में बड़े हमलों की लहर जल्द आने वाली है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पीएम मोदी ने जॉर्डन के किंग से बात की. उन्होंने क्षेत्र में जंग जैसे हालात पर चिंता जताई है. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'मैंने जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला से बात की. मैंने क्षेत्र में उत्पन्न हो रही स्थिति पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की. हम जॉर्डन की शांति, सुरक्षा और जनता के कल्याण के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं. मैंने इस कठिन समय में जॉर्डन में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया.'
UAE ने खरीदारी की लिमिट्स तय कर दी है. सुपरमार्केट से ग्राहकों की मर्जी से सामान नहीं मिलेगा. अब यहां जरूरत के हिसाब से सामान मिलेगा. रोजमर्रा के सामान की कमी ना हो इसलिए यह रिस्ट्रिक्शंस लगाई गई है.
ईरान में लेबनान में अमेरिकी दूतावास पर मिसाइल अटैक कर सकता है. लेबनान की राजधानी बेरूत में अमेरिका की 2nd लार्जेस्ट एम्बेसी है, जो 45 एकड़ में फैली है. यहां 10 हजार अमेरिकी सैनिकों को रखने का इंतजाम है. इजरायल ने लेबनान को हिजबुल्लाह के गढ़ की 50 इमारतों को खाली करने की चेतावनी दी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने कहा, 'हम जबरदस्त तरीके से ईरान को निशाना बना रहे हैं. मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा है. हमने अभी उन्हें पूरी ताकत से मारना शुरू भी नहीं किया है. बड़ा हमला तो अभी हुआ ही नहीं है. बहुत जल्द बड़ा वॉर होने वाला है.'
दुबई एयरपोर्ट्स ने पुष्टि की है कि सीमित उड़ानें आज शाम, 2 मार्च से फिर से शुरू हो रही हैं. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DXB) और दुबई वर्ल्ड सेंट्रल- अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट (DWC) से कुछ ही उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है. एयरपोर्ट ने कहा, 'यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे DXB या DWC के लिए तब तक प्रस्थान न करें जब तक कि उनकी एयरलाइन द्वारा उन्हें प्रस्थान समय की पुष्टि न कर दी गई हो.'
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रात 9:30 बजे संबोधन होगा. मिडिल ईस्ट में ईरान से जारी जंग पर अमेरिका के राष्ट्रपति बोलेंगे.
भारतीय दूतावास ने MKD व्योम जहाज पर सवार एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत पर संवेदनाएं व्यक्त की है. दूतावास ने कहा, 'जहाज पर सवार हमारे नागरिकों को सुरक्षित और जल्दी वापस लाने में मदद के लिए ओमान में स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. हम इस मामले में हर मुमकिन मदद देने के लिए तैयार हैं.'
अमेरिकी-इजरायली हमले में घायल ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की पत्नी मंसूरेह खोजस्ते बाघेरजादेह की भी मौत हो गई है. शनिवार को हुए हमले में वह बुरी तरह घायल हो गई थीं.
ओमान में ईरान की ओर से किए गए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई है. ओमान की मीडिया के अनुसार तेल टैंकर पर ईरान ने हमला किया, जिसमें एक भारतीय की मौत हुई.
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार सैयद माजिद इबन अल रेजा को ईरान का कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है.
ईरान ने साइप्रस में एक ब्रिटिश सैन्य अड्डे के रनवे पर ड्रोन हमला किया. इससे यूरोपीय यूनियन के सदस्य देशों ने ईरान के खिलाफ समर्थन देने का वादा किया.
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा है कि उनका देश ईरान के खिलाफ जंग में उतरने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि ईरान के जवाबी हमलों से प्रभावित खाड़ी देशों की मदद करने के लिए फ्रांस तैयार है.
इजरायल ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू के ऑफिस पर हमला किया.
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) का दावा है कि ईरान ने आज सुबह नेतन्याहू के ऑफिस पर हमला किया, उनका पता अभी तक नहीं चल पाया है. ईरान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसके मिसाइल हमले में नेतन्याहू के कार्यालय और इजरायली वायु सेना के कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाया गया.
लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर रात भर जवाबी हमले करने के बाद, इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने को कहा कि पश्चिमी एशिया में जंग बढ़ने के साथ ही यह आतंकवादी संगठन ऐसी लड़ाई में उतर रहा है जिसे वह जीत नहीं सकता.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने मिडिल ईस्ट की स्थिति को बेहद चिंताजनक बताया. IAEA ने ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमलों और तेहरान के जवाबी मिसाइल हमलों के बाद संयम बरतने का आग्रह किया. ग्रॉसी ने कहा कि IAEA को अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि ईरान में किसी भी परमाणु प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचाया गया है या उस पर हमला किया गया है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने यूनाइटेड नेशंस महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जेम्स करियुकी को एक आधिकारिक पत्र लिखा है. ये पत्र ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की 'शहादत' के बाद भेजा गया है, जो अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में हुई. ईरान इसे 'कायरतापूर्ण आतंकी हमला' और अंतरराष्ट्रीय कानून का सबसे बड़ा उल्लंघन बता रहा है.
ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने आज बड़ा अपडेट दिया है. संगठन के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल के हमलों से अब तक देश के कुल 131 काउंटी (काउंटी या जिले) प्रभावित हो चुके हैं. ये संख्या ईरान के 31 प्रांतों में फैली हुई है, जिसमें तेहरान, इस्फहान, शिराज और तबरेज जैसे बड़े शहरों के इलाके भी शामिल हैं. रेड क्रिसेंट ने कहा कि राहत कार्य बिना रुके जारी हैं. ह्यूमैनिटेरियन मिशन के तहत रेस्क्यू टीमें प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं और पूरे देश में 1 लाख से ज्यादा रिस्पॉन्डर्स हाई अलर्ट पर हैं. संगठन ने बताया कि अभी करीब 40 लाख वॉलंटियर्स का नेटवर्क तैयार खड़ा है, जो जरूरत पड़ने पर तुरंत ह्यूमैनिटेरियन सर्विस, मदद और साइकोसोशल सपोर्ट (मानसिक सहायता) पहुंचाने के लिए तैयार है.
चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि ईरान से अब तक 3,000 से ज्यादा चीनी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. मंत्रालय ने कहा कि ईरान में रहने वाले बाकी चीनी नागरिकों को जितनी जल्दी हो सके, देश छोड़कर निकल जाना चाहिए. साथ ही ये भी कन्फर्म किया कि तेहरान में हुए हमलों में एक चीनी नागरिक की मौत हो गई है. चीन के विदेश मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, 'हमारी सरकार ने ईरान में फंसे अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तुरंत एक्शन लिया. 3,000 से ज्यादा लोग पहले ही सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. हम बाकी लोगों से अपील करते हैं कि वो उपलब्ध सबसे जल्दी रास्ते से ईरान छोड़ दें.' मंत्रालय ने ये भी कहा कि वो ईरान में रहने वाले चीनी लोगों को हरसंभव मदद दे रहा है, जिसमें ट्रांसपोर्ट, शेल्टर और इमरजेंसी सपोर्ट शामिल है.
इजरायल-अमेरिका की संयुक्त मिसाइल हमले में इराक की राजधानी बगदाद के दक्षिण में जुरफ अल-सख्र इलाके में ईरान समर्थित पैरामिलिट्री ग्रुप कताइब हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया है. हमले से काफी सामग्री नुकसान हुआ, जिसमें वाहन, साइट्स और गोदाम जल गए. अभी तक किसी मौत की खबर नहीं है. ये हमला ईरान-अमेरिका-इजरायल जंग के बीच ईरान के प्रॉक्सी ग्रुप्स पर दबाव बढ़ाने का हिस्सा लगता है, क्योंकि कताइब हिज्बुल्लाह ने अमेरिकी बेस पर हमलों की धमकी दी थी. स्थिति नाजुक बनी हुई है और इलाके में तनाव बढ़ रहा है.
सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी Aramco ने आज अपनी सबसे बड़ी रिफाइनरी रास तनूरा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है. ये फैसला एक ड्रोन अटैक की कोशिश के बाद लिया गया, जिससे इलाके में छोटी आग लग गई थी. सऊदी डिफेंस मिनिस्ट्री और इंडस्ट्री सोर्सेज के मुताबिक, स्थिति अब कंट्रोल में है, कोई मौत नहीं हुई और आग पर जल्दी काबू पा लिया गया.
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया है. उन्होंने X पर पोस्ट करके कहा कि ट्रंप की 'विशफुल थिंकिंग' (मतिभ्रम वाली सोच) ने पूरे क्षेत्र को एक अनावश्यक जंग में धकेल दिया है. लारीजानी ने लिखा कि अब ट्रंप सही में अमेरिकी सैनिकों की और मौतों से चिंतित हैं. उन्होंने ये भी कहा कि ये बहुत दुखद है कि ट्रंप अमेरिकी धन और खून को इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू की गैरकानूनी विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के लिए कुर्बान कर रहे हैं.
ईरान ने जवाब में इजराइल समेत मिडिल-ईस्ट के 4 देशों पर ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू किए हैं. इससे पहले उसने कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और UAE में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया था. UAE के सबसे ज्यादा आबादी वाले शहर दुबई के पाम होटल एंड रिसोर्ट और बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला किया था.
ईरान की मिसाइलें तुर्किये में अमेरिका के बेस तक पहुंच गई हैं. यानी अब ईरानी मिसाइलों के निशाने पर अमेरिका का एक और एयरबेस है. इजरायल ने साउथ लेबनान और बेरुत के अल-दाहिए में रॉकेट से हमले तेज कर दिए हैं. वहीं, लेबनान में इजरायली हमले में 40 लोगों की मौत हो गई है. UAE के सुपरमार्केट्स में सामान की सप्लाई घट गई है.
इराक के उत्तरी कुर्दिस्तान क्षेत्र की राजधानी एरबिल में आज सुबह जोरदार धमाके सुनाई दिए. अल जजीरा अरबी के रिपोर्टर्स ने बताया कि 'बड़े धमाके' हो रहे हैं और इराकी एयर डिफेंस सिस्टम मिसाइलों और ड्रोन्स को रोकने में जुटे हैं, जो एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट को टारगेट करने की कोशिश कर रहे थे. ये धमाके एयरपोर्ट के आसपास हुए, जहां अमेरिकी लीड कोलिशन फोर्सेस के ट्रूप्स तैनात हैं. लोकल मीडिया और AFP के जर्नलिस्ट्स ने बताया कि एयरपोर्ट के पास से मोटा काला धुआं उठता दिखा. एयर डिफेंस ने कई ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, जिससे आसमान में ब्लास्ट हुए और मलबा गिरा. अभी तक किसी मौत या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इलाके में सिक्योरिटी बहुत टाइट कर दी गई है.
ईरान के लगातार हमलों की वजह से मध्य इजरायल के यरुशलम में सायरन बज रहे हैं. ऊपरी गैलील और गोलान हाइट्स में भी ड्रोन घुसपैठ के संदेह में चेतावनी जारी की गई है. IDF का कहना है कि वह इन मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रहा है. वहीं, कुवैत में अमेरिकी दूतावास ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है. देश में अभी भी मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है.
इजरायल की सेना के मुताबिक, हिज्बुल्लाह के इजरायल पर हमला करने के बाद तेल अवीव में एक बैठक हुई. इसमें इजरायली सेना के चीफ ऑफ स्टाफ एयाल जमीर ने घोषणा करते हुए कहा, 'हमने हिज्बुल्लाह के खिलाफ आक्रामक अभियान शुरू किया है.' यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब लेबनानी अधिकारियों ने कहा है कि देश पर इजरायली हवाई हमलों में तक कम से कम 31 लोग मारे गए हैं और 149 अन्य घायल हुए हैं.
इजरायल ने ईरान के सनंदज शहर पर हमले किए, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई है. ईरानी न्यूज एजेंसी फार्स के मुताबिक, शहर को दुश्मन की मिसाइलों से निशाना बनाया गया और शहर के पुलिस स्टेशन के बगल में स्थित कई आवासीय इमारतें नष्ट हो गईं. अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने घनी आबादी वाले इलाकों सहित शहर के विभिन्न हिस्सों पर 6 मिसाइलें गिराईं. वहीं, इजरायल ने लेबनान पर भी हमला किया है. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान में हुए इजराइली हमलों में 31 लोग मारे गए और 149 लोग घायल हुए हैं.
ईरान ने दावा किया है कि उसने एक F-15 फाइटर जेट को मार गिराया है. ईरानी मीडिया और सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में एक F-15 जेट को स्पाइरल (घूमते हुए) नीचे गिरते हुए दिखाया गया है, जिसमें पीछे से आग लगी हुई नजर आ रही है. ये वीडियो धीमी गति में है और प्लेन के क्रैश होने का ड्रामेटिक मंजर कैद करता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने सोमवार को ये दावा किया जब अमेरिका और इजरायल के साथ जंग तीसरे दिन में पहुंच चुकी है. ये इलाका अब पूरी तरह युद्ध की चपेट में है और रूस-यूक्रेन जंग के बाद दुनिया का दूसरा बड़ा मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट बन गया है.
अल जजीरा के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की राजधानी अबू धाबी में विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं. पड़ोसी देश कतर की राजधानी दोहा में भी लगभग आधा दर्जन धमाकों की आवाजें सुनी गईं हैं.
रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी दूतावास के पास से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया है. ये खबर ऐसे वक्त आई है जब पिछले कुछ घंटों में पूरे गल्फ देश में एयर रेड सायरन बजते रहे हैं. ये घटना ईरान के जवाबी हमलों का हिस्सा है, जो अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद हो रहे हैं. इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हुई थी. ईरान ने गल्फ देशों में अमेरिकी बेस और ठिकानों को टारगेट किया है, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं.
ईरान के नेशनल सिक्योरिटी ऑफिसर अली लारीजानी ने X पर कहा है कि अमेरिका से ईरान कोई बातचीत नहीं करेगा. उन्होंने ट्रंप पर तंज कसते हुए कहा कि उन्होंने अपने 'झूठे वादों' से पूरे इलाके को अस्थिर कर दिया है और अब अमेरिकी सैनितों की मौत को लेकर परेशान हैं.
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने मिलकर अब तक ईरान के 1 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले कर दिए हैं. शुरुआती 30 घंटों में ही करीब 2 हजार से ज्यादा बम गिराए हैं. नेतन्याहू ने कहा है कि आने वाले दिनों में तेहरान पर हमले और तेज होंगे. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह जंग 4-5 हफ्तों तक जारी रहेगी. ईरान में अब तक 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 740 से ज्यादा लोग घायल हैं.
