अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध को कई महीने हो चुके हैं मगर अभी तक ये खत्म नहीं हुआ है. दोनों देश इसे खत्म करना चाहते हैं लेकिन पहले अपनी शर्ते मनवाना चाहते हैं. अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि न्यूयॉर्क में चरणबद्ध (phased) समझौते पर चर्चा कर रहे हैं. इस योजना के तहत अगर अमेरिका ईरान पर लगाई आर्थिक नाकेबंदी (blockade) हटाता है तो ईरान अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए जरुरी 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' समुद्री मार्ग को दोबारा खोल सकता है.

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सूत्रों के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच सबसे बड़ा विवाद इस बात को लेकर है कि पहले कदम कौन उठाएगा. कोई भी देश अपनी सबसे बड़ी ताकत को पहले नहीं छोड़ना चाहता.

क्या हैं ईरान और अमेरिका की मांगईरान की मांग है कि अमेरिका पहले अपनी आर्थिक पाबंदियां हटाए, जिससे ईरान के जब्त पैसे वापस मिल सकें. वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान पहले हॉर्मुज जलमार्ग को जहाजों की आवाजाही के लिए खोले.

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युद्ध के लिए तैयार ईरानईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संयुक्त राष्ट्र (UN) बैठक के दौरान कहा कि वे कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे युद्ध के लिए भी तैयार हैं. उनका कहना था, "हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं. अमेरिका की अत्यधिक मांगों के कारण बातचीत के सफल होने की उम्मीद बहुत कम है.

खबर के अनुसार, ईरान हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाने की अपनी जिद को फिलहाल टालने के लिए तैयार दिख रहा है. खाड़ी देशों ने ईरान के इस टैक्स का कड़ा विरोध किया है. ईरान भले ही टैक्स वसूलने की मांग को अभी टाल दे, लेकिन वह इस समुद्री मार्ग पर अपना प्रशासनिक नियंत्रण नहीं छोड़ना चाहता.

आर्थिक दबाव बढ़ रहा हैखाड़ी देशों के नेताओं ने न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. उन्होंने ईरान के हॉर्मुज पर नियंत्रण का विरोध किया, जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही बहाल करने की मांग की और अमेरिकी रणनीति को स्पष्ट करने को कहा. पश्चिमी राजनयिकों का मानना है कि हॉर्मुज जलमार्ग को खोलना ही सबसे बड़ा मुद्दा है, क्योंकि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से दुनिया भर में आर्थिक दबाव बढ़ रहा है.

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