दोहा की राजधानी कतर में सोमवार (15 सितंबर, 2025) से इजरायल की ओर से दोहा पर किए गए हमलों की चर्चा के लिए 50 से अधिक मुस्लिम देश एकत्रित होने वाले हैं. अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, जब हमास के सदस्य दोहा (कतर) में अपने ऑफिस में एक अहम बैठक कर रहे थे, जिसमें वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा युद्ध खत्म करने के लिए दिए गए समझौते पर चर्चा कर रहे थे, उसी वक्त इजरायल ने मिसाइल हमला कर दिया.
यह हमला ऐसे समय हुआ, जब कुछ ही घंटे पहले इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा था कि इजरायल ने ट्रंप का शांति प्रस्ताव मान लिया है. इस प्रस्ताव के तहत, इजरायल गाजा में हमास के कब्जे में रखे गए 48 बंधकों को छोड़ने के बदले, अपने यहां बंद फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा और युद्धविराम लागू होगा.
हवाई हमले में हमास के 5 सदस्यों की मौत
वहीं इजरायल के अनुसार, ये हमले हमास नेतृत्व को निशाना बनाकर किए गए थे, जिससे पूरे क्षेत्र और उसके बाहर भय का माहौल है. हवाई हमले में हमास के 5 सदस्य और एक कतरी सुरक्षा अधिकारी मारे गए. हालांकि इससे हमास नेतृत्व का सफाया नहीं हुआ. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने गुरुवार को इस हमले की सर्वसम्मति से निंदा की.
कतर ने अरब-इस्लामी शिखर सम्मेलन से पहले सोमवार को एक आपातकालीन अरब और इस्लामी देशों के नेताओं को बैठकों में आमंत्रित किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद बिन मोहम्मद अल-अंसारी ने कतर समाचार एजेंसी (QNA) को बताया, 'इस शिखर सम्मेलन में इजरायली हमलों को लेकर प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जो इजरायल की ओर से फैलाए जा रहे आतंकवाद से लड़ने की ओर अग्रसर होगा.'
इजरायल के हमलों का कतर देगा जवाब
न्यूयॉर्क में डोनाल्ड ट्रम्प से शुक्रवार (12 सितंबर, 2025) को मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जसीम अल थानी ने कहा कि कतर इस हमले का सामूहिक जवाब देगा और चेतावनी दी कि इसने पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल दिया है. देखा जाए तो कतर ने ऐतिहासिक रूप से मध्यस्थता की भूमिका निभाई है और गाजा और इजरायल के बीच युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों को बढ़ावा दिया है.
अल जजीरा रिपोर्ट के अनुसार, दोहा में होने वाले इस बैठक में 57 सदस्यीय इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) और 22 सदस्यीय अरब लीग के नेताओं के भाग लेने की उम्मीद है, जिनमें ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम भी शामिल होंगे.
'संयुक्त अभियान दल' बनाना जरूरी
ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने शनिवार को कहा कि हमें इजरायल के इस पागलपन के खिलाफ एक 'संयुक्त अभियान दल' बनाना चाहिए. हालांकि इस बैठक में कौन-कौन से देश के प्रमुख शामिल होंगे, इसकी पुष्टि नहीं हुई है.
इस शिखर सम्मेलन में उम्मीद है कि इजरायल के खिलाफ सख्त शब्दों में एक बयान जारी किया जाएगा और यह भी तय किया जाएगा कि इजरायली हमलों से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएं. फिलहाल इजरायल का सैन्य अभियान गाजा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वह ईरान, सीरिया, लेबनान और यमन तक फैल चुका है.
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