ईरान में महंगाई और गिरती करेंसी को लेकर दो हफ्ते से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. गुरुवार (8 जनवरी) की रात प्रदर्शन और उग्र हो गए, जब ईरान से निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से घरों से बाहर निकलकर इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन की अपील की.
रेजा पहलवी की अपील के बाद बड़ी तादाद में लोग सड़कों पर उतरे. इसी बीच ईरानी सरकार ने सड़कें खाली कराने के लिए सुरक्षाबलों को उतार दिया है. बताया जा रहा है कि ईरान के कम से कम 50 शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं. लोग सड़कों पर निकलकर ईरानी शासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं.
रेजा पहलवी के समर्थन में नारेसबसे खास बात ये है कि प्रदर्शनों के दौरान रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए जा रहे हैं, जबकि अब तक यहां शाह के समर्थन में नारेबाजी करने पर मौत की सजा मिलती थी. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार अब तक प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में 39 लोगों की जानें गई हैं, जबकि 2,260 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहाइस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी लोगों का समर्थन करते हुए कहा कि अगर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई तो हम नहीं छोड़ेंगे. 1979 की इस्लामिक क्रांति से ठीक पहले ईरान के तत्कालीन शाह मोहम्मद रेजा पहलवी अमेरिका भाग गए थे. उनके बेटे और क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी अब भी अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं.
रेजा पहलवी ने क्या कहानिर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने लोगों से सड़कों पर उतरकर इस्लामिक रिपब्लिक का विरोध करने की अपील की. पहलवी ने एक बयान में कहा कि ईरान पर दुनिया की नजरें हैं. सड़कों पर उतरें और एक होकर अपनी मांगों को जोर से उठाएं. मैं इस्लामिक रिपब्लिक, उसके नेता और रिवॉल्यूशनरी गार्ड को चेतावनी देता हूं कि दुनिया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आप पर करीब से नजर रख रहे हैं. लोगों पर जुल्म का जबाव जरूर दिया जाएगा.
स्थानीय लोगों ने बताया कि पहलवी की अपील के बाद गुरुवार रात को जैसे ही 8 बजे लोग सड़कों पर आए. प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए. दूसरी तरफ शाह के समर्थन में ये आखिरी लड़ाई है, पहलवी वापस आएंगे जैसे नारे भी लगाए गए.
इंटरनेट सेवा बंद ईरानी शासन ने हालात बेकाबू होते देख इंटरनेट सेवा बंद कर दी है और टेलीफोन लाइनें भी काट दी हैं. इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप नेट ब्लॉक्स ने कहा कि लाइव डेटा से पता चला है कि कई सर्विस प्रोवाइडर्स में कनेक्टिविटी ठप हो गई है, जिससे देश में कई इलाके ऑफलाइन हो गए हैं.
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