ईरान के इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और तनाव का माहौल बना हुआ है. नतीजतन, सऊदी अरब और जॉर्डन ने अपने-अपने देशों में मौजूद ईरान के राजदूतों को तलब किया है. वहीं UAE ने तेहरान से अपने राजदूत को वापस बुला लिया है. इन देशों का कहना है कि ईरान के हमलों से उनकी सुरक्षा को खतरा है. इससे पहले कतर और कुवैत भी ईरान के राजदूतों को तलब कर चुके हैं.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामााबद में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अभी-अभी अपडेट जारी किया है. आज यानी 2 मार्च 2026 को इस्लामाबाद, कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में सभी वीजा अपॉइंटमेंट्स और अमेरिकी नागरिक सेवाओं के अपॉइंटमेंट्स कैंसल कर दिए गए हैं. ये फैसला ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भड़के विरोध प्रदर्शनों के कारण लिया गया है. अमेरिकी मिशन ने 1 मार्च को सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया था, जिसमें कहा गया कि कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के आसपास हिंसक विरोध हो रहे हैं, इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन की कॉल्स आ रही हैं और पेशावर में भी ऐसी स्थिति बन सकती है. अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों को आगे की सूचना तक मूवमेंट्स पर पाबंदी लगा दी गई है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेस IDF ने अभी-अभी बड़ा अलर्ट जारी किया है. IDF के मुताबिक, कुछ देर पहले ईरान से इजरायल की तरफ मिसाइलें लॉन्च की गई हैं. इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने के लिए काम कर रहे हैं. IDF ने कहा, 'डिफेंसिव सिस्टम्स खतरे को इंटरसेप्ट करने के लिए ऑपरेट हो रहे हैं.' होम फ्रंट कमांड ने प्रभावित इलाकों में मोबाइल फोन पर डायरेक्ट अलर्ट भेजा है. लोगों से अपील की गई है कि वो जिम्मेदारी से काम करें और निर्देशों का पालन करें. अलर्ट मिलने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित जगह (प्रोटेक्टेड स्पेस या बंकर) में जाना है और वहां तब तक रहना है जब तक आगे का निर्देश न आए. सुरक्षित जगह से बाहर निकलना सिर्फ स्पष्ट निर्देश मिलने पर ही मुमकिन है. होम फ्रंट कमांड के गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है.
लेबनान में इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) के हमलों ने हिज्बुल्लाह को एक बड़ा झटका दिया है. सऊदी न्यूज नेटवर्क अल-खदाथ ने रिपोर्ट किया है कि हिज्बुल्लाह के पार्लियामेंटरी ब्लॉक के प्रमुख मुहम्मद राद को इजरायल ने मार दिया है. इस खबर की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई सोर्सेज और सोशल मीडिया पर कन्फर्म कहा जा रहा है. अगर सच साबित हुआ तो हिज्बुल्लाह की पॉलिटिकल लीडरशिप को बहुत बड़ा नुकसान होगा, खासकर जब ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद तनाव चरम पर है.
इजरायल ने इतिहास रचते हुए पहली बार अपनी हाई-पावर लेजर डिफेंस सिस्टम आयरन बीम (Iron Beam) को असली जंग में इस्तेमाल किया है. ये सिस्टम लेबनान से हिजबुल्लाह के दागे गए रॉकेट्स और ड्रोन को आसमान में ही नष्ट कर रहा है. IDF ने बताया कि उत्तरी इजरायल की तरफ आए प्रोजेक्टाइल्स पर आयरन बीम ने इंटरसेप्ट किया. हिजबुल्लाह ने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत का बदला लेने के लिए इजरायल पर रॉकेट और ड्रोन अटैक किए. ये हमले 2024 के अमेरिका-ब्रोकर सीजफायर के बाद हिजबुल्लाह की तरफ से पहली बड़ी कार्रवाई है. जवाब में IDF ने लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर हमले किए, जिसमें 10 से ज्यादा स्ट्राइक्स शामिल हैं.
ईरान के पास मिसाइलों का बेहिसाब जखीरा है. ईरान के पास बैलिस्टिक से लेकर हाइपरसोनिक मिसाइल हैं, जिन्हें माना जाता है कि रूस और चीन की मदद से गुपचुप तरीके से तैयार किया गया है. इनमें फतह, जुल्फिकार, शहाब, गदर और खोर्रमशहर शामिल हैं. इन मिसाइलों के जरिए ईरान ने पिछले साल इजरायल के खिलाफ 12 दिन वाले युद्ध का रूख मोड़ दिया था. यहां तक की ईरान ने कतर में US बेस पर भी हमला कर दिया था.
ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने X पर लिखते हुए ट्रंप को 'दिल्यूजनल फैंटसीज' का शिकार बताया और कहा कि उन्होंने पूरे इलाके को अराजकता में धकेल दिया है. अब ट्रंप खुद अमेरिकी सैनिकों की ज्यादा मौतों से डर रहे हैं. ट्रंप की बेवकूफी वाली हरकतों से उन्होंने अपना खुद का नारा 'अमेरिका फर्स्ट' को 'इजरायल फर्स्ट' में बदल दिया और अमेरिकी सैनिकों को इजरायल की ताकत की भूख के लिए कुर्बान कर दिया.
पाकिस्तान में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के विरोध में रविवार को प्रदर्शन हुए, जिनमें कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए. प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में अमेरिकी राजनयिक परिसरों को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस से झड़पें हुईं.
इराक की एक शिया मिलिशिया ने दावा किया है कि उसने सोमवार (2 मार्च 2026) को बगदाद में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया. यह हमला ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या का बदला लेने के इरादे से किया था. हमले की जिम्मेदारी सराया औलिया अल-दम (Saraya Awliya al-Dam) नामक समूह ने ली है. यह संगठन 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में हुए इराक युद्ध और सद्दाम हुसैन के पतन के बाद उभरे शिया मिलिशिया नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है.
इजरायली सेना ने लेबनान में नागरिकों से अपने घर खाली करने की अपील की है. यह चेतावनी हिज़्बुल्लाह की ओर से इज़रायल पर किए गए हमलों के बाद संभावित जवाबी कार्रवाई के मद्देनजर जारी की गई है. रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली सेना ने पूर्वी और दक्षिणी लेबनान के लगभग 50 गांवों के लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा है. सेना ने नागरिकों को निर्देश दिया है कि वे अपने गांवों से कम से कम 1,000 मीटर दूर खुले इलाकों में चले जाएं, ताकि संभावित हवाई या सैन्य हमलों से बचा जा सके.
ईरान ने अमेरिका-इजरायल के हमलों के जवाब में मिडिल ईस्ट के कई सिविलियन ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किए हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, ईरान ने 14 से ज्यादा ऐसे जगहों को निशाना बनाया, जिसमें एयरपोर्ट, लग्जरी होटल और रिहायशी इलाके शामिल हैं. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट, ज़ायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (अबू धाबी) और एरबिल इंटरनेशनल एयरपोर्ट (इराक) पर हमले हुए, जिससे फ्लाइट्स बंद हो गईं और कई लोग घायल हुए.
दुबई के फेयरमॉन्ट पाम होटल और बुर्ज अल अरब होटल में आग लगी, मलबा गिरने से नुकसान हुआ. बहरीन के क्राउन प्लाजा होटल, दुबई पोर्ट और बहरीन के एरा व्यूज टावर्स पर भी असर पड़ा. इजरायल के बेत शेमेज और तेल अवीव के रिहायशी इलाकों में मिसाइल गिरीं, जहां मौतें और घायल हुए. इन हमलों से गल्फ देशों में 100 से ज्यादा घायल और कम से कम 4-5 मौतें हुई हैं, जबकि इजरायल में 9 से ज्यादा लोग मारे गए. ज्यादातर मिसाइल और ड्रोन को रोक लिया गया, लेकिन कुछ सिविलियन एरिया में पहुंच गए, जिससे इलाके में हवाई यात्रा और व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
ईरान के टॉप अधिकारी अली लारीजानी ने अमेरिका के साथ न्यूक्लियर टॉक्स फिर से शुरू करने की कोशिश की है. यह खबर वॉल स्ट्रीट जर्नल ने दी है, जिसमें अमेरिकी और अरब अधिकारियों के हवाले से बताया गया है. अली लारीजानी ईरान के बहुत प्रभावशाली नेता हैं. वो पहले ईरान के पार्लियामेंट स्पीकर रह चुके हैं और अब सुप्रीम लीडर के करीबी माने जाते हैं. खामेनेई की मौत के बाद ईरान में पावर वैक्यूम है और लारीजानी जैसे लोग अब ज्यादा अहम रोल निभा रहे हैं. वो न्यूक्लियर मुद्दे पर पहले भी प्रैगमैटिक (व्यावहारिक) बातें कर चुके हैं. जनवरी में उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका की चिंता सिर्फ ये है कि ईरान न्यूक्लियर हथियार न बनाए, तो ये मुद्दा सुलझाया जा सकता है.
डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश अखबार 'द डेली मेल' को दिए एक फोन इंटरव्यू में हमले की बात कही, जब वो अपने मार-ए-लागो रिजॉर्ट में थे. उन्होंने कहा, ‘ये हमेशा से चार हफ्ते का प्लान था. हमें लगा कि चार हफ्ते या उससे थोड़ा कम लगेगा,’ वो बोले कि ईरान बड़ा देश है और मजबूत भी, इसलिए इसमें वक्त लगना लाजमी है. ये बयान ऐसे वक्त आया है जब मिडल ईस्ट में जंग जैसे हालात हैं. अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए हैं, जिसमें ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई. इसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से पलटवार किया है, जिससे पूरा इलाका प्रभावित हो रहा है.
अमेरिकी सेना ने शनिवार रात B2 स्टील्थ बॉम्बर्स के जरिए ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों पर हमला किया. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने रविवार को X पर पोस्ट कर जानकारी देते हुए कहा कि 2,000 पाउंड के बमों से लैस B2 विमानों ने ईरान के मजबूत मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया. सेना ने हमले का वीडियो भी शेयर किया. गौरतलब है कि पिछले साल भी अमेरिका ने व्हाइटमैन एयर फोर्स बेस से उड़ान भरने वाले B2 बॉम्बर्स का इस्तेमाल कर ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु ठिकानों पर हमला किया था. हालांकि इस बार विमानों ने किस बेस से उड़ान भरी, इसकी जानकारी नहीं दी गई है.
हिज्बुल्लाह ऑफिशियली जंग में शामिल हो गया है. नवंबर 2024 के सीजफायर एग्रीमेंट के बाद पहली बार, हिज्बुल्लाह एक्टिवली जंग में शामिल हुआ है. उसने उत्तरी इजरायल में कई कम्युनिटीज पर बड़े पैमाने पर रॉकेट दागे हैं. N12 न्यूज इजरायल के मुताबिक, इस हमले में हाइफा इलाके में कम से कम 6 सीधे हमले किए हैं. हिज्बुल्लाह ने लेबनान की जमीन से ऑपरेशन शुरू किए हैं. इजरायल को लेबनान सरकार से कोई दिक्कत नहीं है. हालांकि हिजबुल्लाह ने अभी तक लेबनान से इजरायल की तरफ हुई फायरिंग की जिम्मेदारी नहीं ली है.
इजरायल ने दावा किया है कि खामेनेई समेत ईरान की टॉप लीडरशिप एयरस्ट्राइक में मारी गई. इजरायल डिफेंस फोर्स यानी IDF ने स्ट्राइक में मारे गए सभी नेताओं की प्रोफाइल भी शेयर की हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की है. उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और इन हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की. भारत इस कठिन समय में संयुक्त अरब अमीरात के साथ एकजुटता से खड़ा है.
ईरान में इजरायल और अमेरिका के हमले में स्कूलों में मरने वालों बच्चों का आंकड़ा बढ़कर 165 पहुंच गया
प्रधानमंत्री आवास पर CCS की बैठक शुरू हो गई है. इस मीटिंग में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह , गृहमंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, NSA अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री मौजूद हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूएस मीडिया से बात करते हुए दावा किया है कि एयरस्ट्राइक में खामेनेई समेत ईरान के 48 नेता मारे गए. उन्होंने कहा कि नए ईरानी नेता बातचीत करना चाहते हैं.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को देखते हुए Air India ने UAE, सऊदी अरब, इजराइल और कतर की उड़ानें 2 मार्च रात 12 बजे तक रद्द कर दी हैं.
तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से बात की है. इस दौरान ईरान के खाड़ी देशों पर किए गए हमलों को लेकर चर्चा हुई.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री, जनरल स्टाफ के प्रमुख और मोसाद प्रमुख के साथ मीटिंग की, जिसमें मैंने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन जारी रखने के निर्देश दिए हैं. वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि कल हमने तानाशाह खामेनेई को मार गिराया. उनके अलावा दर्जनों शीर्ष दमनकारी व्यक्तियों को भी समाप्त कर दिया. हमारी सेनाएं अब तेहरान के केंद्र पर तीव्र गति से हमला कर रही हैं और आने वाले दिनों में यह और भी तीव्र होगा.
नेतन्याहू ने ईरान के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ये दिन बेहद पीड़ादायक हैं. कल तेल अवीव में और अब बेत शेमेश में हमने अपने प्रियजनों को खो दिया. मेरी संवेदनाएं उनके परिवारों के साथ हैं, और आप सभी इज़राइली नागरिकों की ओर से, मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. हम एक ऐसे अभियान में हैं जिसमें हम अपने अस्तित्व और भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए आईडीएफ की पूरी ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पहले कभी नहीं की.
इजरायली पीएम ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी तारीफ की. उन्होंने कहा, 'इस ऑपरेशन में हमें अमेरिका, मेरे दोस्त राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और अमेरिकी सेना का भी समर्थन मिला है. इन शक्तियों से हम वो कर पाएंगे जो मैं पिछले 40 वर्षों से करना चाहता था. आतंकवादी शासन को करारा प्रहार करना. यही मैंने वादा किया था—और यही हम करेंगे.'
यूएई में ईरान के हमले में कई लोगों की मौत हो चुकी है. भारतीय दूतावास ने बताया कि उसे भारतीय नागरिक के घायल होने की जानकारी है और वह अस्पताल अधिकारियों के संपर्क में है. भारतीय नागरिक खतरे से बाहर है. हम हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं.
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने बताया कि उन्होंने जॉर्डन के किंग से फोन पर बात की है और मिडिल ईस्ट में बने हालात पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि मैंने ईरान पर इजरायल के हमलों और उसके बाद जॉर्डन और अन्य मित्र देशों पर हुए हमलों के कारण क्षेत्र में हाल ही में बढ़े तनाव पर पाकिस्तान की गहरी चिंता व्यक्त की.
इजरायल ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा जनरल स्टाफ हेडक्वार्टर को तबाह कर दिया. तेल अवीव की ओर से दागी गई मिसाइलों ने ईरान के कमांड सेंटर पर हमला किया, जिसमें ईरान के थरल्लाह HQ को भी तबाह कर दिया गया.
ईरान के हमलों में अमेरिका के तीन सैनिक मारे गए, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.
ईरान की आईआरजीसी ने कहा कि उसने अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. आईआरजीसी ने कहा कि उसने खाड़ी में अमेरिकी सेना पर हमला किया, जिसमें विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को निशाना बनाना भी शामिल था. यह हमला अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में किया गया था, जिनमें सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी.
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि तेहरान अपने भाइयों पर हमले नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा,'हम सिर्फ और सिर्फ अमेरिका के टारगेट्स पर हमला कर रहे हैं.' उन्होंने आगे कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का इरादा बिलकुल भी नहीं था.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का कहना है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या से तनाव और अधिक जटिल और खतरनाक हो जाएगा.
सऊदी अरब ने खाड़ी देशों पर हुए हमलों को लेकर ईरान के राजदूत को तलब किया है. बता दें कि ईरान ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिका के एयरबेसों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं.
यूएई के रक्षा मंत्रालय बताया कि ईरान हमले में अब तक उसकी एयरफोर्स ने 165 बैलिस्टिक मिसाइलों, दो क्रूज मिसाइलों और 541 ईरानी ड्रोनों का सामना किया है. उसने बताया कि 541 में से 506 ड्रोन नष्ट हो गए थे, जबकि 35 देश के भीतर गिरे, जिनसे नुकसान हुआ. इन घटनाओं में पाकिस्तानी, नेपाली और बांग्लादेशी नागरिकों की तीन-तीन मौतें हुईं, जबकि कुल 58 लोग घायल हुए हैं.
खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में बवाल मचा हुआ. कराची-लाहौर में हिंसक प्रदर्शन हुआ है. इस्लामाबाद में मोहसिन नकवी के समझाने का प्रदर्शनकारियों पर कोई असर नहीं हुआ. जिसके बाद पूरे इस्लामाबाद में धारा 144 लगा दी गई है और शिया समुदाय के प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग का आदेश इस्लामाबाद पुलिस के IG की तरफ़ से दिया गया है.
खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के लगभग हर बड़े शहर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. कराची और लाहौर में भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के सामने प्रदर्शन किया. इतना ही नहीं उन्होंने दूतावास पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद अमेरिकी सैनिकों की फायरिंग में कई लोगों की मौत हो गई. इस बीच पाकिस्तान में अमेरिका के राजदूत ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वो प्रदर्शन की खबरों पर नजर रख रहा है. साथ ही इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर में वाणिज्य दूतावास के समक्ष अतिरिक्त प्रदर्शनों के आह्वान पर भी. हम पाकिस्तान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को सलाह देते हैं कि वे स्थानीय समाचारों पर नजर रखें और व्यक्तिगत सुरक्षा के अच्छे उपायों का पालन करें, जिनमें अपने आसपास के वातावरण के प्रति सतर्क रहना, भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचना और अपने STEP पंजीकरण को अद्यतन रखना शामिल है.
ईरान ने इजरायल में बैलिस्टिक मिसाइल दागी, जिसका टारगेट येरूशलम से 30 किलोमीटर दूर स्थित बेत शेमेश था. अलजजीरा के मुताबिक, इस हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 लोग घायल हो गए.
खामेनेई की मौत के बाद ईरान लगातार यूएई और अपने पड़ोसी देशों पर मिसाइलें दाग रहा है. हालांकि यूएई का दावा है कि उसने लगभग सभी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया है.
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक करेंगे. पीएम मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की मीटिंग होगी, जिसमें गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी शामिल होंगे.
इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है, जिसके बाद अमेरिका-इजरायल के खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खामेनेई की मौत पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सरकार ईरान की जनता के दुख और शोक की घड़ी में उनके साथ है. शहबाज ने खामेनेई की मौत को शहादत बताया है.
खामेनेई की मौत के बाद रजा पहलवी ने वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वह शैतानी शख्सियत जिसने कुछ ही हफ्तों पहले ईरान के हजारों बेहतरीन बेटों और बेटियों के नरसंहार का आदेश दिया था, अब समाप्त हो चुका है. उसकी और उसके कई नियुक्तियों और वफादारों की अपमानजनक मौत के साथ, इस्लामी गणराज्य अपनी अंतिम सांसें ले रहा है. आपके दृढ़ संकल्प और साहस के बल पर, यह जल्द ही इतिहास के कूड़ेदान में दफ़न हो जाएगा.
अमेरिका ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि बहरीन के मनामा में होटलों में ना रुकें, उन्हें ईरान की सेना निशाना बना सकती है. इसको लेकर अमेरिका ने एडवाइजरी जारी की है.
ईरान ने बहरीन की राजधानी मनामा में भी मिसाइलें दागीं हैं. बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि मनामा के क्राउन प्लाजा होटल को टारगेट किया गया है, जिसमें बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा है. राहत की बात रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास से एक किलोमीटर दूर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई. अमेरिकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन और हिंसा करने आए लोगो को जैसे ही पुलिस ने रोका वैसे ही इन प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया. पुलिस हालात काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ रही है.
इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया था. उसके बावजूद वहां से एक ऑयल टैंक गुजर रहा था. इसलिए ईरानी सेना उस शिप पर हमला कर दिया.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर असदुद्दीन ओवैसी ने अमेरिका-इजरायल के हमले को अमानवीय और अनैतिक बताया. शनिवार को एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि खामेनेई शिया मुसलमानों के सर्वोच्च नेता थे. उनकी हत्या करके उम्मीद कैसे की जा सकती है कि ईरान चुप रहेगा? उन्होंने मांग की कि भारत को भी खामेनेई की इस गैरकानूनी मौत की निंदा करनी चाहिए.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरानी सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. पुतिन ने कहा कि यह हत्या मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून की घोर अवहेलना करते हुए की गई थी. उन्होंने कहा कि रूस में खामेनेई को एक उत्कृष्ट राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रूस और ईरान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.
इजरायल डिफेंस फोर्स ने दावा किया है कि ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मूसावी को मार गिराया गया. इसके अलावा, आईडीएफ ने तेहरान में ईरान के शीर्ष सुरक्षा नेतृत्व के 7 सदस्यों और 40 सीनियर कमांडरों को मार दिया.
इजरायल और अमेरिका की ओर से खामेनेई की मौत के दावे पर ईरान ने मुहर लगा दी है. ईरानी विदेश मंत्रालय ने खामेनेई की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि रमजान के 10वें दिन दुनिया के सबसे भ्रष्ट और अपराधी व्यक्तियों के हाथों शहीद के रूप में उनकी सम्मानजनक और गरिमापूर्ण मृत्यु ने उन्हें ईरान और इस्लाम के इतिहास में एक प्रेरणादायक नायक बना दिया है. वे अपने हत्यारों के लिए हमेशा एक जीवित दुःस्वप्न बने रहेंगे.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या करने वाले हमलों के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की जनता के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया. उन्होंने खामेनेई शासन को आतंकवादी शासन बताया. नेतन्याहू ने धमकी देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में हम आतंकवादी शासन के हजारों ठिकानों पर हमला करेंगे.
ईरान-इजरायल के बीच चल रही जंग को देखते हुए इंडिगो और एयर इंडिया ने तमाम उड़ानों को रद्द कर दिया है.
इजरायल के तेल अवीव के रिहायशी इलाकों में भी अटैक किया गया है. इस दौरान एक महिला की मौत हो गई.
ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया है. दूसरी ओर इजरायली सेना ने कहा है कि उसने तेहरान में टारगेट बनाकर कई जगहों पर हमला किया है.
ईरान ने अमेरिका से बदले का एलान किया है. उसने पवित्र जामकरन मस्जिद पर लाल झंडा फहरा दिया है.
ईरान ने यूएई में कई जगहों पर अटैक किया है. वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा है.
खामेनेई की मौत के बाद उत्तर प्रदेश के जौनपुर में भी प्रदर्शन हुआ है. हजारों की संख्या में शिया समुदाय के लोगों ने शहर में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.
पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान के शिया बाहुल्य इलाके स्करदू में हिंसक प्रदर्शन हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर, आर्मी पब्लिक स्कूल और एसपी ऑफिस को फूंका डाला.
ईरान के अटैक की वजह से इजरायल के तेल अवीव में कई इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है. ईरान इजरायल के साथ-साथ अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना रहा है.
ईरान ने यूएई पर 133 मिसाइलें और कई ड्रोन दागे हैं. उसने दुबई एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया है. ईरान लगातार अमेरिकी सैन्य ठिकानों को टारगेट कर रहा है.
ईरान ने अपना एयरस्पेस 3 मार्च तक के लिए बंद कर दिया है. खामेनेई की मौत के बाद लगातार बवाल बढ़ता जा रहा है. ईरान और इजरायल अभी तक की बार एक-दूसरे पर अटैक कर चुके हैं.
इजरायल ने पिछले 24 घंटों में ईरान पर 1200 मिसाइलें दागी हैं. ईरान ने भी करारा जवाब देते हुए कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. उसने तेल अवीव और येरुशेलम को भी टारेगट किया है.
