ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम सलामी के कार्यक्रम से एक दिन पहले तेहरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है. ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा है कि अगर अमेरिका और इजरायल पिछले महीने वाशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन का सम्मान नहीं करते हैं तो ईरान उचित जवाब देगा. बेलारूस संसद के स्पीकर के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान समझौतों को पूरी तरह लागू करने की मांग करेगा.

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ईरान की यूएस और इजरायल को चेतावनी

सरकारी मीडिया आउटलेट आईएसएनए के अनुसार, मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने उन्होंने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि अगर वे अपने वादों को पूरा नहीं करते हैं तो ईरान भी उनके खिलाफ उसी तरह के कदम उठाना फिर से शुरू कर देगा. इसके साथ ही गालिबाफ का दावा है कि अमेरिका को अब यह समझ आ गया है कि वह ईरान से सैन्य तौर पर नहीं जीत सकता.

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नेतन्याहू ने खुद को किया था डील से दूर

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक इस समझौते में इजरायल शामिल नहीं था और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद को इससे दूर कर लिया है. हालांकि समझौते की शर्तों के अनुसार यह अमेरिका, ईरान और उनके सभी सहयोगियों पर लागू होता है, जिसका मकसद जंग को हमेशा के लिए खत्म करना है. इजरायली अधिकारी इस समझौते का कड़ा विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनका मानना है कि इससे युद्ध का मुख्य मकसद पूरा नहीं होता. इजरायल का मकसद ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना और वहां की सरकार को गिराना है.

खामेनेई के अंतिम सलामी का कार्यक्रम

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का अंतिम संस्कार 4 जुलाई से 9 जुलाई 2026 के बीच आयोजित किया जा रहा है. तेहरान में 4 और 5 जुलाई को ग्रैंड इमाम खुमैनी मुसल्ला में अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि समारोह रखा गया है. इसके बाद 6 जुलाई को अंतिम यात्रा निकाली जाएगी. वहीं खामेनेई के पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में दफन किया जाएगा. विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत की तरफ से बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ईरान जाएंगे.

ईरानी विदेश मंत्री ने इजरायल को चेताया

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बुधवार (1 जुलाई 2026) को कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते (MoU) के तहत यूएस की ये जिम्मेदारी है कि वह इजरायल को रोके और उसे ईरान को धमकी देने से रोके. इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि ईरान से सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई मौत के निशाने पर हैं. उन्होंने ये भी कहा था कि इजारयल ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा चाहे अमेरिका और ईरान के बीच कोई भी समझौता क्यों न हो जाए.