इजरायल ने एक बार फिर ईरान में बारूद बरसा दिया है. तेहरान में कई जगहों पर धमाके हुए हैं. इससे ठीक पहले ईरान ने अमेरिका को अटैक की धमकी दी थी.
ईरान ने अटैक को और ज्यादा बढ़ा दिया है. उसने तेल अवीव में हमला कर दिया है. इसके साथ और भी जगहों को निशाना बनाया है.
खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान में भी माहौल बिगड़ता नजर आया. कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट पर पाकिस्तानी शिया समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया.
ईरान खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को फिर से निशाना बना रहा है. बहरीन में सायरन बज रहे हैं. अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े की मेजबानी करने वाले बहरीन के गृह मंत्रालय ने कहा कि आने वाले हमलों की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए हैं. फिलहाल किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है.
अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर अटैक कर दिया, जिसके बाद मिडिल-ईस्ट में काफी तनाव बढ़ गया. अब तक कई फ्लाइट्स कैंसिल हो चुकी हैं, जिसकी वजह से हजारों की संख्या में यात्री एयरपोर्ट्स पर फंस हुए हैं.
जम्मू कश्मीर में कई जगहों पर खामेनेई की मौत के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है.
ईरान के शहर मशहद में स्थित इमाम रज़ा की दरगाह पर हजारों की संख्या में लोग पहुंचे हैं. वे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत का शोक मना रहे हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को फिर से धमाकाया है. उन्होंने कहा, ईरान ने अभी कहा कि वे आज बहुत बड़ा हमला करेंगे, इतना बड़ा जितना पहले कभी नहीं किया. लेकिन, बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसा अटैक करेंगे जो पहले कभी नहीं हुआ.
ईरान खामेनेई की मौत के बाद भी नहीं रुक रहा है. अब उसने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ केमिकल हथियार के इस्तेमाल की धमकी दी है.
खामेनेई की मौत के बाद तेहरान यूनिवर्सिटी के सामने भारी संख्या में लोग पहुंचे हैं. वे खामेनेई की मौत के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.
ईरान ने इजरायली सेना के मुख्यालय पर हमला कर दिया है. उसने इजरायली सेना के चीफ पर निशाना साधा है. इजरायल में कई जगहों पर धमाके की आवाज सुनाई दी है.
ईरान ने खामेनेई की मौत के बाद हमले और ज्यादा तेज कर दिए हैं. कतर में 11 जगहों पर धमाके हुए हैं. दोहा से लेकर दुबई तक कई जगहों पर धमाके हुए हैं.
जम्मू कश्मीर के बडगाम में शिया मुसलमानों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया.
ईरान ने इजरायल पर फिर से हमला किया है. पूरे इजरायल में सायरन बज रहे हैं. ईलाट में ड्रोन दिखाई दिया.
दिल्ली में ईरानी दूतावास ने खामेनेई की मौत के बाद अपने देश के झंडे को आधा झुका दिया है.
ईरान ने इजरायल में फिर से अटैक किया है. उसके ड्रोन अटैक में एक इजरायली महिला की मौत हुई है. जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
ईरान ने खामेनेई की मौत के बाद इरबिल में अमेरिका के सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया है. उसने बड़ा हमला किया है. आसमान में धुएं का गुबार उठ गया है.
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में कश्मीरी शिया मुसलमानों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया.
इजरायली सेना का कहना है कि हमले अभी भी जारी हैं. सेना ने कहा, 'अब तक पश्चिमी और मध्य ईरान में 30 से ज्यादा ठिकानों पर हमले हुए हैं, जिनमें एरियल डिफेंस सिस्टम, मिसाइल लॉन्चर, सरकार के टारगेट और मिलिट्री कमांड सेंटर शामिल हैं.'
ईरानी सेना के नए कमांडर इन चीफ के नाम की घोषणा हो गई है. अहमद वाहिदी अब इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे.
इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की वजह से कई फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं. इसकी वजह से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. चेन्नई एयरपोर्ट पर कई विदेशी यात्री परेशान नजर आए.
खामेनेई के बाद अब ईरान की जिम्मेदारी कौन संभालेगा, इसको लेकर किसी तरह की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्हें पता है कि उत्तराधिकारी कौन होगा.
तेल अवीव से एक वीडियो सामने आया है. ईरानी हमले के बाद तेल अवीव में बिल्डिगों को काफी नुकसान पहुंचा है. ईरान ने यहां मिसाइल से हमला किया था.
इजरायल ने ईरान के 30 ठिकानों को निशाना बनाया है. इजरायली सेना ने एयर स्ट्राइक करते हुए सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया है.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर अभी भी हमला कर रहा है. यह भी दावा किया जा रहा है कि ईरान की नेवी को भारी नुकसान पहुंचाया गया है.
खामेनेई की मौत के दावों के बीच एक और अहम खबर सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. खामेनेई की मौत को लेकर लगातार कई दावे किए जा रहे हैं.
ईरानी मीडिया ने खामेनेई की मौत को कंफर्म किया है. प्रेस टीवी ने कहा है कि खामेनेई अमेरिका-इजरायल के हमले में जान गंवा चुके हैं. अब यह बड़ा सवाल है कि ईरान की सत्ता कौन संभालेगा.
खामेनेई की मौत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. ईरानी मीडिया ने भी कहा है कि खामेनेई की मौत हो चुकी है. उनके साथ परिवार के और सदस्यों की भी जान गई है.
बहरीन के गृह मंत्रालय ने बताया कि उसके इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अटैक किया गया है. मंत्रालय ने कहा, 'बहरीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक ड्रोन से निशाना बनाया गया, जिससे केवल सामान का नुकसान हुआ है और किसी की जान नहीं गई है.'
भारतीय बैडमिंटर स्टार पीवी सिंधु दुबई एयरपोर्ट पर फंस गई हैं. हालांकि उन्होंने एक्स पर पोस्ट शेयर करके कहा है कि वे सुरक्षित हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ के जरिए खामेनेई को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा, 'इतिहास के सबसे दुष्ट व्यक्तियों में से एक, खामेनेई मर चुका है. यह न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि उन सभी अमेरिकियों और दुनिया के कई देशों के उन लोगों के लिए भी न्याय है, जो खामेनेई और उसके गुंडों का शिकार हुए थे.'
ईरान में मरने वालों का आंकड़ा 200 को पार कर गया है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, इजरायल और अमेरिका के हमले में 201 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें करीब 85 छात्र शामिल हैं.
इजरायल की मिलिट्री ने कहा कि हमने अपने इतिहास में सबसे बड़ी एयरस्ट्राइक को अंजाम दिया है. इस ऑपरेशन में करीब 200 फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया है, जिनके जरिए 500 टारगेट पर स्ट्राइक की गई है.
तुर्किए के राष्ट्रपति एर्दोगन ने कहा कि खाड़ी देशों पर ईरान के ड्रोन और मिसाइल अटैक पूरी तरह अस्वीकार्य हैं.
मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान से लेकर यूएई, कुवैत, बहरीन के विदेश मंत्रियों के साथ फोन पर बात की है.
इजराइल ने एक बार फिर ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं. मध्य ईरान में मिसाइल लॉन्चरों और एयर डिफेंस सिस्टम को टारगेट करते हुए तेल अवीव की ओर से हमले हो रहे हैं.
कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ईरानी हमलों में 12 लोग घायल हुए हैं, लेकिन सभी मामले मेडिकल कंट्रोल में हैं.
दुबई के लिए उड़ान भरने वाले करीब 180 इजरायली लोगों के प्लेन को सऊदी अरब में लैंड करना पड़ा. उनका कहना है कि हम यहां घंटों से फंसे हुए हैं, पता नहीं क्या होगा.
ईरान ने ओमान में अटैक किया है. ईरानी मिसाइल ने ओमान की ऊंची इमारत को निशाना बनाया है, जिसका वीडियो सामने आया है.
इजरायल पर हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अराघची और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की फोन पर बात हुई है. एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने ईरान और पूरे क्षेत्र में बने हालात पर भारत की ओर से गहरी चिंता जताई है.
ईरान में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद रजा पहलवी ने कहा कि हम आखिरी जीत के बहुत करीब हैं. मुझे उम्मीद है कि मैं जल्द से जल्द आपके साथ होऊंगा ताकि हम सब मिलकर ईरान को वापस पा सकें और उसे फिर से बना सकें.
इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने क्षेत्रीय समकक्षों के साथ फोन पर बातचीत की. अराघची ने सऊदी अरब, यूनाइटेड अरब एमिरेट्स, कतर, कुवैत, बहरीन और इराक के अपने समकक्षों के साथ फोन पर बात की है. अराघची ने कहा कि अमेरिका और ज़ायोनी शासन का थोपा हुआ युद्ध सिर्फ़ ईरानी राष्ट्र के खिलाफ ही नहीं, बल्कि इस क्षेत्र के सभी देशों के खिलाफ है. इसलिए, उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिम देशों और क्षेत्रीय सरकारों की यह ज़िम्मेदारी है कि वे जायोनी शासन के बुरे इरादों का सामना करने में अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी पूरी करें.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के सदस्यों के साथ मार-ए-लागो में रात भर स्थिति का जायजा लिया. राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बात की. हमलों से पहले, विदेश सचिव मार्को रुबियो ने आठ मेंबर वाले ग्रुप के सभी सदस्यों को कांग्रेस को सूचित करने के लिए फोन किया था, और वे आठ में से सात सदस्यों से संपर्क करने और उन्हें स्थिति की जानकारी देने में सफल रहे. राष्ट्रपति और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम दिन भर स्थिति पर कड़ी नजर रखेगी.
इजरायल में भारतीय दूतावास लगातार भारतीयों के संपर्क में है, जो अभी देश में हैं और मौजूदा हालात से प्रभावित हैं. बयान में कहा गया है कि जो भारतीय नागरिक कुछ समय के लिए इजरायल में हैं, उनसे अनुरोध है कि वे पहले जारी की गई एडवायजरी का पालन करें और समय पर मदद और बातचीत के लिए नीचे दिए गए लिंक पर दूतावास में रजिस्टर करें.
इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान मिडिल ईस्ट के उन देशों पर ताबड़तोड़ हमले कर रहा है, जिनमें अमेरिका के एयरबेस मौजूद हैं. सऊदी, कतर, यूएई से लेकर ओमान तक ईरान के निशाने पर हैं. ईरान के निशाने पर दुबई का बुर्ज खलीफा भी आ गया है, उसे खाली कराया जा रहा है.
दुबई एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों पर संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास ने बयान जारी किया है. दूतावास और वाणिज्य दूतावास, यूएई के अधिकारियों और एयरलाइंस के साथ संपर्क में हैं ताकि अस्थायी और एहतियाती हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण यूएई के हवाई अड्डों पर फंसे भारतीय यात्रियों की देखभाल की जा सके. यूएई सरकार और एयरलाइन अधिकारियों ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है.
ईरान ने कुवैत इंटरनेशनल पर हमला किया है, जिसके बाद हवाई परिचालन रोक दिया गया है. खबरों के मुताबिक, कुछ लोग हताहत हुए हैं.
ईरान ने इजरायल-अमेरिका के साथ जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. आईआरजीसी नौसेना ने वीएचएफ रेडियो के माध्यम से घोषणा की कि किसी भी जहाज को पार करने की अनुमति नहीं है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया.
ईरान ने इजरायल-अमेरिका के साथ जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है. आईआरजीसी नौसेना ने वीएचएफ रेडियो के माध्यम से घोषणा की कि किसी भी जहाज को पार करने की अनुमति नहीं है और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया.
ईरान से जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की है.
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कुछ ही देर में भाषण देंगे. ईरान के अल-आलम टीवी ने यह जानकारी दी है.
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग पर अब तक तीन देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मीटिंग बुलाई है. इनमें रूस, फ्रांस और चीन शामिल हैं.
इजरायल-ईरान के बीच छिड़ी जंग पर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरस की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि मैं मिडिल ईस्ट में सैन्य तनाव की कड़ी निंदा करता हूं. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ बल प्रयोग और उसके बाद ईरान द्वारा पूरे क्षेत्र में की गई जवाबी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को कमजोर करती है. सभी सदस्य देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए, जिसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर भी शामिल है.
ईरान और इजरायल की जंग का असर भारत पर भी पड़ रहा है. सिर्फ मुंबई एयरपोर्ट पर ही आज शाम 5 बजकर 45 मिनट तक कुल 57 उड़ानें रद्द की गई हैं. इनमें से 24 उड़ानें आगमन की हैं, जबकि 33 उड़ानें प्रस्थान की हैं.
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने एनबीसी न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि 'जहां तक मुझे पता है' ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई अभी भी जीवित हैं.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दावा किया है कि ईरान के हमले में पाकिस्तान के एक नागरिक की मौत हो गई. यूएई ने बयान जारी कर कहा कि यह हादसा तब हुआ, जब अबू धाबी ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर रहा था.
मिडिल-ईस्ट की जंग में रूस की एंट्री हो गई है. पुतिन ने ईरान की स्थिति पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक बुलाई है. रूसी राष्ट्रपति ने ईरान की स्थिति पर चर्चा करने के लिए सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस बुलाई है.
इजरायल ने ईरान के दो स्कूलों पर एयरस्ट्राइक की है, जिनमें 50 से ज्यादा छात्रों की मौत हुई है. ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पोस्ट कर बताया कि दक्षिणी ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर इजरायल ने बमबारी की है. इस पर दिनदहाड़े बमबारी की गई, जब यह छोटी छात्राओं से खचाखच भरा हुआ था. केवल इसी जगह पर दर्जनों मासूम बच्चों की हत्या कर दी गई है. ईरानी जनता के खिलाफ इन अपराधों को अनदेखा नहीं किया जाएगा.
इजरायल के हमले में ईरान के रक्षामंत्री अमीर नासिरज़ादेह और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कमांडर मोहम्मद पाकपुर की मौत का दावा किया जा रहा है. रॉयटर्स ने इजरायल के सैन्य अभियानों से जुड़े दो सूत्रों और एक क्षेत्रीय सूत्र के हवाले से ये जानकारी दी है.
भारत ने ईरान और इजरायल के बीच जंग पर चिंता जताई है. MEA ने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं. तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.
MEA ने कहा कि इस क्षेत्र में हमारे मिशन भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने, मिशन के संपर्क में रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने के लिए सही सलाह जारी की है.
इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने पाकिस्तानी उपप्रधामंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से बातचीत की है. इशाक डार ने बिना किसी देश का नाम लिए ही ईरान पर हमले की निंदा की.
भारत के एविएशन मंत्रालय ने मिडिल-ईस्ट में शुरू हुई जंग की समीक्षा शुरू की है. ये इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के विमानों के लिए पाकिस्तान का एयर-स्पेस ऑपरेशन सिंदूर के बाद से बंद है. उसके बाद से फ्लाइट्स को ईरान और दूसरे मिडिल-ईस्ट के देशों की तरफ डाइवर्ट का गई थी, लेकिन अब ईरान सहित पूरा मिडिल ईस्ट जंग की आग में झुलस रहा है तो एयर-ट्रैफिक को लेकर चिंता बढ़ गई है.
UAE पर ईरान के हमले के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ठप हो गया है. सभी उड़ानें अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई हैं. दुबई मीडिया कार्यालय की ओर से बताया गया है कि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इस समय हवाई अड्डे की यात्रा न करें और अपनी उड़ानों के बारे में नवीनतम जानकारी के लिए सीधे अपनी संबंधित एयरलाइनों से संपर्क करें
ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के नाम संबोधन कैंसिल कर दिया है. डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही क्लीयर कर दिया कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान से खामेनेई को सत्ता से हटाना है और ईरान की जनता को आजाद कराना.
फांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने से इंटरनेशनल शांति और सिक्योरिटी पर गंभीर असर पड़ेगा. इस अहम समय पर, हमारे देश, हमारे नागरिकों और मिडिल ईस्ट में हमारे हितों की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर कदम उठाया जा रहा है.
फ्रांस भी अपने सबसे करीबी पार्टनर्स की सुरक्षा के लिए जरूरी रिसोर्स लगाने के लिए तैयार है, अगर वे ऐसा कहते हैं. यह बढ़ता तनाव सभी के लिए खतरनाक है. इसे रुकना चाहिए. ईरानी सरकार को यह समझना चाहिए कि अब उसके पास अपने न्यूक्लियर और बैलिस्टिक प्रोग्राम, साथ ही इलाके में अस्थिरता फैलाने वाली अपनी एक्टिविटीज़ को खत्म करने के लिए अच्छी नीयत से बातचीत करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.
उन्होंने कहा कि यह मिडिल ईस्ट में सभी की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है. ईरानी लोगों को भी आज़ादी से अपना भविष्य बनाने में काबिल होना चाहिए. इस्लामिक सरकार द्वारा किए गए नरसंहार उसे अयोग्य ठहराते हैं और मांग करते हैं कि आवाज लोगों को वापस दी जाए. जितनी जल्दी हो, उतना अच्छा. अपने उसूलों पर कायम और अपनी इंटरनेशनल ज़िम्मेदारियों को समझते हुए, फ्रांस यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) की तुरंत मीटिंग बुला रहा है. मैं मिडिल ईस्ट में अपने यूरोपियन पार्टनर्स और दोस्तों के साथ करीबी कॉन्टैक्ट में हूं.
ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि नेतन्याहू और ट्रंप का ईरान पर युद्ध पूरी तरह से निराधार, अवैध और नाजायज है. ट्रंप ने 'अमेरिका फर्स्ट' को 'इजराइल फर्स्ट' में बदल दिया है, जिसका अर्थ हमेशा 'अमेरिका लास्ट' होता है. हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं इस दिन के लिए तैयार हैं और हमलावरों को उनके गुनाह का फल मिलेगा.
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों पर यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा, 'हम हमेशा ईरानी लोगों के साथ हैं.' सिबिहा ने कहा, 'ईरानी सरकार दशकों से इस इलाके में आतंक फैला रही है, दूसरे देशों में अस्थिरता लाने वाले मिलिटेंट्स के ज़रिए आतंकवाद को सपोर्ट और फाइनेंस कर रही है और अपने ही लोगों का मज़ाक उड़ा रही है. प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पहले घोषणा की थी कि USA ईरान के खिलाफ बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू कर रहा है.'
इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले पर जापान के विदेश मंत्रालय ने भी बयान जारी किया है. मंत्रालय ने कहा कि जापान ने स्थिति पर नजर बनाई हुई है. PM ताकाइची के निर्देशों के बाद, जापान सरकार संबंधित देशों के साथ करीबी बातचीत करके पूरी जानकारी इकट्ठा करेगी. जापान के संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ मिलकर, सरकार जापानी नागरिकों की सुरक्षा पक्का करने के लिए हर मुमकिन कदम उठाएगी.
ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले को कनाडा ने समर्थन दिया है. कनाडा के पीएम कार्नी ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार प्राप्त करने से रोकने और उसके शासन को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए और अधिक खतरा पैदा करने से रोकने के लिए USA द्वारा की जा रही कार्रवाई का कनाडा समर्थन करता है.
इजरायल और अमेरिका ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के घर पर बंकर बस्टिंग बम गिराया है.
सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वो सावधान रहें. सऊदी अरब में लागू सुरक्षा गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करें और लोकल अधिकारियों और एम्बेसी की तरफ से जारी एडवाइजरी को मानें.
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने देश को निशाना बनाने वाली कई ईरानी मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोकने की घोषणा की. रक्षा मंत्रालय ने घोषणा की कि आज संयुक्त अरब अमीरात पर ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से एक बड़ा हमला हुआ, जिसे UAE के एयर डिफेंस ने बहुत अच्छे से संभाला और कई मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया. देश के संबंधित अधिकारियों ने अबू धाबी शहर के एक रिहायशी इलाके में मलबे के गिरने से भी निपटा, जिससे कुछ सामान का नुकसान हुआ और एक एशियाई नागरिक की मौत हो गई. सक्षम अधिकारियों ने पुष्टि की है कि देश में सुरक्षा की स्थिति कंट्रोल में है और सभी संबंधित पक्ष चौबीसों घंटे घटनाक्रम पर नज़र रख रहे हैं.
मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का बयान आया है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव बेहद चिंताजनक हैं. मिडिल ईस्ट में हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. मैं भारत सरकार से आग्रह करता हूं कि वह हमारे लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल और सक्रिय कदम उठाए.
दक्षिणी ईरान के एक स्कूल पर इजरायली हमले में मारे गए छात्रों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है. पहले बताया गया था कि दक्षिणी ईरान के होर्मोजगान प्रांत के मीनाब शहर में एक प्राथमिक विद्यालय पर इजरायली हमले में पांच लोग मारे गए. अब, ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने बताया है कि मारे गए छात्रों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है.
WHO के चीफ ट्रेडोस अधानोम ने मिडिल-ईस्ट में बने तनाव पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जो हालात बन रहे हैं, वो परेशान करने वाले हैं. गोलीबारी में फंसे नागरिकों के प्रति मेरी गहरी सहानुभूति है. सीमाओं की परवाह किए बिना, हर किसी को हिंसा के खतरे से मुक्त जीवन जीने का अधिकार है.
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इजरायली हमले को क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ऐसे समय पर हमला किया, जब डिप्लोमैटिक बातचीत जारी थी. ईरान की सेना हमलावरों को सख्त जवाब देगी. यह हमला यूनाइटेड नेशंस चार्टर के आर्टिकल 2(4) का उल्लंघन हैं. ईरान UN जल्द से जल्द अपनी ज़िम्मेदारी पूरी करने की अपील करता है. ईरानियों ने कभी भी विदेशी हमले और दबदबे के आगे हार नहीं मानी है, इस बार भी ईरानी देश का जवाब निर्णायक और पक्का होगा और हमलावरों को उनके इस गुनाह के लिए पछतावा कराएगा.
ईरान और अमेरिका के बीच जबसे तनाव शुरू हुआ है, तबसे ही ऐसी चर्चा है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अंडरग्राउंड हो गए हैं. इस बीच ईरान ने नेशनल सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल की एक तस्वीर जारी की है, जिसमें खामेनेई बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं.
ईरान और इजरायल के बीच जंग पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार की ओर से सिर्फ एडवाइजरी जारी की गई है, लेकिन हमारे 10 हजार भारतीय इजरायल में हैं और 50 हजार लोग ईरान में फंसे हुए हैं. एक करोड़ लोग खाड़ी देशों में हैं. उनको सुरक्षित वापस लाया जाए. प्रधानमंत्री वहां गए हैं, लेकिन इससे भारत का हित क्या सधा?
इजरायल के हमलों की जवाबी कार्रवाई के बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया है. ईरान ने यूएन से इस युद्ध में दखल देने की मांग की है.
इजरायल के एक मिलिट्री प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि उनका देश ईरान पर हमले करने में अमेरिका के साथ शामिल हो गया है क्योंकि तेहरान सरकार 'इजरायल, मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया के लिए एक असली खतरा' बन गई है. ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने एक बयान में कहा, 'बड़े, जॉइंट और कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन' का मकसद 'ईरानी आतंकवादी सरकार और उसकी क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाना' है.
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